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किसान आंदोलन जोरों पर, पंजाब से रेलगाड़ियों से पहुंचे हजारों किसान
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बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन पर रही पंजाब से आए किसानों की भीड़। संवाद
- फोटो : Bahadurgarh
बहादुरगढ़। केंद्र सरकार के बनाए तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन जोरों पर है। रविवार को पंजाब से हजारों किसान रेल गाड़ियों से बहादुरगढ़ पहुंचे, जिससे आंदोलन में जोश बढ़ गया। लगभग 15 किलोमीटर से अधिक लंबे किसानों के पड़ाव में जगह-जगह सभाएं हुईं। जिनको किसान नेताओं और अन्य प्रमुख लोगों ने संबोधित किया। सोमवार को किसान नेता अनशन करेंगे। झज्जर में जिला सचिवालय के सामने प्रदर्शन कर उपायुक्त को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।
रविवार को पंजाब के कई जिलों व हरियाणा के जींद जिले से एक्सप्रेस और श्रीगंगानगर इंटरसिटी एक्सप्रेस से करीब 1500 किसान बहादुरगढ़ पहुंचे। उन्हें देखकर यहां आंदोलन कर रहे किसानों का उत्साह बढ़ गया। शनिवार को भी एक हजार से अधिक किसान रेलगाड़ियों से आए थे। बहादुरगढ़ में पहले मौजूद पंजाब के आंदोलनकारी किसान रविवार को ट्रेन से आए किसानों को लेने के लिए ट्रैक्टरों से रेलवे स्टेशन पहुंचे। किसान नेताओं ने कहा कि किसानों के लगातार आने से आंदोलन को ज्यादा मजबूती मिल रही है। रविवार को टीकरी बार्डर पर किसानों की सभा को भारतीय किसान यूनियन (लक्खोवाल) के नेता पुरुषोत्तम सिंह गिल, भाकियू हरियाणा के जोगेंदर नैन, नामधारी संप्रदाय यूनियन सिरसा के नेता बलदेव सिंह, भाकियू जींद के रंगी राम नैन और लोक स्वराज परिवार के संस्थापक हरियाणा पुलिस के पूर्व आईजी रणबीर शर्मा ने संबोधित किया और केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग की।
आंदोलन स्थल पर किसान नेताओं ने सोमवार के कार्यक्रम की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया। किसान नेता पुरुषोत्तम सिंह गिल ने बताया कि सोमवार को किसान नेता सुबह 8 से शाम 5 बजे तक अनशन करेंगे और जिला सचिवालय झज्जर पर प्रदर्शन कर डीसी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। अखिल भारतीय किसान सभा के हरियाणा प्रदेश उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने बताया कि आंदोलन से जुड़े संगठनों के नेता उपवास रखेंगे और वह स्वयं भी अनशन करेंगे।
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पंजाबी गायक सर्जित गिल, सरजीत सिंधु, दिल्ली से आम आदमी पार्टी के विधायक धर्मपाल लाकड़ा, सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक के अधिकारी एवं एम्प्लाइज यूनियन के महासचिव शक्ति सिंह, अखिल भारतीय न्यूनतम समर्थन मूल्य संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रदीप धनखड़, रोहतक खाप से परमपाल हुड्डा, बहादुरगढ़ के समाजसेवी पहलवान वीरेंद्र बुल्लड़ व प्रिया ग्रेवाल भी टीकरी बार्डर पहुंचे और किसान आंदोलन का साथ देने का वादा किया।
राजस्थान के किसान नेता अनुराग और उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से आए किसान नेता केडी त्रिवेदी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि उक्त तीनों कानून किसानों को खेती छोड़ने पर मजबूर कर देंगे। जो किसान फिलहाल खेती से अपना गुजारा कर रहे हैं, वे भूखों मर जाएंगे। परनाला बहादुरगढ़ के सरपंच सत्यवान उर्फ सत्ते, रणबीर राठी व नरेंद्र राठी ने भी दूसरे किसानों के साथ टीकरी बार्डर पर किसान आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन किया।
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रविवार को पंजाब के कई जिलों व हरियाणा के जींद जिले से एक्सप्रेस और श्रीगंगानगर इंटरसिटी एक्सप्रेस से करीब 1500 किसान बहादुरगढ़ पहुंचे। उन्हें देखकर यहां आंदोलन कर रहे किसानों का उत्साह बढ़ गया। शनिवार को भी एक हजार से अधिक किसान रेलगाड़ियों से आए थे। बहादुरगढ़ में पहले मौजूद पंजाब के आंदोलनकारी किसान रविवार को ट्रेन से आए किसानों को लेने के लिए ट्रैक्टरों से रेलवे स्टेशन पहुंचे। किसान नेताओं ने कहा कि किसानों के लगातार आने से आंदोलन को ज्यादा मजबूती मिल रही है। रविवार को टीकरी बार्डर पर किसानों की सभा को भारतीय किसान यूनियन (लक्खोवाल) के नेता पुरुषोत्तम सिंह गिल, भाकियू हरियाणा के जोगेंदर नैन, नामधारी संप्रदाय यूनियन सिरसा के नेता बलदेव सिंह, भाकियू जींद के रंगी राम नैन और लोक स्वराज परिवार के संस्थापक हरियाणा पुलिस के पूर्व आईजी रणबीर शर्मा ने संबोधित किया और केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग की।
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आंदोलन स्थल पर किसान नेताओं ने सोमवार के कार्यक्रम की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया। किसान नेता पुरुषोत्तम सिंह गिल ने बताया कि सोमवार को किसान नेता सुबह 8 से शाम 5 बजे तक अनशन करेंगे और जिला सचिवालय झज्जर पर प्रदर्शन कर डीसी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। अखिल भारतीय किसान सभा के हरियाणा प्रदेश उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने बताया कि आंदोलन से जुड़े संगठनों के नेता उपवास रखेंगे और वह स्वयं भी अनशन करेंगे।
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पंजाबी गायक सर्जित गिल, सरजीत सिंधु, दिल्ली से आम आदमी पार्टी के विधायक धर्मपाल लाकड़ा, सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक के अधिकारी एवं एम्प्लाइज यूनियन के महासचिव शक्ति सिंह, अखिल भारतीय न्यूनतम समर्थन मूल्य संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रदीप धनखड़, रोहतक खाप से परमपाल हुड्डा, बहादुरगढ़ के समाजसेवी पहलवान वीरेंद्र बुल्लड़ व प्रिया ग्रेवाल भी टीकरी बार्डर पहुंचे और किसान आंदोलन का साथ देने का वादा किया।
राजस्थान के किसान नेता अनुराग और उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से आए किसान नेता केडी त्रिवेदी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि उक्त तीनों कानून किसानों को खेती छोड़ने पर मजबूर कर देंगे। जो किसान फिलहाल खेती से अपना गुजारा कर रहे हैं, वे भूखों मर जाएंगे। परनाला बहादुरगढ़ के सरपंच सत्यवान उर्फ सत्ते, रणबीर राठी व नरेंद्र राठी ने भी दूसरे किसानों के साथ टीकरी बार्डर पर किसान आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन किया।