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गांवों से आ चुका संदेश, कानून वापसी के बिना घर के दरवाजे बंद : राकेश टिकैत
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डीघल टोल प्लाजा पर धरने पर मौजूद किसान। संवाद
- फोटो : Jhjhar
सरकार के पास एक ही रास्ता है कि कानूनों को वापस ले। कानून वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं। सोमवार को जब आठवें दौर की बातचीत सरकार से हो रही थी तो हमने कहा था कि टीम का एक भी सदस्य सरकार की बात से सहमत होगा तो उसको कमेटी से निकाल दिया जाएगा। सरकार जल्द काननों को वापस ले अन्यथा उसे खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। गांवों से संदेश आ गया है कि कानून वापसी बगैर घर के दरवाजे बंद हैं। इसलिए सरकार को तीनों कानून वापस लेने होंगे। यह बात झज्जर-रोहतक राष्ट्रीय हाईवे डीघल टोल पर आंदोलन कर रहे किसानों को संबोधित करने के लिए भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कही।
हरियाणवीं कलाकर देव कुमार देवा कहा कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने के लिए गांव-गांव जाकर लोगों से अपील कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब किसान एकता की लहर चल चुकी है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत कृषि कानूनों को रद्द करे। भाकियू के सचिव डिंपी अहलावत ने कहा कि सरकार किसान आंदोलन को तोड़ने का प्रयास कर रही है, मगर यह आंदोलन टूटने वाला नहीं है। इस आंदोलन के दम पर किसान जीतकर आएंगे और तीनों कृषि कानूनों को रद्द करवा कर ही मानेंगे। आंदोलन को खराब करने के लिए असफल प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन किसान नेता वहां डटे हुए हैं। सरकार निजी कंपनियों के दबाव के चलते ये कानून रद्द नहीं कर रही है। मगर किसान सरकार की हठ के आगे झुकने वाला नहीं है। इस मौके पर पूर्व सरपंच मागेंराम, युवा किसान बिजेंद्र, दीपक, तेजबीर सिंह बाघपुर किसान आंदोलन संघर्ष समिति के प्रधान, सतीश अहलावत, अनिल, हंसराज आदि किसान मौजूद रहे। भारतीय किसान यूनियन के सचिव डिंपी अहलावत ने सभी किसान नेताओं का धन्यवाद किया।
11वें दिन रहा टोल फ्री, बारिश में डटे रहे किसान
डीघल टोल को 11वें दिन भी किसानों ने फ्री रखा। वहीं बारिश के दौरान भी किसान धरने पर डटे रहे। किसानों को जब इस बात का पता चला कि राकेश टिकैत धरनास्थल पर पहुंचेंग आसपास के गांवों से भी काफी संख्या में किसान धरनास्थल पर पहुंच गए।
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हरियाणवीं कलाकर देव कुमार देवा कहा कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने के लिए गांव-गांव जाकर लोगों से अपील कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब किसान एकता की लहर चल चुकी है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत कृषि कानूनों को रद्द करे। भाकियू के सचिव डिंपी अहलावत ने कहा कि सरकार किसान आंदोलन को तोड़ने का प्रयास कर रही है, मगर यह आंदोलन टूटने वाला नहीं है। इस आंदोलन के दम पर किसान जीतकर आएंगे और तीनों कृषि कानूनों को रद्द करवा कर ही मानेंगे। आंदोलन को खराब करने के लिए असफल प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन किसान नेता वहां डटे हुए हैं। सरकार निजी कंपनियों के दबाव के चलते ये कानून रद्द नहीं कर रही है। मगर किसान सरकार की हठ के आगे झुकने वाला नहीं है। इस मौके पर पूर्व सरपंच मागेंराम, युवा किसान बिजेंद्र, दीपक, तेजबीर सिंह बाघपुर किसान आंदोलन संघर्ष समिति के प्रधान, सतीश अहलावत, अनिल, हंसराज आदि किसान मौजूद रहे। भारतीय किसान यूनियन के सचिव डिंपी अहलावत ने सभी किसान नेताओं का धन्यवाद किया।
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11वें दिन रहा टोल फ्री, बारिश में डटे रहे किसान
डीघल टोल को 11वें दिन भी किसानों ने फ्री रखा। वहीं बारिश के दौरान भी किसान धरने पर डटे रहे। किसानों को जब इस बात का पता चला कि राकेश टिकैत धरनास्थल पर पहुंचेंग आसपास के गांवों से भी काफी संख्या में किसान धरनास्थल पर पहुंच गए।

डीघल टोल प्लाजा पर किसानों को संबोधित करते राकेश टिकैत। संवाद- फोटो : Jhjhar
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