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डीसी के समर्थन में उतरे लोग, कहा-उनके हौसले के कारण हम जिंदा हैं
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
Updated Thu, 02 Jun 2016 12:57 AM IST
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डीसी अनीता यादव
- फोटो : buraeau
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प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट में झज्जर डीसी की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाने के विरोध में कई शहरवासी उनके समर्थन में आएं है। शहरवासियों ने कहा कि डीसी ने आंदोलन के दौरान हुए दंगों में जिस तत्परता के साथ काम किया, उसको रिपोर्ट में नजरअंदाज किया गया है। कुछ लोगों ने तो यहां तक कहा कि डीसी के हौसले के कारण ही हम जिंदा हैं नहीं तो छावनी मोहल्ले में उपद्रवियों के कहर में हम काल के गाल में समा गए होते। डीसी पर इस तरह की टिप्पणी करना न्याय संगत नहीं है।
डीसी अनीता यादव ने अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी से निभाई है। जिस समय भी उनके पास कॉल की गई, उन्होंने फोन अटेंड किए और कार्रवाई की। रिपोर्ट में उनके बारे में ऐसी टिप्पणी क्यों की गई, यह समझ से परे है।
राकेश अरोड़ा, जिला व्यापार मंडल के प्रधान
जो भी अधिकारी उपद्रव के बाद जांच करने पहुंचें, सभी मोहल्ला निवासियों ने उनको बताया था कि डीसी ने अपनी ड्यूटी अच्छी तरह से निभाई है, जबकि एसपी ने अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरती है। फिर भी रिपोर्ट में डीसी के खिलाफ टिप्पणी की गई है, वो न्याएसंगत नहीं है। हम लोग आज डीसी के ही आत्मविश्वास और बचाव के कारण जिंदा हैं।
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कंवर सिंह, छावनी मोहल्ला निवासी
महिला होते हुए भी डीसी ने उपद्रवियों से निपटने में पूरा हौसला दिखाया। जहां से भी सूचना मिली तुरंत मौके पर गई, यहां तक कि पैदल भी वारदात स्थल पर पहुंची। डीसी ने अपनी ड्यूटी बखूबी निभाई है।
जयपाल लांबा, जिला स्वर्णकार संघ के प्रधान
डीसी को सूचना देते ही मौके पर पहुंच गई थी और कार्रवाई भी की। पूरे घटनाक्रम के दौरान एक्टिव भी दिखाई दी। घटनाक्रम के बाद भी उन्होंने पीड़ितों की सुनवाई की और उन्हें राहत पहुंचाया। लेकिन पुलिस कही भी दिखाई नहीं दी। बार-बार फोन करने पर भी पुलिस नहीं पहुंची और बाद में फोन अटेंड करना भी बंद कर दिया।
सुंदर सिंह, छावनी मोहल्ला निवासी
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डीसी अनीता यादव ने अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी से निभाई है। जिस समय भी उनके पास कॉल की गई, उन्होंने फोन अटेंड किए और कार्रवाई की। रिपोर्ट में उनके बारे में ऐसी टिप्पणी क्यों की गई, यह समझ से परे है।
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राकेश अरोड़ा, जिला व्यापार मंडल के प्रधान
जो भी अधिकारी उपद्रव के बाद जांच करने पहुंचें, सभी मोहल्ला निवासियों ने उनको बताया था कि डीसी ने अपनी ड्यूटी अच्छी तरह से निभाई है, जबकि एसपी ने अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरती है। फिर भी रिपोर्ट में डीसी के खिलाफ टिप्पणी की गई है, वो न्याएसंगत नहीं है। हम लोग आज डीसी के ही आत्मविश्वास और बचाव के कारण जिंदा हैं।
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कंवर सिंह, छावनी मोहल्ला निवासी
महिला होते हुए भी डीसी ने उपद्रवियों से निपटने में पूरा हौसला दिखाया। जहां से भी सूचना मिली तुरंत मौके पर गई, यहां तक कि पैदल भी वारदात स्थल पर पहुंची। डीसी ने अपनी ड्यूटी बखूबी निभाई है।
जयपाल लांबा, जिला स्वर्णकार संघ के प्रधान
डीसी को सूचना देते ही मौके पर पहुंच गई थी और कार्रवाई भी की। पूरे घटनाक्रम के दौरान एक्टिव भी दिखाई दी। घटनाक्रम के बाद भी उन्होंने पीड़ितों की सुनवाई की और उन्हें राहत पहुंचाया। लेकिन पुलिस कही भी दिखाई नहीं दी। बार-बार फोन करने पर भी पुलिस नहीं पहुंची और बाद में फोन अटेंड करना भी बंद कर दिया।
सुंदर सिंह, छावनी मोहल्ला निवासी