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मेरे तो हाथ बंधे हुए हैं, आप लोग हाईकोर्ट जाएं
ब्ययूराो/अमर उजाला / झज्जजर
Updated Wed, 20 Jan 2016 01:39 AM IST
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गांव साल्हावास में पंचायत चुनाव में हुई तथाकथित धांधली के विरोध में ग्रामीण मंगलवार को दूसरे दिन डीसी अनीता यादव से मिले और शिकायत की। डीसी ने शिकायत तो सुन ली, लेकिन जवाब दिया कि वे कुछ नहीं कर सकतीं। उनके हाथ बंधे हैं, आप हाईकोर्ट जाएं। ग्रामीण मायूस होकर लौट गए।
गांव साल्हावास में रविवार को मतदान हुआ था और वोटों की गिनती के बाद सुरेश देवी को 10 वोटों से सरपंच घोषित किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि मतदान में धांधली हुई है। मृतक व उन लोगों की वोट भी डाल दी गई जो कि गांव से बाहर थे। पूर्व सरपंच तकदीर सिंह, हारी प्रत्याशी रजनी के परिजनों और अन्य ग्रामीणों ने बुधवार को डीसी से मुलाकात की। ग्रामीणों ने पूरी बातें डीसी को बताई, लेकिन ग्रामीणों की उम्मीद टूट गई। उनको भरोसा था कि डीसी सुनवाई करेंगी, लेकिन डीसी अनीता यादव ने कहा कि ये उनके अधिकार क्षेत्र से आगे का मामला है। इसमें वे कुछ नहीं कर सकती। उनके हाथ बंधे हुए हैं। आप हाईकोर्ट जाएं।
डीसी से ऐसे करारे जवाब की उम्मीद ग्रामीणों को भी नहीं थी, इस वजह से वे भौचक्का रह गए। वे यह कहते हुए बाहर निकले कि मामले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। ग्रामीण दीपक कुमार ने बताया कि वे सोमवार को भी आए थे, लेकिन डीसी नहीं मिल सकी थी। मंगलवार का समय दिया गया था। मंगलवार सुबह ग्रामीण अपनी समस्या लेकर डीसी के पास पहुंचे तो उन्होंने कार्रवाई के नाम पर हाथ खड़े कर लिए।
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गांव साल्हावास में रविवार को मतदान हुआ था और वोटों की गिनती के बाद सुरेश देवी को 10 वोटों से सरपंच घोषित किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि मतदान में धांधली हुई है। मृतक व उन लोगों की वोट भी डाल दी गई जो कि गांव से बाहर थे। पूर्व सरपंच तकदीर सिंह, हारी प्रत्याशी रजनी के परिजनों और अन्य ग्रामीणों ने बुधवार को डीसी से मुलाकात की। ग्रामीणों ने पूरी बातें डीसी को बताई, लेकिन ग्रामीणों की उम्मीद टूट गई। उनको भरोसा था कि डीसी सुनवाई करेंगी, लेकिन डीसी अनीता यादव ने कहा कि ये उनके अधिकार क्षेत्र से आगे का मामला है। इसमें वे कुछ नहीं कर सकती। उनके हाथ बंधे हुए हैं। आप हाईकोर्ट जाएं।
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डीसी से ऐसे करारे जवाब की उम्मीद ग्रामीणों को भी नहीं थी, इस वजह से वे भौचक्का रह गए। वे यह कहते हुए बाहर निकले कि मामले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। ग्रामीण दीपक कुमार ने बताया कि वे सोमवार को भी आए थे, लेकिन डीसी नहीं मिल सकी थी। मंगलवार का समय दिया गया था। मंगलवार सुबह ग्रामीण अपनी समस्या लेकर डीसी के पास पहुंचे तो उन्होंने कार्रवाई के नाम पर हाथ खड़े कर लिए।
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