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Jhajjar-Bahadurgarh News: नाग पंचमी आज, पूजन का शुभ मुहूर्त पूरे दिन
Fri, 09 Aug 2024 06:44 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 09 Aug 2024 06:44 AM IST
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काठमंडी स्थित शिव-हनुमान मंदिर।
बहादुरगढ़। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर आज नाग पंचमी पर्व मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन नाग देवता की पूजा करने से सुख-समृद्धि व ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। पंचमी तिथि की शुरुआत शुक्रवार की सुबह 8 बजकर 15 मिनट से शुरू होगी जो अगले दिन 10 अगस्त की सुबह 6 बजकर 9 मिनट तक रहेगी।
काठमंडी स्थित शिव-हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित सियाराम ने बताया कि नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा के लिए पूरे दिन शुभ मुहूर्त रहेगा। हालांकि, विशेष पूजन के लिए शुक्रवार दोपहर 12:13 से एक बजे तक का समय शुभ रहेगा। इसके अलावा 9 अगस्त को प्रदोष काल में शाम 6 बजकर 33 मिनट से रात 8:20 बजे तक नाग देवता की पूजा कर सकते हैं। इस दिन नाग देवता की पूजा करने से जीवन में कई तरह के ग्रह दोष दूर होते हैं। जिन लोगों की कुंडली में काल सर्प दोष है, उन्हें इस दिन नाग देवता की उपासना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है और दोष का प्रभाव कम हो जाता है।
इन नागों की पूजा का है विशेष महत्व
पंडित सियाराम के मुताबिक नाग पंचमी पर अनंत, वासुकी, शेष, पदम, कंबल, कर्कोटक, अश्वंतर, धृतराष्ट्र, शंखपाल, कालिया, तक्षक नाग की पूजा का विधान है। इस दिन नाग को दूध पिलाया जाता है। साथ ही दूध व धान का लावा चढ़ाने का महत्व है।
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ऐसे करें पूजा
- नाग पंचमी के दिन सूर्योदय से पहले स्नान करें।
- इसके बाद भगवान शिव के साथ-साथ नाग देवतीा की पूजा करें।
- नाग देवता को जल, अक्षत, नैवेद्य, पुष्प, दही, फल-फूल, मिठाई व दूध अर्पित करें।
- इसके बाद नाग देवता को दूध व धान का लावा अर्पित करें।
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काठमंडी स्थित शिव-हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित सियाराम ने बताया कि नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा के लिए पूरे दिन शुभ मुहूर्त रहेगा। हालांकि, विशेष पूजन के लिए शुक्रवार दोपहर 12:13 से एक बजे तक का समय शुभ रहेगा। इसके अलावा 9 अगस्त को प्रदोष काल में शाम 6 बजकर 33 मिनट से रात 8:20 बजे तक नाग देवता की पूजा कर सकते हैं। इस दिन नाग देवता की पूजा करने से जीवन में कई तरह के ग्रह दोष दूर होते हैं। जिन लोगों की कुंडली में काल सर्प दोष है, उन्हें इस दिन नाग देवता की उपासना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है और दोष का प्रभाव कम हो जाता है।
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इन नागों की पूजा का है विशेष महत्व
पंडित सियाराम के मुताबिक नाग पंचमी पर अनंत, वासुकी, शेष, पदम, कंबल, कर्कोटक, अश्वंतर, धृतराष्ट्र, शंखपाल, कालिया, तक्षक नाग की पूजा का विधान है। इस दिन नाग को दूध पिलाया जाता है। साथ ही दूध व धान का लावा चढ़ाने का महत्व है।
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ऐसे करें पूजा
- नाग पंचमी के दिन सूर्योदय से पहले स्नान करें।
- इसके बाद भगवान शिव के साथ-साथ नाग देवतीा की पूजा करें।
- नाग देवता को जल, अक्षत, नैवेद्य, पुष्प, दही, फल-फूल, मिठाई व दूध अर्पित करें।
- इसके बाद नाग देवता को दूध व धान का लावा अर्पित करें।