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Haryana Crime: अवैध लिंग जांच और गर्भपात का काम करने वाले मां-बेटा गिरफ्तार, पुलिस ने दर्ज किया केस
Sat, 26 Jul 2025 07:50 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी झज्जर
संवाद न्यूज एजेंसी झज्जर
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Sat, 26 Jul 2025 07:50 PM IST
सार
पीएनडीटी टीम झज्जर ने अवैध रूप से लिंग जांच एवं गर्भपात करने वाले गिरोह की मास्टरमाइंड डॉ. हेमलता और उसके बेटे को गिरफ्तार किया है।
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अवैध लिंग जांच मामले में मां और बेटा गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पीएनडीटी टीम झज्जर ने अवैध रूप से लिंग जांच एवं गर्भपात करने वाले गिरोह की मास्टरमाइंड डॉ. हेमलता और उसके बेटे को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। सिविल सर्जन झज्जर को मिली गुप्त सूचना के आधार पर जिला समुचित प्राधिकरण झज्जर ने एक टीम का गठन किया, जिसमें पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. संदीप कुमार, डॉ. आकृति हुड्डा, डॉ. हर्षदीप और विनोद कुमार शामिल रहे।
पुलिस उपायुक्त झज्जर जसलीन कौर ने पीएनडीटी सदस्यों के सहयोग के लिए एक टीम का गठन किया, जिसमें एसआई सतबीर, हेड कांस्टेबल रीना, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र एवं कांस्टेबल मीना शामिल रहे। टीम ने इस गिरोह का भंडाफोड़ करने के लिए एक मिथ्या ग्राहक को तैयार किया, जो चार महीने की गर्भवती है। 17 जुलाई को ग्राहक ने पीएनडीटी टीम के कहने पर डॉ. हेमलता को फोन किया। उसने कहा कि उसको पहले तीन लड़कियां हैं और उसको अब लड़का चाहिए। आपसे अल्ट्रासाउंड जांच करवानी है। कुछ देर बातचीत के बाद डॉ. हेमलता ने ग्राहक के साथ 55 हजार रुपये में लिंग जांच का सौदा तय किया। उसको पैसे लेकर अपने घर शिव कॉलोनी नजदीक बेरी गेट झज्जर बुलाया।
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पुलिस उपायुक्त झज्जर जसलीन कौर ने पीएनडीटी सदस्यों के सहयोग के लिए एक टीम का गठन किया, जिसमें एसआई सतबीर, हेड कांस्टेबल रीना, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र एवं कांस्टेबल मीना शामिल रहे। टीम ने इस गिरोह का भंडाफोड़ करने के लिए एक मिथ्या ग्राहक को तैयार किया, जो चार महीने की गर्भवती है। 17 जुलाई को ग्राहक ने पीएनडीटी टीम के कहने पर डॉ. हेमलता को फोन किया। उसने कहा कि उसको पहले तीन लड़कियां हैं और उसको अब लड़का चाहिए। आपसे अल्ट्रासाउंड जांच करवानी है। कुछ देर बातचीत के बाद डॉ. हेमलता ने ग्राहक के साथ 55 हजार रुपये में लिंग जांच का सौदा तय किया। उसको पैसे लेकर अपने घर शिव कॉलोनी नजदीक बेरी गेट झज्जर बुलाया।
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पीएनडीटी टीम ने ग्राहक को 55 हजार रुपये देकर हेमलता के घर भेजा। पैसे लेने के बाद हेमलता ने कहा कि तुम्हारा अल्ट्रासाउंड कल रात 8 बजे होगा, तब आ जाना। इसके बाद 18 जुलाई को हेमलता ने फोन करके कहा कि अल्ट्रासाउंड आज नहीं, कल होगा। फिर 19 और 20 जुलाई को भी मना किया और 22 जुलाई को बुलाया। 22 जुलाई को फिर से मना किया और 24 जुलाई को बुलाया। 24 जुलाई को कहा कि 25 जुलाई को रात साढ़े सात बजे आ जाना अल्ट्रासाउंड हो जाएगा।
इस तरह एक सप्ताह चक्कर कटवाने के बाद आखिरकार 25 जुलाई को डॉ. हेमलता ने ग्राहक का अपने निजी क्लीनिक पर आशीष सैनी उर्फ सुरेश नाम के व्यक्ति से अवैध लिंग जांच करवाई। आशीष नांगलोई से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन झज्जर लेकर आता है। अशीष सैनी और हेमलता ने ग्राहक को बताया कि तुम्हारे पेट में लड़की है। तुम कल आ जाना और इसकी सफाई कर देंगे। इसके 25 हजार रुपये लगेंगे। फिर हेमलता ने स्कूटी पर अपने बेटे विक्रम को बुलाया और उसकी मदद से ग्राहक को अपने घर ले आई। ग्राहक ने घर के पास खड़े पीएनडीटी टीम के सदस्यों को हाथ से इशारा किया।
इशारा पाकर टीम मेंबर्स हेमलता के घर पहुंचे। छानबीन के दौरान टीम को हेमलता के घर से गर्भपात की दवाइयां और औजार मिले। फिर टीम हेमलता और मिथ्या ग्राहक के साथ संगम क्लीनिक आई, लेकिन तब तक अवैध अल्ट्रासाउंड करने वाला व्यक्ति मशीन के साथ फरार हो चुका था। इसके बाद पीएनडीटी टीम ने डॉ. हेमलता, विक्रम एवं आशीष सैनी उर्फ सुरेश के खिलाफ पीसी पीएनडीटी, एमटीपी एवं भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाया। इस मामले में डॉ. हेमलता और विक्रम को गिरफ्तार कर लिया हैं।
इस तरह एक सप्ताह चक्कर कटवाने के बाद आखिरकार 25 जुलाई को डॉ. हेमलता ने ग्राहक का अपने निजी क्लीनिक पर आशीष सैनी उर्फ सुरेश नाम के व्यक्ति से अवैध लिंग जांच करवाई। आशीष नांगलोई से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन झज्जर लेकर आता है। अशीष सैनी और हेमलता ने ग्राहक को बताया कि तुम्हारे पेट में लड़की है। तुम कल आ जाना और इसकी सफाई कर देंगे। इसके 25 हजार रुपये लगेंगे। फिर हेमलता ने स्कूटी पर अपने बेटे विक्रम को बुलाया और उसकी मदद से ग्राहक को अपने घर ले आई। ग्राहक ने घर के पास खड़े पीएनडीटी टीम के सदस्यों को हाथ से इशारा किया।
इशारा पाकर टीम मेंबर्स हेमलता के घर पहुंचे। छानबीन के दौरान टीम को हेमलता के घर से गर्भपात की दवाइयां और औजार मिले। फिर टीम हेमलता और मिथ्या ग्राहक के साथ संगम क्लीनिक आई, लेकिन तब तक अवैध अल्ट्रासाउंड करने वाला व्यक्ति मशीन के साथ फरार हो चुका था। इसके बाद पीएनडीटी टीम ने डॉ. हेमलता, विक्रम एवं आशीष सैनी उर्फ सुरेश के खिलाफ पीसी पीएनडीटी, एमटीपी एवं भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाया। इस मामले में डॉ. हेमलता और विक्रम को गिरफ्तार कर लिया हैं।