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Jhajjar-Bahadurgarh News: मुकदमे की रकम पत्नी तक नहीं पहुंची, साले को ब्याज सहित लौटाने के आदेश
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संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। अतिरिक्त सिविल जज (वरिष्ठ श्रेणी) रवि की अदालत ने पारिवारिक विवाद से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए पति की याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार किया है। अदालत ने पत्नी के भाई (साले) को पति द्वारा भेजे गए 3,000 रुपये 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है। वहीं, पत्नी और उसके दूसरे भाई के खिलाफ दायर दावों को खारिज कर दिया गया।
अदालत में प्रस्तुत रिकॉर्ड के अनुसार धांधलान निवासी दीपक की पत्नी संगीता, निवासी गांव धमकान खेड़ी (सोनीपत), ने सोनीपत फैमिली कोर्ट में भरण-पोषण की याचिका दायर की थी। 21 सितंबर 2021 को फैमिली कोर्ट ने दीपक को मुकदमे के खर्च के रूप में पत्नी को 3,300 रुपये देने का आदेश दिया था। दीपक का दावा था कि उसने 21 दिसंबर 2021 को संगीता द्वारा दिए गए गूगल पे नंबर पर 3,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए थे। बाद में संगीता ने फैमिली कोर्ट में बयान दिया कि उसे कोई राशि नहीं मिली। इसके बाद फैमिली कोर्ट ने दीपक का बचाव पक्ष खारिज कर दिया, जिससे उसे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट जाना पड़ा और 16 हजार रुपये अतिरिक्त कानूनी खर्च व जुर्माना भी वहन करना पड़ा।
इसके बाद दीपक ने 3,000 रुपये की वापसी और 50 हजार रुपये मुआवजे की मांग को लेकर पत्नी तथा उसके दोनों भाइयों मोहित और सत्यनारायण के खिलाफ सिविल वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान यूपीआई ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड से स्पष्ट हुआ कि 3,000 रुपये संगीता के बजाय उसके भाई मोहित के बैंक खाते में पहुंचे थे। अदालत ने पाया कि संगीता द्वारा उस नंबर के उपयोग या राशि प्राप्त करने का कोई ठोस प्रमाण नहीं है। मोहित के अदालत में पेश न होने पर उसे एकतरफा घोषित करते हुए अदालत ने उसे 3,000 रुपये मूल राशि भुगतान की तारीख से वसूली तक 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए।
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झज्जर। अतिरिक्त सिविल जज (वरिष्ठ श्रेणी) रवि की अदालत ने पारिवारिक विवाद से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए पति की याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार किया है। अदालत ने पत्नी के भाई (साले) को पति द्वारा भेजे गए 3,000 रुपये 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है। वहीं, पत्नी और उसके दूसरे भाई के खिलाफ दायर दावों को खारिज कर दिया गया।
अदालत में प्रस्तुत रिकॉर्ड के अनुसार धांधलान निवासी दीपक की पत्नी संगीता, निवासी गांव धमकान खेड़ी (सोनीपत), ने सोनीपत फैमिली कोर्ट में भरण-पोषण की याचिका दायर की थी। 21 सितंबर 2021 को फैमिली कोर्ट ने दीपक को मुकदमे के खर्च के रूप में पत्नी को 3,300 रुपये देने का आदेश दिया था। दीपक का दावा था कि उसने 21 दिसंबर 2021 को संगीता द्वारा दिए गए गूगल पे नंबर पर 3,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए थे। बाद में संगीता ने फैमिली कोर्ट में बयान दिया कि उसे कोई राशि नहीं मिली। इसके बाद फैमिली कोर्ट ने दीपक का बचाव पक्ष खारिज कर दिया, जिससे उसे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट जाना पड़ा और 16 हजार रुपये अतिरिक्त कानूनी खर्च व जुर्माना भी वहन करना पड़ा।
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इसके बाद दीपक ने 3,000 रुपये की वापसी और 50 हजार रुपये मुआवजे की मांग को लेकर पत्नी तथा उसके दोनों भाइयों मोहित और सत्यनारायण के खिलाफ सिविल वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान यूपीआई ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड से स्पष्ट हुआ कि 3,000 रुपये संगीता के बजाय उसके भाई मोहित के बैंक खाते में पहुंचे थे। अदालत ने पाया कि संगीता द्वारा उस नंबर के उपयोग या राशि प्राप्त करने का कोई ठोस प्रमाण नहीं है। मोहित के अदालत में पेश न होने पर उसे एकतरफा घोषित करते हुए अदालत ने उसे 3,000 रुपये मूल राशि भुगतान की तारीख से वसूली तक 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए।
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