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Jhajjar-Bahadurgarh News: चैंबर अलाॅटमेंट की मांग को लेकर डीसी से मिले वकील
Wed, 11 Feb 2026 07:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 11 Feb 2026 07:12 PM IST
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बादली। उप मंडल भवन में चैंबर अलाॅटमेंट की मांग पर वकीलों और प्रशासन के बीच कोई बातचीत सिरे नहीं चढ़ी। उपमंडल अधिकारी डॉ. रमन गुप्ता ने जहां लघु सचिवालय में 10 चैंबर देने की बात कही तो वकील 10 चैंबर को नकार कर सभी के लिए अलग से चैंबर की मांग पर अड़े रहे।
बादली बार एसोसिएशन ने झज्जर में जिला उपायुक्त को चैंबर अलॉटमेंट को लेकर मांग पत्र दिया है। वकीलों का वर्क सस्पेंड सातवें दिन भी जारी रहा। एसडीएम और वकीलों के बीच बातचीत का दौर चला लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका।
परिसर में बैठने के लिए जगह न मिलने से आक्रोशित वकीलों ने वर्क सस्पेंड के दौरान तहसील कार्यालय में अपने काम से आने वाले दिल्ली और अन्य जिलों के वकीलों से भी वर्क सस्पेंड में सहयोग की मांग की।
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वर्क सस्पेंड होने से एसडीएम और तहसीलदार कोर्ट में कोई कार्य नहीं हो सका। बादली बार एसोसिएशन के प्रधान सज्जन गुलिया ने कहा कि वकीलों के बैठने के लिए नंबर लगाकर जगह चिह्नित करने के बाद अलाॅटमेंट रोक दी गई।
इसके लिए जगह चिह्नित कर नंबर भी लगा दिए गए थे। मौके पर बादली बार प्रधान सज्जन कुमार, अरविंद गुलिया, मास्टर रविंद्र दरियापुर, अमित, प्रमोद कौशिक, योगेश और एडवोकेट संदीप मुंडाखेड़ा सहित अन्य मौजूद रहे।
टाइपराइटर्स के सामने रोजी-रोटी का संकट
वकीलों के साथ चैंबर और जगह न मिलने पर टाइपराइटर भी हड़ताल पर हैं। ऐसे में टाइपराइटर के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। योगेश, अमित, आशीष, नरेश, संजय और संदीप का कहना है कि उन्हें प्रतिदिन टाइपिंग और लेखनी के बाद ही पैसे मिलते थे। अब 7 दिनों से कामकाज बंद होने के चलते उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
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बादली बार एसोसिएशन ने झज्जर में जिला उपायुक्त को चैंबर अलॉटमेंट को लेकर मांग पत्र दिया है। वकीलों का वर्क सस्पेंड सातवें दिन भी जारी रहा। एसडीएम और वकीलों के बीच बातचीत का दौर चला लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका।
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परिसर में बैठने के लिए जगह न मिलने से आक्रोशित वकीलों ने वर्क सस्पेंड के दौरान तहसील कार्यालय में अपने काम से आने वाले दिल्ली और अन्य जिलों के वकीलों से भी वर्क सस्पेंड में सहयोग की मांग की।
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वर्क सस्पेंड होने से एसडीएम और तहसीलदार कोर्ट में कोई कार्य नहीं हो सका। बादली बार एसोसिएशन के प्रधान सज्जन गुलिया ने कहा कि वकीलों के बैठने के लिए नंबर लगाकर जगह चिह्नित करने के बाद अलाॅटमेंट रोक दी गई।
इसके लिए जगह चिह्नित कर नंबर भी लगा दिए गए थे। मौके पर बादली बार प्रधान सज्जन कुमार, अरविंद गुलिया, मास्टर रविंद्र दरियापुर, अमित, प्रमोद कौशिक, योगेश और एडवोकेट संदीप मुंडाखेड़ा सहित अन्य मौजूद रहे।
टाइपराइटर्स के सामने रोजी-रोटी का संकट
वकीलों के साथ चैंबर और जगह न मिलने पर टाइपराइटर भी हड़ताल पर हैं। ऐसे में टाइपराइटर के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। योगेश, अमित, आशीष, नरेश, संजय और संदीप का कहना है कि उन्हें प्रतिदिन टाइपिंग और लेखनी के बाद ही पैसे मिलते थे। अब 7 दिनों से कामकाज बंद होने के चलते उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।