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1500 करोड़ से बने केएमपी पर पानी निकासी व्यवस्था नहीं, बनाया जुगाड़

Thu, 01 Aug 2019 12:51 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 01 Aug 2019 12:51 AM IST
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no dranage system on 1500 crores kmp
केएमपी एक्सप्रेस-वे के किनारे भरा बारिश का पानी। - फोटो : Bahadurgarh
कहते हैं न कि पानी अपना रास्त खुद बनाता है। कुछ ऐसा ही नजारा आपको 1500 करोड़ की लगात से बने कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) पर भी देखने को मिल सकता है। केएमपी के पहले मानसून में जगह-जगह पानी भरने से कटाव होना शुरू हो गया है। जो वाहन चालकों के लिए जान का खतरा साबित हो सकते हैं। ऐसा तब है जब इसका उद्घाटन खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नौ माह पहले किया था।
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पानी निकासी के लिए भी नहीं है पर्याप्त व्यवस्था: केेएमपी के पहले मानसून पर एक्सप्रेसवे की हालत देखते ही बनती है। एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह पानी भरे होने से यह बात तो स्पष्ट हो जाती है कि वाहन चालकों की सुविधा के लिए बनाए गए केएमपी पर लोगों की जान की परवाह नहीं है। पानी भरे होने से रोड पर काटव तो शुरू हो गया है, साथ ही केएमपी पर कई जगह लगभग पांच से आठ फुट तक के गड्ढे हो चुके हैं। हालांकि इस बावत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि केएमपी पर जो भी नुकसान हो रहा है उसे जल्द से जल्द ठीक करवाने के लिए कंपनी को बोला गया है, ताकि वाहन चालकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
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जुगाड़ से की जा रही पानी की निकासी: बारिश के दौरान केएमपी पर जलभराव से बचने के लिए जुगाड़ का इस्तेमाल किया जा रहा है। बता दें कि एक्सप्रेसवे के बीच में बनाए गए डिवाइडर पर जगह-जगह सीमेंट की नालियां टुकड़ों में रखी गई हैं। हालांकि पानी निकासी के लिए जुगाड़ की गई यह व्यवस्था तेज बारिश में केएमपी के लिए और ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है। कर्मचारियों ने जिस तरह से एक्सप्रेस-वे पर पानी निकासी के लिए जुगाड़ व्यवस्था की है उससे एक्सप्रेसवे पर सड़क के ही धंसने के संकेत मिल रहे हैं।
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डाबोदा फ्लाईओवर पर नहीं बना है डिवाइडर: बादली से रोहतक की तरफ आते वक्त डाबोदा फ्लाईओवर पर कुछ दूरी तक डिवाइडर तो बनाया गया है लेकिन पुल का कुछ हिस्सा अधूरा ही छोड़ दिया गया है। एक्सप्रेस-वे की ऐसी हालत में अगर कोई भी वाहन असंतुलित होकर नीचे गिरता है तो वह फ्लाईओवर के नीचे से गुजर रही झज्जर रोड पर आ जाएगा। जिससे केएमपी के साथ झज्जर रोड का ट्रैफिक भी प्रभावित होगा।
जाखोदा फ्लाईओवर पर दिखने लगी सरिया: बहादुरगढ़ की तरफ से केएमपी पर जाते समय जगह-जगह सड़क खराब और टूटी हुई हैं। कई जगहों पर सड़क धंस गई है। फ्लाईओवर के ऊपर चढ़ते ही एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता का पता चलता है। केएमपी के पहले मानसून में एक्सप्रेव-वे की गुणवत्ता की पोल खोल कर रख दी है। एक्सप्रेववे से गुजरने वाले वाहन चालकों का कहना है कि सरकार ने जिस तरह से गुणवत्ता पूर्वक सड़क बनवाने का काम किया है वह बारिश में दिखने लगा है। केएमपी से गुजरने वाले वाहन चालक आकाश ने बताया कि सरकार ने श्रेय लेने के लिए जल्दबाजी में सड़क का उद्घाटन तो कर दिया लेकिन उसकी पूरी देखरेख नहीं कर पा रही है।

हो रहा है सुधार: बारिश के दौरान केएमपी एक्सप्रेसवे पर जो भी नुकसान हुआ है या हो रहा है। उन्हें दुरुस्त करने के लिए ठेका कंपनी को सख्त हिदायत दी गई है। साथ ही कंपनी को यह भी कहा गया है कि एक्सप्रेस-वे के काम में तेजी लाएं जिससे वाहन चालकों को परेशानी न उठानी पड़े।
- सुरेंद्र देशवाल, सीनियर मैनेजर, एचएसआईआईडीसी।
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