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Jhajjar-Bahadurgarh News: नृत्य स्पर्धा में मनीषा रही प्रथम
Sat, 03 Feb 2024 10:40 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sat, 03 Feb 2024 10:40 PM IST
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गांव रैली निकालकर लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करती छात्राएं।
बहादुरगढ़। वैश्य आर्य शिक्षण महिला महाविद्यालय में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के पांचवें दिन स्वयं सेविकाओं द्वारा सुबह योगा से की गई। स्वयंसेविकाओं ने गांव बामनौली में रैली के माध्यम से पर्यावण संरक्षण के बारे में लोगों को जागरूक किया। शिविर में हुई एकल नृत्य प्रतियोगिता में मनीषा कलसन ने प्रथम, कल्पना ने द्वितीय तथा तनिष्का ने तृतीय स्थान पाया।
उन्होंने रैली में लोगों से बातचीत कर उन्हें पर्यावरण बचाने के विषय में बताया कि पर्यावरण ईश्वर की बहुत ही खूबसूरत देन है। इस प्रकृति से हमें फल, फूल, दवाई, ईंधन आदि मिलता है तो हमें इसे बचाना है ताकि हम अपने बच्चों को भगवान की दी हुई बहुमूल्य देन को सुरक्षित दे सकें।महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. आशा शर्मा ने कहा कि मनुष्य का जीवन आखें खोलने से लेकर बंद करने तक प्रकृति की आवश्यकता के बिना संभव नहीं है। वास्तविकता तो यह है कि पेड़-पौधे और वनस्पतियां हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं जिसके कारण ही हम जीवित हैं। स्वयंसेविकाओं को स्वावलंबी बनाने तथा रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए ललिता ने टाई एंड डाई कबाड़ या उपयोग में न आने वाली चीजों से घर को सजाने के लिए सुंदर वस्तुएं बनाना सिखाया। सात दिवसीय शिविर का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ द्वारा कराया गया।
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उन्होंने रैली में लोगों से बातचीत कर उन्हें पर्यावरण बचाने के विषय में बताया कि पर्यावरण ईश्वर की बहुत ही खूबसूरत देन है। इस प्रकृति से हमें फल, फूल, दवाई, ईंधन आदि मिलता है तो हमें इसे बचाना है ताकि हम अपने बच्चों को भगवान की दी हुई बहुमूल्य देन को सुरक्षित दे सकें।महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. आशा शर्मा ने कहा कि मनुष्य का जीवन आखें खोलने से लेकर बंद करने तक प्रकृति की आवश्यकता के बिना संभव नहीं है। वास्तविकता तो यह है कि पेड़-पौधे और वनस्पतियां हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं जिसके कारण ही हम जीवित हैं। स्वयंसेविकाओं को स्वावलंबी बनाने तथा रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए ललिता ने टाई एंड डाई कबाड़ या उपयोग में न आने वाली चीजों से घर को सजाने के लिए सुंदर वस्तुएं बनाना सिखाया। सात दिवसीय शिविर का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ द्वारा कराया गया।
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