{"_id":"61ad096712668329b228d20d","slug":"live-in-peace-will-win-in-peace-only-bahadurgarh-news-rtk6318683170","type":"story","status":"publish","title_hn":"शांति से जीते हैं, शांति से ही आगे भी जीतेंगे : दलेवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शांति से जीते हैं, शांति से ही आगे भी जीतेंगे : दलेवाल
विज्ञापन
टीकरी बॉर्डर मंच पर बैठे एसकेएम के नेता।
- फोटो : Bahadurgarh
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहादुरगढ़। टीकरी बार्डर पर रविवार को आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने एसकेएम के फैसले तक शांति के साथ धरने पर डटे रहने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अपने नेता किसानों की भलाई के लिए लगे हैं, जरूरत पड़ी तो वे आंदोलन को जारी रखेंगे।
बीकेयू एकता (सिद्धूपुर) के प्रधान जगजीत सिंह दलेवाल ने कहा कि हमने शांति से मोदी को हराया है और आगे भी शांति बनाए रखनी है तभी अपनी बाकी मांगों के लिए लड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पंजाब बड़ा भाई बनकर यहां आया था, हरियाणा ने छोटा भाई बनकर हमारा पूरा साथ दिया और आंदोलन को सफल बनाया। देश के किसान एकजुट हैं। हम एमएसपी लेकर ही जाएंगे। यूनियन के पंजाब प्रदेश प्रधान दर्शन सिंह जटाना ने कहा कि यह लड़ाई यहीं अधूरी नहीं छोड़ी है। आगे फिर से जरूरत पड़ी तो एकत्रित रहकर ही लड़ाई लड़ेंगे। डब्ल्यूटीओ के खिलाफ भी लंबी लड़ाई लड़नी पड़ेगी। आने वाला समय किसानों का होगा।
बीकेयू हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष जोगिंदर नैन ने कहा कि सरकार ने आंदोलन को खराब करने की कोशिश की, लेकिन किसान मोर्चा ने हर बात को ठीक तरह से निभाया और आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से आगे पहुंचाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने जाति और धर्म के नाम पर जहर घोलने की कोशिश की उसे इस आंदोलन ने खत्म कर दिया और आपस में सभी को मिला दिया। कुल हिंद किसान सभा के प्रधान बलकरण सिंह बराड़ ने कहा कि 19 दिसंबर को तीन कृषि कानून रद्द होने पर सभी किसानों ने खुशी मनाई थी, लेकिन संयुक्त किसान मोर्चा उस दिन खुशी मनाएगा, जिस दिन सभी मांगें पूरी हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह सरकार सब कुछ प्राइवेट करना चाहती है और कारपोरेट घरानों को बढ़ावा देती है। सरकार को डब्ल्यूटीओ से सभी समझौते रद्द करने चाहिए। हम स्वामीनाथन रिपोर्ट भी लागू करवाकर रहेंगे।
विज्ञापन
पंजाब किसान यूनियन के प्रधान रुलदू सिंह मानसा ने भी किसानों को संबोधित किया। कुलवंत सिंह किशनगढ़ बीकेयू् डकोंदा ने कहा कि कारपोरेट वर्ग के साथ हम लड़ाई ऐसे चालू रखेंगे। प्रधानमंत्री मोदी कारपोरेट घरानों को बढ़ावा देना चाहते हैं। उन्होंने किसानों पर दर्ज मुकदमे रद्द करने की मांग की। किसान नेता निर्भय सिंह डूडीके बीकेयू पंजाब, बलदेव सिंह भाई रूपा बीकेयू डकोंदा ने भी टीकरी बॉर्डर पर किसानों की सभा में विचार व्यक्त किए।
विज्ञापन
बीकेयू एकता (सिद्धूपुर) के प्रधान जगजीत सिंह दलेवाल ने कहा कि हमने शांति से मोदी को हराया है और आगे भी शांति बनाए रखनी है तभी अपनी बाकी मांगों के लिए लड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पंजाब बड़ा भाई बनकर यहां आया था, हरियाणा ने छोटा भाई बनकर हमारा पूरा साथ दिया और आंदोलन को सफल बनाया। देश के किसान एकजुट हैं। हम एमएसपी लेकर ही जाएंगे। यूनियन के पंजाब प्रदेश प्रधान दर्शन सिंह जटाना ने कहा कि यह लड़ाई यहीं अधूरी नहीं छोड़ी है। आगे फिर से जरूरत पड़ी तो एकत्रित रहकर ही लड़ाई लड़ेंगे। डब्ल्यूटीओ के खिलाफ भी लंबी लड़ाई लड़नी पड़ेगी। आने वाला समय किसानों का होगा।
विज्ञापन
बीकेयू हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष जोगिंदर नैन ने कहा कि सरकार ने आंदोलन को खराब करने की कोशिश की, लेकिन किसान मोर्चा ने हर बात को ठीक तरह से निभाया और आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से आगे पहुंचाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने जाति और धर्म के नाम पर जहर घोलने की कोशिश की उसे इस आंदोलन ने खत्म कर दिया और आपस में सभी को मिला दिया। कुल हिंद किसान सभा के प्रधान बलकरण सिंह बराड़ ने कहा कि 19 दिसंबर को तीन कृषि कानून रद्द होने पर सभी किसानों ने खुशी मनाई थी, लेकिन संयुक्त किसान मोर्चा उस दिन खुशी मनाएगा, जिस दिन सभी मांगें पूरी हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह सरकार सब कुछ प्राइवेट करना चाहती है और कारपोरेट घरानों को बढ़ावा देती है। सरकार को डब्ल्यूटीओ से सभी समझौते रद्द करने चाहिए। हम स्वामीनाथन रिपोर्ट भी लागू करवाकर रहेंगे।
विज्ञापन
पंजाब किसान यूनियन के प्रधान रुलदू सिंह मानसा ने भी किसानों को संबोधित किया। कुलवंत सिंह किशनगढ़ बीकेयू् डकोंदा ने कहा कि कारपोरेट वर्ग के साथ हम लड़ाई ऐसे चालू रखेंगे। प्रधानमंत्री मोदी कारपोरेट घरानों को बढ़ावा देना चाहते हैं। उन्होंने किसानों पर दर्ज मुकदमे रद्द करने की मांग की। किसान नेता निर्भय सिंह डूडीके बीकेयू पंजाब, बलदेव सिंह भाई रूपा बीकेयू डकोंदा ने भी टीकरी बॉर्डर पर किसानों की सभा में विचार व्यक्त किए।