फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Manu Bhaker story Manu grandmother says It was named after being influenced by queen of Jhansi

Manu Bhaker: मनु को पसंद है बाजरे की रोटी और दही... दादी बोलीं- इनसे प्रभावित होकर किया था नामकरण

Wed, 31 Jul 2024 09:38 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, झज्जर
अमर उजाला नेटवर्क, झज्जर Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 31 Jul 2024 09:38 AM IST
सार

मनु की दादी ने बताया कि झांसी की रानी से प्रभावित होकर नामकरण किया था। मनु को घर में भगवत गीता के श्लोक सुनाकर उनकी मां साहस देती हैं। प्रतिस्पर्धा का दबाव हटाने के लिए गीता के श्लोकों से ताकत मिलती है।

विज्ञापन
Manu Bhaker story Manu grandmother says It was named after being influenced by queen of Jhansi
मनु भाकर - फोटो : PTI

विस्तार

मनु भाकर की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए दादी दयाकौर ने बताया कि उन्होंने झांसी की रानी के बारे में खूब सुना था और उनका बचपन का नाम भी मनु था। उसी से प्रभावित होकर उन्होंने इसका नाम मनु स्वयं रखा था। 
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि उसके जन्म पर उन्होंने देसी घी का हलवा बनाकर पड़ोस में भी बांटा था। मनु भाकर के पैतृक गांव में लौटने पर वह देसी घी के लड्डू बाटेंगी। मनु भाकर के ताऊ बलजीत सिंह ने बताया कि मनु बचपन से ही प्रतिभावान रही हैं।
विज्ञापन


वह ताइक्वांडो में भी नेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेती रही हैं। मनु भाकर की बचपन की फोटो दिखाते हुए उन्होंने कहा कि मनु को जब भी देखने की याद आती है तो फोटो को देख लेते और फिर से याद ताजा हो जाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाजरे की रोटी व दही मनु को पसंद 
मनु भाकर की ताई निर्मला ने बताया कि मनु को बचपन से ही बाजरे की रोटी व दही बड़ी अच्छी लगती है। उन्होंने कहा कि लाल मिर्च भी उनकी पसंदीदा है। वह जब भी अपने पैतृक गांव आती है तो बाजरे की रोटी, दही और लाल मिर्च का खाना नहीं भूलती। 

घर में भगवत गीता के श्लोक सुनाकर मनु को देती हैं साहस
अन्य खेलों की अपेक्षा शूटिंग जैसे खेल के लिए अधिक एकाग्रता की जरूरत होती है। ऐसे में कई बार निशाने ठीक न लगने पर तनाव हो जाता है।

मनु भाकर की मां सुमेधा भाकर का कहना है कि तनाव दूर करने के लिए सुबह और शाम को घर में गीता के श्लोक बजते रहते हैं। यही बात मनु ने ओलंपिक में पहला पदक जीतने के बाद कही थी कि मनोबल और एकाग्रता के लिए मनु गीता के श्लोक याद करती हैं।

 

सुमेधा बताती हैं कि मनु खेल के साथ पढ़ाई में भी अव्वल हैं। अपने लक्ष्य से इतर वह किसी और चीजों में ध्यान नहीं देती हैं। सुबह और शाम वह प्रैक्टिस करती हैं, साथ ही सुबह एक्सरसाइज करती हैं। एकाग्रता के लिए योग और ध्यान भी प्रतिदिन करती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed