फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   matan link drain broken 500 acere crop submerged

छुड़ानी गांव में टूटी मातन लिंक और केसीबी ड्रेन, 500 एकड़ फसल जलमग्न

Fri, 23 Jul 2021 01:30 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 23 Jul 2021 01:30 AM IST
विज्ञापन
matan link drain broken  500 acere crop  submerged
बहादुरगढ़ के छुड़ानी गांव में ड्रेन टूटने से जलमग्न हुए खेत। संवाद - फोटो : Bahadurgarh
गांव छुड़ानी में मातन लिंक और केसीबी ड्रेन टूटने से बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। पानी भरने से 500 एकड़ धान की फसल के खराब हो गयी है। किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही का वजह से यह ड्रेन टूट गयी और उनके खेतों में पानी भर गया। वहीं, सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ड्रेन की मरम्मत कराई जा रही है। अगली बारिश से पूर्व दोनों ड्रेेन की मरम्मत करा ली जाएगी।
विज्ञापन

छुड़ानी में ड्रेन टूटने की वीरवार को जानकारी मिलते ही सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों को ड्रेन ठीक करने में लगाया। किसानों का कहना है कि लापरवाही सिंचाई विभाग की है। मानसून से पहले ड्रेन की न तो सफाई करवाई गई और न ही उसके साथ मिट्टी लगाई। इसका खामियाजा अब किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसान अजीत सिंह का कहना है कि सिंचाई विभाग ने समय पर केसीबी ड्रेन की सफाई नहीं करवाई। विभाग के अधिकारियों व ठेकेदारों ने सफाई के नाम पर सिर्फ किनारों को छील दिया। उन्होंने राज्य सरकार से इस बर्बादी का मुआवजा देने की मांग की है।
विज्ञापन

किसान अनिल का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी और सिंचाई विभाग ने भी किसानों की सुध नहीं ली। कुछ दिन पहले मातन लिंक ड्रेन के पुश्तों को मजबूत करने के लिए भी करीब दो करोड़ से ज्यादा का टेंडर लगाया गया था। लेकिन इसका काम भी मानसून से पहले पूरा नहीं हुआ। किसानों का कहना है कि रोहतक सिंचाई विभाग अपने हिस्से में केसीबी ड्रेन की सफाई करवाई है लेेेकिन झज्जर के सिंचाई विभाग के हिस्से में केसीबी की न तो सफाई और न ही छंटाई। इसी वजह से हर साल केसीबी ड्रेन टूटती है और फसल बर्बाद हो जाती हैं। सफाई के नाम पर झज्जर सिंचाई विभाग हर साल लाखों रुपये का घपला करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा से भी जलभराव से फसल खराब का मुआवजा नहीं मिल रहा। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही के लिए कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

फिलहाल ड्रेन की मरम्मत करवा दी गई हैै। मातन लिंक ड्रेन पर भी मिट्टी डाल दी जाएगी विभाग कोशिश कर रहा है कि अगली बरसात सेे पहले दोनों ड्रेन की मरम्मत करवा दी जाए ताकि किसानों को फसलों का नुकसान ना हो।
--जगदीप दलाल, एसडीओ, सिंचाई विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed