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सांच को आंच नहीं तो क्यूं घबरा रहे हुड्डा : धनखड़
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
Updated Sun, 11 Sep 2016 12:25 AM IST
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minister OP Dhankar
- फोटो : file photo
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सांच को आंच नहीं तो पूर्व सीएम हुड्डा क्यूं घबरा रहे हैं। हुड्डा स्वयं छाती ठोककर बोलते थे कि मेरी जांच करा ली जाए, लेकिन अब जांच हो रही है तो वे अपनी भाषा बदल रहे हैं। अगर हुड्डा सरकार के कार्यकाल में कुछ गलत नहीं हुआ है तो वो अब घबरा क्यूं रहे है। उन्हें उल्टे-सीधे बयान देने की बजाय जांच में सहयोग करना चाहिए। यह कहना है कृषि एंव पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ का। ओमप्रकाश धनखड़ डीआरडीए कांफ्रेंस हॉल में लोगों की समस्याएं सुनने के बाद पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे। उन्होंने कहा कि हुड्डा साहब सही हैं तो फिर डर क्यों रहे हैं। जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
सांसद सैनी के एसचीएस भर्ती मामले पर बोले
धनखड़ ने इस मौके पर यह भी कहा कि अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो कोई बच नहीं पाएगा। वहीं बीफ मामले में धनखड़ ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है, कानून अपना काम करेगा। वहीं पिछले दिनों हुई एचसीएस भर्ती में सांसद सैनी के अलग बयानों पर कृषि मंत्री ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि पूरी पारदर्शिता से कार्य हुआ है। इससे पूर्व उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए आवश्यक दिशानिर्देश दिए। इस दौरान विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे।
किसानों को पोस्ट हार्वेस्टिंग प्रबंधन सिखाने पर फोकस
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसान फसल उत्पादन में बेहतर कार्य कर रहे हैं, लेकिन फसल उत्पादन को बाजार में बेचने की कला भी सिखानी होगी, ताकि फसल उत्पादों का उचित मूल्य मिल सके। पोस्ट हार्वेस्टिंग के लिए सरकार ने अमेरिकी कंपनी के साथ एक एमओयू साइन किया है, जिसके तहत किसानों को पोस्ट हार्वेस्टिंग के बारे में सिखाया जाएगा। मंत्री ने कहा कि गुड़गांव में फूल मंडी खोलने की प्रक्रिया चल रही है। गन्नौर में बागवानी मंडी को विकसित किया जा रहा है।
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फसलों में जलभराव का नक्शा तैयार करने के निर्देश
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों जलभराव से फसलों के नुकसान का पूरा मुआवजा मिलेगा। सरकार ने जिला उपायुक्तों को जलभराव के क्षेत्रों का नक्शा तैयार करने के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि एसडीएम, तहसीलदार और कृषि विभाग के उपनिदेशक की कमेटी खेतों में जलभराव का नक्शा तैयार करेगी। ओपी धनखड़ ने कहा कि किसान भाई भी जलभराव से फसल खराबे की रिपोर्ट संबंधित कृषि अधिकारी के पास भी करें। किसान कल्याण विभाग का दायित्व है कि वे किसानों का मार्गदर्शन कर बीमा कंपनियों से उनको उचित मुआवजा दिलवाएं।
फसल बीमा कराने वाले किसानों को मिलेगा ज्यादा मुआवजा
कृषि मंत्री ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में 30 फीसदी किसानों ने अपनी फसलों का बीमा करवाया है। बीमा नीति के तहत धान की फसल खराबे का प्रति एकड़ 25 हजार रुपये तक मुआवजा मिलेगा। जिन किसानों ने अपनी फसल का बीमा नहीं करवाया है, उन किसानों को सरकार पुरानी मुआवजा नीति के तहत 12 हजार रुपये प्रति एकड़ तक मुआवजा देगी। उन्होंने कहा कि यह निश्चित है कि फसल बीमा करवाने वाले किसानों को ज्यादा मुआवजा मिलेगा।
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सांसद सैनी के एसचीएस भर्ती मामले पर बोले
धनखड़ ने इस मौके पर यह भी कहा कि अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो कोई बच नहीं पाएगा। वहीं बीफ मामले में धनखड़ ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है, कानून अपना काम करेगा। वहीं पिछले दिनों हुई एचसीएस भर्ती में सांसद सैनी के अलग बयानों पर कृषि मंत्री ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि पूरी पारदर्शिता से कार्य हुआ है। इससे पूर्व उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए आवश्यक दिशानिर्देश दिए। इस दौरान विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे।
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किसानों को पोस्ट हार्वेस्टिंग प्रबंधन सिखाने पर फोकस
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसान फसल उत्पादन में बेहतर कार्य कर रहे हैं, लेकिन फसल उत्पादन को बाजार में बेचने की कला भी सिखानी होगी, ताकि फसल उत्पादों का उचित मूल्य मिल सके। पोस्ट हार्वेस्टिंग के लिए सरकार ने अमेरिकी कंपनी के साथ एक एमओयू साइन किया है, जिसके तहत किसानों को पोस्ट हार्वेस्टिंग के बारे में सिखाया जाएगा। मंत्री ने कहा कि गुड़गांव में फूल मंडी खोलने की प्रक्रिया चल रही है। गन्नौर में बागवानी मंडी को विकसित किया जा रहा है।
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फसलों में जलभराव का नक्शा तैयार करने के निर्देश
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों जलभराव से फसलों के नुकसान का पूरा मुआवजा मिलेगा। सरकार ने जिला उपायुक्तों को जलभराव के क्षेत्रों का नक्शा तैयार करने के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि एसडीएम, तहसीलदार और कृषि विभाग के उपनिदेशक की कमेटी खेतों में जलभराव का नक्शा तैयार करेगी। ओपी धनखड़ ने कहा कि किसान भाई भी जलभराव से फसल खराबे की रिपोर्ट संबंधित कृषि अधिकारी के पास भी करें। किसान कल्याण विभाग का दायित्व है कि वे किसानों का मार्गदर्शन कर बीमा कंपनियों से उनको उचित मुआवजा दिलवाएं।
फसल बीमा कराने वाले किसानों को मिलेगा ज्यादा मुआवजा
कृषि मंत्री ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में 30 फीसदी किसानों ने अपनी फसलों का बीमा करवाया है। बीमा नीति के तहत धान की फसल खराबे का प्रति एकड़ 25 हजार रुपये तक मुआवजा मिलेगा। जिन किसानों ने अपनी फसल का बीमा नहीं करवाया है, उन किसानों को सरकार पुरानी मुआवजा नीति के तहत 12 हजार रुपये प्रति एकड़ तक मुआवजा देगी। उन्होंने कहा कि यह निश्चित है कि फसल बीमा करवाने वाले किसानों को ज्यादा मुआवजा मिलेगा।