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Jhajjar-Bahadurgarh News: मां भीमेश्वरी देवी मंदिर में मत्था टेककर मांगी मन्नतें
Thu, 17 Oct 2024 04:20 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 17 Oct 2024 04:20 AM IST
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बेरी। मां भीमेश्वरी देवी मंदिर में बुधवार को श्रद्धालुओं ने माथा टेकते हुए परिवार के लिए मंगल कामना की। चौदस के दिन सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही।
चौदस के दिन भी यहां मां की प्रतिमा के दर्शन करने की परंपरा है। इसके साथ ही मेला संपन्न हो गया। श्रद्धालुओं ने मंदिर में माथा टेकने के बाद मेले में जमकर खरीदारी की। प्रशासन की ओर से भी मेले के मद्देनजर पुख्ता इंतजाम किए गए थे। बेरी और आसपास के गांव के किसान छह माह तक खेतों में पसीना बहाते हैं।
फसल की अच्छी बिक्री पर मां भीमेश्वरी के मंदिर में आते हैं और फसल का भोग लगाते हैं। इस दिन मां भीमेश्वरी देवी के चरणों में किसान परिवार अपनी फसल का भोग लगाकर माथा टेकते हैं। सुबह करीब 5 बजे मां की प्रतिमा को अंदर वाले मंदिर से बाहर वाले मंदिर में लाया गया। मंदिर के पुजारी कुलदीप वशिष्ठ ने पूजा करवाई। उन्होंने बताया कि वैसे तो हर महीने श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है, लेकिन हर छठे महीने मेला लगता है। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आकर श्रद्धालु दरबार में हाजिरी लगाते हैं।
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बेरी शहर चौकी प्रभारी सतवीर सिंह ने बताया कि पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। चौदस मेला शांतिपूर्ण संपन्न हो गया हैं। वैसे तो मां भीमेश्वरी देवी मंदिर में पहले नवरात्रे से अष्टमी तक हजारों श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में माथा टेकते हैं।
पहली बार दर्शन करने आई महिला की चेन टूटी
माता भीमेश्वरी मंदिर चौदस पर सोनीपत से अपने परिवार के साथ दर्शन करने पहुंची रेखा की भीड़ में चेन टूट गई। महिला ने बताया जब मंदिर दर्शनों के लिए अपने परिवार के साथ लाइन में खड़ी थी तो गले में चेन थी। जब मंदिर के नजदीक पहुंची तो गले से चेन गायब मिली। चेन टूटने की सूचना बेरी शहर पुलिस को दे दी।
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चौदस के दिन भी यहां मां की प्रतिमा के दर्शन करने की परंपरा है। इसके साथ ही मेला संपन्न हो गया। श्रद्धालुओं ने मंदिर में माथा टेकने के बाद मेले में जमकर खरीदारी की। प्रशासन की ओर से भी मेले के मद्देनजर पुख्ता इंतजाम किए गए थे। बेरी और आसपास के गांव के किसान छह माह तक खेतों में पसीना बहाते हैं।
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फसल की अच्छी बिक्री पर मां भीमेश्वरी के मंदिर में आते हैं और फसल का भोग लगाते हैं। इस दिन मां भीमेश्वरी देवी के चरणों में किसान परिवार अपनी फसल का भोग लगाकर माथा टेकते हैं। सुबह करीब 5 बजे मां की प्रतिमा को अंदर वाले मंदिर से बाहर वाले मंदिर में लाया गया। मंदिर के पुजारी कुलदीप वशिष्ठ ने पूजा करवाई। उन्होंने बताया कि वैसे तो हर महीने श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है, लेकिन हर छठे महीने मेला लगता है। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आकर श्रद्धालु दरबार में हाजिरी लगाते हैं।
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बेरी शहर चौकी प्रभारी सतवीर सिंह ने बताया कि पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। चौदस मेला शांतिपूर्ण संपन्न हो गया हैं। वैसे तो मां भीमेश्वरी देवी मंदिर में पहले नवरात्रे से अष्टमी तक हजारों श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में माथा टेकते हैं।
पहली बार दर्शन करने आई महिला की चेन टूटी
माता भीमेश्वरी मंदिर चौदस पर सोनीपत से अपने परिवार के साथ दर्शन करने पहुंची रेखा की भीड़ में चेन टूट गई। महिला ने बताया जब मंदिर दर्शनों के लिए अपने परिवार के साथ लाइन में खड़ी थी तो गले में चेन थी। जब मंदिर के नजदीक पहुंची तो गले से चेन गायब मिली। चेन टूटने की सूचना बेरी शहर पुलिस को दे दी।