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अब लघु सचिवालय में लगेगी चौ. छोटूराम की प्रतिमा
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
Updated Sat, 12 Dec 2015 01:43 AM IST
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पिछले साढ़े 3 साल से जगह तलाश रही दीनबंधु चौ. छोटूराम की प्रतिमा अब लघु सचिवालय के पार्क में लगाने पर सहमति हुई है।
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शुक्रवार को प्रतिमा के अनावरण को लेकर कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने रुचि ली। उन्होंने डीसी को इस संबंध में कार्रवाई के लिए लिखा है। अब छोटूराम मिशन से जुड़े गणमान्य व्यक्ति सोमवार को इस मामले में डीसी से मुलाकात करेंगे। पिछली बार की तरह कोई अड़चन न आयी तो तय है कि 9 जनवरी को पुण्यतिथि के मौके पर लघु सचिवालय पार्क में मंत्री धनखड़ के हाथों प्रतिमा का अनावरण होगा। समिति ने भी इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी है।
दीनबंधु चौ. सर छोटूराम मिशन के पदाधिकारियों प्रधान डॉ. जितेंद्र गुलिया, भाकियू नेता जगदीश निमाणा, 360 खाप झज्जर के प्रधान गजराज पहलवान, पूर्व सरपंच जयसिंह, रमेश मल्हाण, राव ओमप्रकाश, राव राजेंद्र व सहयोगियों ने शुक्रवार को गांव निमाणा में पहुंचे कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ से चौ. छोटूराम की प्रतिमा के अनावरण को लेकर बातचीत की।
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उन्होंने बाद में बताया कि कृषि मंत्री ने 9 जनवरी को छोटूराम की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा के अनावरण का निमंत्रण स्वीकारा। साथ ही समिति की ओर से दिए गए ज्ञापन पर डीसी के नाम कार्रवाई के लिए नोट लिखा। समिति अब इसे लेकर सोमवार को डीसी से मुलाकात कर आगामी कार्रवाई तय करेगी।
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इसके बाद समिति पदाधिकारियों ने राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में जाकर वहां बंद कमरे में रखी चौ. छोटूराम की प्रतिमा का अवलोकन किया। प्रतिमा ठीक हालत में बताई गई।
अमर उजाला ने उठाया मामला
दीनबंधु चौ. छोटूराम की प्रतिमा के अनावरण में बार-बार आ रही अड़चन के मामले को अमर उजाला ने 9 दिसंबर के माई सिटी अंक में प्रमुखता से उठाया था। इसमें चौ. छोटूराम जहां पढ़े, वहीं उनकी स्मृति के लिए जगह नहीं और स्मृति स्थल के लिए टकराव की तैयारी शीर्षक से छपे समाचार में पूरे मामले की जानकारी पाठकों तक पहुंचाई गई।
इसी दिन शहीद राव तुलाराम की जयंती में पहुंचे कृषि मंत्री को दीनबंधु चौ. सर छोटूराम मिशन के पदाधिकारियों ने अमर उजाला की प्रति सौंप कर प्रतिमा के अनावरण में सहयोग मांगा था।
मंत्री ने इस दौरान पूरी खबर को पढ़ा और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था। अब इसके दो दिन बाद ही मंत्री धनखड़ ने प्रतिमा को लघु सचिवालय के पार्क में स्थापित करने और इसके अनावरण के लिए कार्यक्रम में पहुंचने की हामी भर दी है।
स्कूल में राजनीति, हुए बाहर
मिशन का इरादा था कि चौ. छोटूराम की प्रतिमा उस राजकीय स्कूल में लगाई जाए, जहां वे तीन साल तक पढ़े। इसके लिए 9 जनवरी की तिथि फाइनल होने के बाद वीरवार को मिशन पदाधिकारी स्कूल पहुंचे और प्रिंसिपल से मुलाकात कर प्रतिमा की वहां स्थापना की इच्छा जताई।
आरोप है कि मिशन पदाधिकारियों के सामने प्रिंसिपल ने कुछ ऐसी बातें रखी, जिससे कि स्कूल में जाति पाति व राजनीति चालों को बढ़ावा मिलता। मिशन के पदाधिकारियों ने मामले को समझा और तय किया कि प्रतिमा स्कूल की बजाय लघु सचिवालय में पार्किंग के साथ वाले पार्क में लगाई जाए। इसी का प्रस्ताव शुक्रवार को कृषि मंत्री धनखड़ के सामने रखा गया, जिस पर उन्होंने डीसी को कार्रवाई के आदेश दिए।
यह है मामला
गढ़ी सांपला में जन्मे चौ. छोटू राम का झज्जर से विशेष जुड़ाव रहा है। वे कक्षा 6 से 8 तक यहां राजकीय ब्वॉज सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़े हैं। शहर व स्कूल में किसानों के मसीहा रहे छोटूराम की स्मृति धूमिल न हो इसके लिए प्रो. हरिसिंह ने स्कूल के पास उनकी प्रतिमा लगाने की ठानी।
इसके लिए 9 अप्रैल, 2012 का दिन चुना गया। इस दिन छोटूराम को वर्ष 1944 में रहबरे आजम का खिताब दिया गया था। इसके लिए तत्कालीन सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की कार्यक्रम में शामिल होने की स्वीकृति मिली तो कार्यक्रम से मात्र 3 दिन पहले जयपुर से 2.50 लाख रुपये की लागत से चौ. छोटूराम की 6 फुट की प्रतिमा रातों रात तैयार कराई गई।
प्रतिमा स्थापित होने के कार्यक्रम से एक दिन पहले ही सीएम का कार्यक्रम टल गया। बाद में कई बार छोटूराम की प्रतिमा की स्थापना के प्रयास हुए, लेकिन वे सिरे नहीं चढ़े। साढ़े 3 साल से ज्यादा समय से दीनबंधु चौ. छोटूराम की प्रतिमा यहां स्कूल के कमरे में ताले के भीतर रखी है।
उनकी प्रतिमा की स्थापना कराने के प्रयासों में लगे प्रो. हरिसिंह का भी 7 अक्तूबर 2013 को निधन हो गया। अब उनके इस सपने को दीनबंधु चौ. सर छोटूराम मिशन पूरा करने के प्रयास में लगा है।