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ज्ञान हमेशा रक्षा करने के साथ सफल बनाता है : हिमांशु

Sun, 16 Jul 2023 01:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Sun, 16 Jul 2023 01:04 AM IST
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Knowledge always makes successful with protection: Himanshu
नायब तहसीलदार हिमांशु का स्वागत करते होटल मालिक, स्टाफ और प्रबुद्धजन।
बहादुरगढ़। जीवन में कोई भी लक्ष्य मनुष्य के हौसले और साहस से बड़ा नहीं हो सकता। फिर चाहे बाधाएं कैसी भी हों, बाधाओं के पार सफलता हमारे कदम चूम ही लेती है। हर मुश्किल को आसान कर अपने सपनों को पूरा करने की ये कहानी है हिमांशु की। हिमांशु का कहना है कि ज्ञान हमेशा रक्षा करने के साथ सफल बनाता है। हमें हमेशा कुछ न कुछ सीखते रहना चाहिए।
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बहादुरगढ़ के जाखोदा मोड़ बाईपास स्थित देशी ढाणी (ढाबा) में वेटर का काम करने वाले हिमांशु उत्तर प्रदेश में नायब तहसीलदार बन गए हैं। वेटर से नायब तहसीलदार बनने के इस सफर में कई बाधाएं आईं। कई बार हौसला भी जवाब देने लगा, लेकिन हर बार खुद को संभालते हुए हिमांशु ने अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा और यूपीसीएस की परीक्षा पास कर सफलता की दिशा में कदम तेजी से बढ़ा दिए।
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उनकी सफलता पर देशी ढाणी का स्टाफ और परिवार बहुत खुश है। हिमांशु का देशी ढाणी होटल पर जोरदार स्वागत किया। भारतीय तैराकी संघ के उपप्रधान व हरियाणा ओलंपिक संघ के महासचिव अनिल खत्री ने फूलमाला पहनाकर और मिठाई खिलाकर हिमांशु को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। होटल मालिक सुनील खत्री और विकास खत्री ने भी फूलमाला पहनाकर हिमांशु को बधाई दी। हिमांशु उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के पास औरैया का रहने वाले हैं। पिता रेलवे में कर्मचारी थे। कुछ समय पहले ही उनका देहांत हो गया। हिमांशु के दो छोटे भाई हैं, जो फिलहाल पढ़ाई कर रहे हैं।
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प्याज और रोटी खाकर बिताई रात
माता-पिता का परिवार को संभालने में साथ देने के लिए हिमांशु ने पढ़ाई के बाद काम शुरू कर दिया था। पहले बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र में काम किया। उसके बाद बहादुरगढ़ के देशी ढाणी में वेटर का काम करने लगे। हालांकि उन्होंने कभी अपने घर नहीं बताया कि वह वेटर का काम करते हैं। हिमांशु के जीवन में कई बार वो पल आया जब उसे प्याज-रोटी खाकर ही सोना पड़ा था, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। परिस्थितियों से जब वो टूट रहा था तो अकेले में जाकर आंसू भी बहाए, लेकिन कभी अपने लक्ष्य को ओझल नहीं होने दिया। दिन

दिन काम और रात में पढ़ाई करते थे हिमांशु
हिमांशु का कहना है कि वो दिन में काम और रात में पढ़ाई करते थे। होटल स्टाफ और मालिक से भी उन्हें पढ़ाई और परिवार को चलाने में काफी मदद मिली।
किसी काम को छोटा नहीं समझा
हिमांशु ने खाना परोसने के साथ टेबल साफ करने, बर्तन धोने और झाडू पोछे तक का काम किया। उन्होंने कभी किसी काम को छोटा या बड़ा नहीं समझा।देशी ढाणी के मालिक सुनील खत्री ने बताया कि हिमांशु बेहद लगनशील और मेहनती युवा है। उसने कभी काम से जी नहीं चुराया। हमेशा हंसते हुए हर काम किया और अपनी पढ़ाई भी जारी रखी। उन्होंने कहा कि हिमांशु का जीवन और सफलता की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा का काम करेगी। हिमांशु ने एमकॉम किया है। उन्हें वर्दी से बेहद प्यार है। इसीलिए पहले फौज में जाना चाहता थे, लेकिन वो सपना पूरा नहीं हो पाया तो यूपीएससी पासकर पुलिस अफसर बनने की ख्वाहिश रखते हैं। हिमांशु का कहना है कि ज्ञान जितना हो सके उतना हासिल करते रहना चाहिए, ज्ञान हमेशा हमारी रक्षा करता है और सफल बनाता है।








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