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Jhajjar-Bahadurgarh News: साइकिलिंग में मीनाक्षी ने दो स्वर्ण पदक जीते
Fri, 22 Nov 2024 03:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 22 Nov 2024 03:14 AM IST
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21jjrp04- बेरी। साइकलिंग प्रतियोगिता की विजेता। स्त्रोत- परिजन
बेरी। वर्ष 2017 से साइकिलिंग प्रतियोगिता में पहचान बनाने वाली गांव दुबलधन की बेटी मीनाक्षी रोहिल्ला ने अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर सैकड़ों पदक जीतकर अपने देश का नहीं बल्कि जिले का नाम रोशन कर रही है। हाल की में हुई प्रतियोगिता में मीनाक्षी ने दो स्वर्ण पदक जीते हैं। गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया।
15 नवंबर से 19 नवंबर तक चेन्नई में हुई 76वीं सीनियर नेशनल ट्रैक साइकिलिंग चैंपियनशिप में मीनाक्षी रोहिल्ला ने 3 किलोमीटर में स्वर्ण पदक व 10 किलोमीटर में स्क्रैच रेस में स्वर्ण पदक जीतकर नाम रोशन किया। मीनाक्षी के पिता नरेंद्र रोहिल्ला बेरी के मेन बाजार में कपड़े की दुकान चलाते हैं। उनका बताया कि मीनाक्षी पहले दौड़ के लिए अभ्यास करती थी। इस दौरान पैर में चोट लगने के कारण अभ्यास छोड़ दिया था। अब करीब 7 साल से साइकिलिंग प्रतियाेगिता में भाग लेकर सैकड़ों पदक जीत चुकी हैं। मीनाक्षी ने पिछले वर्ष थाईलैंड में हुई एशिया कप खेलों साइक्लिंग प्रतियोगिता में एक साथ 4 स्वर्ण पदक जीत थे।
वहीं, अमृतसर में हुई साइकिलिंग प्रतियोगिता में भी 4 स्वर्ण पदकों पर कब्जा किया था। मीनाक्षी ने पदक जीतने का श्रेय अपने कोच व माता-पिता को दिया। उन्होंने गांव के युवा वर्ग से कहा की यदि मेहनत व लगन के साथ काम करें तो सफलता दूर नहीं है। हमें कभी जीवन में हार नहीं माननी चाहिए। इस उपलब्धि पर पूरे गांव ने मीनाक्षी को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
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15 नवंबर से 19 नवंबर तक चेन्नई में हुई 76वीं सीनियर नेशनल ट्रैक साइकिलिंग चैंपियनशिप में मीनाक्षी रोहिल्ला ने 3 किलोमीटर में स्वर्ण पदक व 10 किलोमीटर में स्क्रैच रेस में स्वर्ण पदक जीतकर नाम रोशन किया। मीनाक्षी के पिता नरेंद्र रोहिल्ला बेरी के मेन बाजार में कपड़े की दुकान चलाते हैं। उनका बताया कि मीनाक्षी पहले दौड़ के लिए अभ्यास करती थी। इस दौरान पैर में चोट लगने के कारण अभ्यास छोड़ दिया था। अब करीब 7 साल से साइकिलिंग प्रतियाेगिता में भाग लेकर सैकड़ों पदक जीत चुकी हैं। मीनाक्षी ने पिछले वर्ष थाईलैंड में हुई एशिया कप खेलों साइक्लिंग प्रतियोगिता में एक साथ 4 स्वर्ण पदक जीत थे।
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वहीं, अमृतसर में हुई साइकिलिंग प्रतियोगिता में भी 4 स्वर्ण पदकों पर कब्जा किया था। मीनाक्षी ने पदक जीतने का श्रेय अपने कोच व माता-पिता को दिया। उन्होंने गांव के युवा वर्ग से कहा की यदि मेहनत व लगन के साथ काम करें तो सफलता दूर नहीं है। हमें कभी जीवन में हार नहीं माननी चाहिए। इस उपलब्धि पर पूरे गांव ने मीनाक्षी को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
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