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Jhajjar-Bahadurgarh News: स्वामी नितानंद महाराज के 225 वें निर्वाण महापर्व पर निकाली गई कलश शोभायात्रा
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बेरी। स्वामी नितानंद महाराज के 225 वें निर्वाण महापर्व पर माजरा स्थित मकान साहेब से कलश शोभायात्रा का आयोजन किया गया। श्रद्धालु जटेला धाम की अमरपुरी में लगभग 4 बजे पहुंचे। महंत राजेंद्र दास व अन्य संत महात्माओं के नेतृत्व में यात्रा निकाली गई। जगह-जगह पर पानी की छबील लगाई गई थी। जगह-जगह पुष्पवर्षा से भक्तजनों ने स्वागत किया।
महंत राजेंद्र दास ने कहा कि कलश सुख समृद्धि का प्रतीक है। माताएं, बहनें भी सृष्टि की सृजक व पालनहार हैं। कलश शोभायात्रा से नितानंद निर्वाण महापर्व की शुरुआत हो रही है। जो हमारे लिए मंगलकारी व सुखदायक होगी। आज की शोभायात्रा नितानंद आयुष चिकित्सा शिक्षा संस्थान को उद्घाटित करने का महत्वपूर्ण चरण है।
कलश पूजा को देव पूजा समान माना गया है। कलश के सजते ही उसमें वरुण देव विराजमान होते हैं। स्वामी आत्मानंद महाराज ने कहा कि यह कलश शोभायात्रा भारत की आध्यात्मिक की उन्नति का आधार साबित होगी। स्वामी जितेंद्रदास महाराज ने सभी कलश यात्रियों को आशीर्वाद दिया।
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महंत राजेंद्र दास ने कहा कि कलश सुख समृद्धि का प्रतीक है। माताएं, बहनें भी सृष्टि की सृजक व पालनहार हैं। कलश शोभायात्रा से नितानंद निर्वाण महापर्व की शुरुआत हो रही है। जो हमारे लिए मंगलकारी व सुखदायक होगी। आज की शोभायात्रा नितानंद आयुष चिकित्सा शिक्षा संस्थान को उद्घाटित करने का महत्वपूर्ण चरण है।
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कलश पूजा को देव पूजा समान माना गया है। कलश के सजते ही उसमें वरुण देव विराजमान होते हैं। स्वामी आत्मानंद महाराज ने कहा कि यह कलश शोभायात्रा भारत की आध्यात्मिक की उन्नति का आधार साबित होगी। स्वामी जितेंद्रदास महाराज ने सभी कलश यात्रियों को आशीर्वाद दिया।
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