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Jhajjar-Bahadurgarh News: धारूहेड़ा में नमो भारत का स्टेशन बनाने के लिए एनसीआरटीसी ने मांगी जमीन
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फोटो : 1दिल्ली जयपुर हाईवे धारूहेड़ा। संवाद
- फोटो : credit
रेवाड़ी। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) अब नमो भारत ट्रेन परियोजना के तहत धारूहेड़ा में स्टेशन निर्माण की तैयारी में जुट गया है।
लगभग पांच एकड़ भूमि पर बनने वाले इस स्टेशन को लेकर एनसीआरटीसी ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) और हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एचएसआईआईडीसी) से जमीन उपलब्ध करवाने का आग्रह किया है।
प्रस्तावित स्टेशन दिल्ली-जयपुर हाईवे पर बनाया जाएगा जहां दोनों दिशाओं से यात्रियों के लिए प्रवेश और निकासी की सुविधा होगी। एनसीआरटीसी की योजना के अनुसार यह स्टेशन अरावली पर्वतमाला के समीप बनाया जाएगा। प्रस्तावित भूमि में से करीब तीन एकड़ जमीन एचएसआईआईडीसी के अधीन है जबकि दो एकड़ जमीन एचएसवीपी के पास है।
पहले इस स्टेशन के लिए केवल चार एकड़ भूमि की आवश्यकता बताई गई थी लेकिन अब मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन के तहत इसे विकसित करने की योजना के कारण अतिरिक्त एक एकड़ जमीन की जरूरत होगी। इस वजह से स्टेशन की नई योजना तैयार कर संबंधित विभागों को जमीन उपलब्ध करवाने का अनुरोध भेजा गया है।
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स्टेशन के पास दमकल केंद्र (फायर स्टेशन) भी बनाया जाएगा ताकि आपात स्थिति में तत्काल सहायता मिल सके। इस दमकल केंद्र तक स्टेशन से नौ मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा, स्टेशन को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यह भविष्य में आने वाले परिवहन साधनों मेट्रो, बस या ई-रिक्शा से आसानी से जुड़ सके।
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भू-तकनीकी सर्वेक्षण पूरा हो चुका
एनसीआरटीसी ने जानकारी दी है कि गुरुग्राम से फरीदाबाद होते हुए ग्रेटर नोएडा तक प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर के लिए भू-तकनीकी सर्वेक्षण का कार्य पूरा हो चुका है। अब इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए एक कंपनी को कार्य सौंपा जा चुका है। यह कॉरिडोर लगभग 65 किलोमीटर लंबा होगा जो दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को जोड़ने का काम करेगा।
इस कॉरिडोर पर पहला स्टेशन गुरुग्राम के इफ्को चौक के समीप तैयार किया जाएगा। वहीं सेक्टर-54 गोल्फ कोर्स रोड, झाड़सा, सेक्टर-33 और हीरो होंडा चौक के पास भी स्टेशन बनाए जाएंगे। इफ्को चौक स्टेशन के लिए लगभग आठ एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी जिसमें सात एकड़ मुख्य स्टेशन के लिए और एक एकड़ प्रवेश-निकासी क्षेत्र के लिए निर्धारित की जाएगी।
इसी तरह झाड़सा में डेढ़ एकड़, सेक्टर-33 में आधा एकड़ और हीरो होंडा चौक के पास करीब दो एकड़ भूमि की जरूरत होगी।
आसपास के इलाकों के विकास में निभाएगा भूमिका
नमो भारत ट्रेन का यह नेटवर्क दिल्ली-जयपुर हाईवे के आसपास के इलाकों के विकास में केंद्रीय भूमिका निभाएगा। स्टेशन और डिपो के निर्माण से क्षेत्र में निवेश, रियल एस्टेट, परिवहन और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
कुल मिलाकर, धारूहेड़ा स्टेशन का निर्माण न केवल इस इलाके की यातायात व्यवस्था को नया आयाम देगा बल्कि यह दिल्ली-जयपुर कॉरिडोर पर एक प्रमुख मल्टीमॉडल ट्रांजिट हब के रूप में उभरेगा।
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आरआरटीएस प्रोजेक्ट के तहत बनाया जा रहा है कॉरिडोर
दिल्ली से हरियाणा और राजस्थान को रैपिड रेल से जोड़ने के लिए भारत सरकार दिल्ली से अलवर के बीच रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) प्रोजेक्ट के तहत कॉरिडोर बनाया जा रहा है। इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार ने एनसीआरटीसी कंपनी को दी है। इस पर लगातार काम किया जा रहा है। कॉरिडोर नेशनल हाईवे (एनएच)-48 के साथ-साथ बनाया जा रहा है जहां एचवीपीएनएल हाई वोल्टेज लाइन के तार बाधा बन रहे थे। इसलिए उन तारों की ऊंचाई बढ़ाकर 31 मीटर कर दी गई है। इससे रैपिड रेल कॉरिडोर आसानी से बन सकेगा। जयपुर से दिल्ली की दिशा में आने वाले यात्रियों के लिए यह स्टेशन अरावली क्षेत्र के समीप एक बड़ा ट्रांजिट हब बनेगा। इससे रेवाड़ी, धारूहेड़ा, भिवाड़ी और गुरुग्राम तक का क्षेत्र तेजी से कनेक्टिविटी के दायरे में आएगा।
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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम की तरफ से आरआरटीएस प्रोजेक्ट को लेकर जमीन की डिमांड आई है। फिलहाल इसके लिए एचएसवीपी की तरफ से कार्य शुरू कर दिया गया है। जमीन की डिमांड धारूहेड़ा के लिए हमारे पाई आई है। -दीपक, ईओ, एचएसवीपी
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लगभग पांच एकड़ भूमि पर बनने वाले इस स्टेशन को लेकर एनसीआरटीसी ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) और हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एचएसआईआईडीसी) से जमीन उपलब्ध करवाने का आग्रह किया है।
प्रस्तावित स्टेशन दिल्ली-जयपुर हाईवे पर बनाया जाएगा जहां दोनों दिशाओं से यात्रियों के लिए प्रवेश और निकासी की सुविधा होगी। एनसीआरटीसी की योजना के अनुसार यह स्टेशन अरावली पर्वतमाला के समीप बनाया जाएगा। प्रस्तावित भूमि में से करीब तीन एकड़ जमीन एचएसआईआईडीसी के अधीन है जबकि दो एकड़ जमीन एचएसवीपी के पास है।
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पहले इस स्टेशन के लिए केवल चार एकड़ भूमि की आवश्यकता बताई गई थी लेकिन अब मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन के तहत इसे विकसित करने की योजना के कारण अतिरिक्त एक एकड़ जमीन की जरूरत होगी। इस वजह से स्टेशन की नई योजना तैयार कर संबंधित विभागों को जमीन उपलब्ध करवाने का अनुरोध भेजा गया है।
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स्टेशन के पास दमकल केंद्र (फायर स्टेशन) भी बनाया जाएगा ताकि आपात स्थिति में तत्काल सहायता मिल सके। इस दमकल केंद्र तक स्टेशन से नौ मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा, स्टेशन को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यह भविष्य में आने वाले परिवहन साधनों मेट्रो, बस या ई-रिक्शा से आसानी से जुड़ सके।
भू-तकनीकी सर्वेक्षण पूरा हो चुका
एनसीआरटीसी ने जानकारी दी है कि गुरुग्राम से फरीदाबाद होते हुए ग्रेटर नोएडा तक प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर के लिए भू-तकनीकी सर्वेक्षण का कार्य पूरा हो चुका है। अब इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए एक कंपनी को कार्य सौंपा जा चुका है। यह कॉरिडोर लगभग 65 किलोमीटर लंबा होगा जो दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को जोड़ने का काम करेगा।
इस कॉरिडोर पर पहला स्टेशन गुरुग्राम के इफ्को चौक के समीप तैयार किया जाएगा। वहीं सेक्टर-54 गोल्फ कोर्स रोड, झाड़सा, सेक्टर-33 और हीरो होंडा चौक के पास भी स्टेशन बनाए जाएंगे। इफ्को चौक स्टेशन के लिए लगभग आठ एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी जिसमें सात एकड़ मुख्य स्टेशन के लिए और एक एकड़ प्रवेश-निकासी क्षेत्र के लिए निर्धारित की जाएगी।
इसी तरह झाड़सा में डेढ़ एकड़, सेक्टर-33 में आधा एकड़ और हीरो होंडा चौक के पास करीब दो एकड़ भूमि की जरूरत होगी।
आसपास के इलाकों के विकास में निभाएगा भूमिका
नमो भारत ट्रेन का यह नेटवर्क दिल्ली-जयपुर हाईवे के आसपास के इलाकों के विकास में केंद्रीय भूमिका निभाएगा। स्टेशन और डिपो के निर्माण से क्षेत्र में निवेश, रियल एस्टेट, परिवहन और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
कुल मिलाकर, धारूहेड़ा स्टेशन का निर्माण न केवल इस इलाके की यातायात व्यवस्था को नया आयाम देगा बल्कि यह दिल्ली-जयपुर कॉरिडोर पर एक प्रमुख मल्टीमॉडल ट्रांजिट हब के रूप में उभरेगा।
आरआरटीएस प्रोजेक्ट के तहत बनाया जा रहा है कॉरिडोर
दिल्ली से हरियाणा और राजस्थान को रैपिड रेल से जोड़ने के लिए भारत सरकार दिल्ली से अलवर के बीच रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) प्रोजेक्ट के तहत कॉरिडोर बनाया जा रहा है। इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार ने एनसीआरटीसी कंपनी को दी है। इस पर लगातार काम किया जा रहा है। कॉरिडोर नेशनल हाईवे (एनएच)-48 के साथ-साथ बनाया जा रहा है जहां एचवीपीएनएल हाई वोल्टेज लाइन के तार बाधा बन रहे थे। इसलिए उन तारों की ऊंचाई बढ़ाकर 31 मीटर कर दी गई है। इससे रैपिड रेल कॉरिडोर आसानी से बन सकेगा। जयपुर से दिल्ली की दिशा में आने वाले यात्रियों के लिए यह स्टेशन अरावली क्षेत्र के समीप एक बड़ा ट्रांजिट हब बनेगा। इससे रेवाड़ी, धारूहेड़ा, भिवाड़ी और गुरुग्राम तक का क्षेत्र तेजी से कनेक्टिविटी के दायरे में आएगा।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम की तरफ से आरआरटीएस प्रोजेक्ट को लेकर जमीन की डिमांड आई है। फिलहाल इसके लिए एचएसवीपी की तरफ से कार्य शुरू कर दिया गया है। जमीन की डिमांड धारूहेड़ा के लिए हमारे पाई आई है। -दीपक, ईओ, एचएसवीपी