फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Made me laugh by telling the sad story of a husband

Jhajjar-Bahadurgarh News: एक पति की व्यथा-कथा सुना कर हंसाया

Mon, 13 Oct 2025 12:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Mon, 13 Oct 2025 12:46 AM IST
विज्ञापन
Made me laugh by telling the sad story of a husband
-फोटो 56 : कलाकार विरेंद्र कौशिक को सम्मानित करते हुए कवि। स्रोत संस्था
बहादुरगढ़। बैंक कॉलोनी के काव्योत्सव में शिव ओम शिव व मुकेश व्यास ने तनाव मुक्त जीवन जीने के उपाय बताए तो जगबीर कौशिक ने एक पति की व्यथा-कथा सुनाते हुए खूब हंसाया। राजकुमार गाइड ने कुछ प्रेरक रचनाएं प्रस्तुत की। दूसरी ओर वेद भारती व अर्चना झा ने भगवान राम को समर्पित रचनाओं की सुमधुर प्रस्तुति से समां बांध दिया।
विज्ञापन

रविवार को विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं से जुड़े कवियों की ओर से अखिल भारतीय साहित्य परिषद के जिलाध्यक्ष विरेन्द्र कौशिक के सम्मान में बैंक कॉलोनी में काव्योत्सव का आयोजन किया गया। कलमवीर विचार मंच के संस्थापक कवि कृष्ण गोपाल विद्यार्थी के सान्निध्य में हुए कार्यक्रम का मंच संचालन निराला काव्य मंच के सूत्रधार लोककवि जगबीर कौशिक ने किया। अनिल भारतीय के सस्वर काव्य पाठ से शुरू हुए काव्योत्सव में डाॅ. लोकेंद्र कौशिक, मुकेश व्यास, राजकुमार गाइड, वेद भारती, शिव ओम शिव तथा अर्चना झा ने कौशिक के सम्मान में भावपूर्ण प्रस्तुति से सभी को मंत्रमुग्ध किया।
विज्ञापन

विश्व बालिका दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में जहां शिव ओम शिव, विरेन्द्र कौशिक व अनिल भारतीय ने लिंगभेद के आधार पर अपने ही बच्चों में भेदभाव करने वाले अभिभावकों की आलोचना करते हुए समाज के उत्थान में नारी शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। राजकुमार गाइड ने कुछ प्रेरक रचनाएं प्रस्तुत की। दूसरी ओर वेद भारती व अर्चना झा ने भगवान राम को समर्पित रचनाओं की सुमधुर प्रस्तुति से समां बांध दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

आयोजन के मुख्यातिथि कवि के रूप में उपस्थित कवि कृष्ण गोपाल विद्यार्थी ने भी कुछ मुक्तकों व गजलों के माध्यम से सुंदर शब्द चित्र प्रस्तुत किए। रजनीश कौशिक के आभार ज्ञापन व सुरुचिपूर्ण जलपान के बाद काव्योत्सव का समापन हुआ। इस अवसर पर मंच से जुड़े नित्यानंद झा व रामनिवास शर्मा भी उपस्थित रहे।


काव्योत्सव में प्रस्तुत कुछ रचनाओं की बानगी देखिए

लोरी गा-गा के मुझको सुनाती रही।
सिर रखकर गोद में मुझको सुलाती रही।

मेरे दिल में वो ममता की मूरत बसी,

याद हर पल मुझे उसकी आती रही।

- विरेन्द्र कौशिक



जो राम के हुए वो स्वयं राम हो गए।

जुड़कर श्रीराम जी से बड़े नाम हो गए।

महिमा बड़ी श्रीराम की,पड़े जिस जगह चरण,

जिस जिस जगह पे नाम लिया धाम हो गए।

- वेद भारती



खूबसूरत बहुत है,यह दुनिया हमारी,

झूठ सच के बीच, उलझ गई लाचारी।

हौंसला खूब भरा है,हमारे जज़्बात में,

खुद खुशियां, दौड़ीं आएंगी सौगात में।

- राजकुमार अरोड़ा गाइड



थी वा पेड़ बिना पतयां का,

पर बरगद त गहरी छां थी रे।

जो मेरी सबते ज्यादा फिक्र करे, कोय ओर नहीं मेरी दादी मां थी रे।

- लोकेंद्र कौशिक



जन्मदिन आज तुम्हारा है,

तू प्यारा मित्र हमारा है।

तू मेरे दिल की धड़कन है,

तू मेरी आंख का तारा है।

- अनिल भारतीय गुमनाम



तू अपनी सोच को यूं बेवजह बीमार न कर,

बड़ा आसान है जीना, इसे दुश्वार न कर।

अंधेरा है तो जला दीप या मशाल कोई,

तमाम रात यूं सूरज का इंतज़ार न कर।

- कृष्ण गोपाल विद्यार्थी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed