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Jhajjar-Bahadurgarh News: आईएएस बनकर लौटी मुस्कान डागर का सेहलंगा में सम्मान
Mon, 28 Jul 2025 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Mon, 28 Jul 2025 01:53 AM IST
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मुस्कान डागर का सम्मान करते ग्रामीण। स्रोत-परिजन
झज्जर (साल्हावास)। सेहलंगा गांव के किसान विकास डागर की बेटी मुस्कान आईएएस बनकर लौटी तो ग्रामीणों ने उसे सिर आंखों पर बैठाया। वह गुजरात के छोटा उदयपुर में एक दिन पहले ही आईएएस के पद पर नियुक्त होने के बाद रविवार को अपने गांव सेहलंगा लौटी थी। इस पर ग्रामवासियों व पंचायत की तरफ से स्वागत में समारोह का आयोजन किया गया था।
झज्जर विधायक गीता भुक्कल, विधायक सुनील सांगवान, विधायक उमेद पातुवास, पूर्व एसीपी राजवीर सिंह जाखड़, बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ के पुत्र आदित्य धनखड़, जिला परिषद चेयरमेन कप्तान सिंह बिरधाना, पार्षद शिव कुमार खोरडा, बद्दू पहलवान, सरपंच अशोक सेहलंगा आदि ने मुस्कान डागर को आशीर्वाद दिया। इस पर महिलाओं ने नृत्य किया और मंगल गीत गाए।
यूपीएससी परीक्षा में मिला था 72 वां स्थान
मुस्कान डागर को यूपीएससी की परीक्षा में 72 वां स्थान मिला था। मुस्कान ने कामयाबी दूसरे ही प्रयास में हासिल की है। पहले प्रयास में उसकी 474 वीं रैंक थी, लेकिन वह संतुष्ट नहीं थी। मुस्कान की सफलता में बैंक मैनेजर के पद से रिटायर्ड उसके दादा रामहेर सिंह डागर व पिता विकास डागर की प्रेरणा और साथ अहम रहा। मुस्कान डागर के आईएएस बनकर पैतृक गांव लौटने पर परिवार में खुशी का माहौल है। पूरे गांव को बेटी की कामयाबी पर नाज है।
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मुस्कान डागर ने बिना कोचिंग पाई सफलता
23 वर्ष की मुस्कान ने एपीजे स्कूल चरखी दादरी से 2015 में दसवीं और 2017 में 12वीं की परीक्षा पास की थी। दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से 2020 में ग्रेजुएशन की। कोरोना काल में लॉक डाउन लगने पर उसने अपने घर पर ही सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। मुस्कान ने बताया कि उसने पहले भी यूपीएससी परीक्षा दी थी, जिसमें उसकी 474वीं रैंक आई थी, लेकिन वह उस रैंक से संतुष्ट नहीं थी। उन्होंने बिना कोचिंग लिए घर पर ही इसकी दोबारा से तैयारी की। दूसरे प्रयास में 72 वां स्थान प्राप्त किया। मुस्कान ने बताया कि वह रोजाना लगभग 14 घंटे पढ़ाती थी। उसका कहना है कि यदि मन में कुछ करने की ठान लो और घर पर ही उसकी पूरी मेहनत से तैयारी कर लो तो किसी कोचिंग भी जरूरत भी नहीं होती।
माता पिता के सहयोग रहा सराहनीय
मुस्कान के पिता विकास डागर बीए पास हैं और एक एकड़ जमीन के मालिक हैं। वे जमीन माल बटाई में लेकर खेतीबाड़ी का काम करते हैं और उनकी माता प्रतिभा इतिहास विषय से एमए हैं और गृहिणी हैं। मुस्कान डागर के पिता विकास डागर ने बताया कि हिंदू लिटरेचर सोसाइटी के संपर्क में व दादा के सहयोग से ही मुस्कान ने यह उपलब्धि प्राप्त की है। मुस्कान के दादा रामहेर सिंह और दादी फूलवती देवी ने अपनी पोती मुस्कान को आशीर्वाद दिया। भाई दक्ष डागर एमबीए करके आगे की पढ़ाई कर रहे हैं।
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झज्जर विधायक गीता भुक्कल, विधायक सुनील सांगवान, विधायक उमेद पातुवास, पूर्व एसीपी राजवीर सिंह जाखड़, बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ के पुत्र आदित्य धनखड़, जिला परिषद चेयरमेन कप्तान सिंह बिरधाना, पार्षद शिव कुमार खोरडा, बद्दू पहलवान, सरपंच अशोक सेहलंगा आदि ने मुस्कान डागर को आशीर्वाद दिया। इस पर महिलाओं ने नृत्य किया और मंगल गीत गाए।
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यूपीएससी परीक्षा में मिला था 72 वां स्थान
मुस्कान डागर को यूपीएससी की परीक्षा में 72 वां स्थान मिला था। मुस्कान ने कामयाबी दूसरे ही प्रयास में हासिल की है। पहले प्रयास में उसकी 474 वीं रैंक थी, लेकिन वह संतुष्ट नहीं थी। मुस्कान की सफलता में बैंक मैनेजर के पद से रिटायर्ड उसके दादा रामहेर सिंह डागर व पिता विकास डागर की प्रेरणा और साथ अहम रहा। मुस्कान डागर के आईएएस बनकर पैतृक गांव लौटने पर परिवार में खुशी का माहौल है। पूरे गांव को बेटी की कामयाबी पर नाज है।
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मुस्कान डागर ने बिना कोचिंग पाई सफलता
23 वर्ष की मुस्कान ने एपीजे स्कूल चरखी दादरी से 2015 में दसवीं और 2017 में 12वीं की परीक्षा पास की थी। दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से 2020 में ग्रेजुएशन की। कोरोना काल में लॉक डाउन लगने पर उसने अपने घर पर ही सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। मुस्कान ने बताया कि उसने पहले भी यूपीएससी परीक्षा दी थी, जिसमें उसकी 474वीं रैंक आई थी, लेकिन वह उस रैंक से संतुष्ट नहीं थी। उन्होंने बिना कोचिंग लिए घर पर ही इसकी दोबारा से तैयारी की। दूसरे प्रयास में 72 वां स्थान प्राप्त किया। मुस्कान ने बताया कि वह रोजाना लगभग 14 घंटे पढ़ाती थी। उसका कहना है कि यदि मन में कुछ करने की ठान लो और घर पर ही उसकी पूरी मेहनत से तैयारी कर लो तो किसी कोचिंग भी जरूरत भी नहीं होती।
माता पिता के सहयोग रहा सराहनीय
मुस्कान के पिता विकास डागर बीए पास हैं और एक एकड़ जमीन के मालिक हैं। वे जमीन माल बटाई में लेकर खेतीबाड़ी का काम करते हैं और उनकी माता प्रतिभा इतिहास विषय से एमए हैं और गृहिणी हैं। मुस्कान डागर के पिता विकास डागर ने बताया कि हिंदू लिटरेचर सोसाइटी के संपर्क में व दादा के सहयोग से ही मुस्कान ने यह उपलब्धि प्राप्त की है। मुस्कान के दादा रामहेर सिंह और दादी फूलवती देवी ने अपनी पोती मुस्कान को आशीर्वाद दिया। भाई दक्ष डागर एमबीए करके आगे की पढ़ाई कर रहे हैं।