फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Lance Naik Abhayram dies in a road accident, cremated with military honors

Jhajjar-Bahadurgarh News: सड़क हादसे में लांस नायक अभयराम का निधन, सैनिक सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

Sat, 17 Feb 2024 12:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Sat, 17 Feb 2024 12:33 AM IST
विज्ञापन
Lance Naik Abhayram dies in a road accident, cremated with military honors
लांस नायक अभयराम
साल्हावास। बहु गांव के पास बाइक और ट्रैक्टर की टक्कर में सेना के जवान की मौत हो गई। उनका सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना में जवान का चचेरा भाई भी घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया।
विज्ञापन

गांव खानपुर खुर्द (चैहडा ढाणी) निवासी 29 वर्षीय अभयराम सेना में तैनात था। उसकी ड्यूटी लेह-लद्दाख में थी। वह 40 दिन की छुट्टी पर आया हुआ था। अभयराम वीरवार को घर के किसी काम से बहु गांव में गया था। उसके साथ उनका चचेरा भाई शंकर भी था। जब वह वापस आ रहे थे तो बहु गांव के पास ट्रैक्टर से टक्कर हो गई। हादसे में अभयराम की मौके पर ही मौत हो गई और शंकर घायल हो गया। शंकर को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां से उसको पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया, जिसको इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।
विज्ञापन


मकर संक्रांति पर आए थे घर
भारतीय सेना की 11 ब्रिगेड ऑफ द गार्ड्स में लांस नायक के पद पर रहे 29 वर्षीय अभयराम लेह-लद्दाख में कार्यरत थे। वे मकर संक्रांति के अवसर पर अपने घर आए हुए थे और वीरवार को एक महीने की छुट्टी पूरी करके शुक्रवार सुबह ड्यूटी पर पहुंचना था, लेकिन वीरवार शाम को सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


सैनिक सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
शुक्रवार को जवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव खानपुर खुर्द में दोपहर दो बजे पहुंचा। यहां सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। स्टेशन हैडक्वार्टर रोहतक व 22 मैक इन्फैंट्री हिसार के जवानों ने उल्टे हथियार कर मातमी धुन बजाकर जाकर उन्हें सलामी दी। वह भारतीय सेना में 2016 से कार्यरत थे। वे अपने पीछे अपनी मां बिमला, पत्नी सोनिया, भाई सतीश, रामचंद्र, अजय, इंद्रपाल व बहन इसवंती, सतवंती, जगवंती को छोड़ गए हैं। पिता हरद्वारी का कई वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। 2019 में नांगलोई दिल्ली की सोनिया से उनकी शादी हुई थी।




बड़े भाई इंद्रपाल ने दी फौजी भाई को मुखाग्नि
पार्थिव शरीर गांव पहुंचने पर मां बिमला की आंखें भी बेटे के शोक में नम थी। जब तिरंगे में लिपटा हुआ उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव खानपुर खुर्द (चैहडा ढाणी) में पहुंचा तो ग्रामीण भारत माता की जय, अभयराम अमर रहे के नारों से आसमान गुंजायमान हो गया। हरियाणा पुलिस व भारतीय सेना के जवानों ने उन्हें पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। विधायक गीता भुक्कल ने सांत्वना व्यक्त करते हुए हर संभव परिजनों के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया। अंतिम संस्कार में झज्जर विधायक गीता भुक्कल, सोनू मातनहेल, जगत सिंह सेहलंगा, झाडली चौकी इंचार्ज संदीप, कृष्ण सरपंच खानपुर खुर्द, पूर्व सरपंच उदयसिंह, जोगेंद्र गहलावत, छोटा गहलावत, सीताराम, रामपाल, कैलाश उपस्थित रहे।

लांस नायक अभयराम

लांस नायक अभयराम

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed