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ड्राइवर की सूझबूझ से बर्निंग ट्रेन बनती-बनती बची धौलाधर एक्सप्रेस
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
Updated Thu, 30 Jun 2016 12:44 AM IST
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बर्निग ट्रेन
- फोटो : bureau
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पठानकोट से दिल्ली जा रही धौलाधर एक्सप्रेस (14036) के पावर (इंजन) में अचानक आग लग गई। आग देख यात्रियों की सांसें अटक गई। चालक ने सूझबूझ का परिचय देेते हुए ट्रेन को आसौदा रेलवे स्टेशन पर रोक दिया। जैसे ही ट्रेन रुकी यात्रियों में उतरने के लिए भगदड़ मच गई। सूचना पर एचपीसीएल व बहादुरगढ़ की फायर ब्रिगेड की मदद के लिए पहुंची और आग पर काबू पाया।
बता दें कि धौलाधार एक्सप्रेस बहादुरगढ़ के रास्ते सप्ताह में तीन दिन अप तो इतने ही दिन डाउन लाइन से गुजरती है। गाड़ी संख्या बुधवार को रोहतक के रास्ते दिल्ली की ओर जा रही थी। जब ट्रेन रोहद नगर के पास पहुंची तो उसके पावर पैनल से हल्की स्पार्किंग हो गई। आसौदा रेलवे स्टेशन के नजदीक आते-आते इंजन के विद्युत पैनल से धुएं के गुबार उठने लगे। कुछ ही देर में आग की लपटें तेज हो गई और हवा के रुख के साथ आग भड़कने लगी। लेकिन जैसे ही एक्सप्रेस ट्रेन में आग लगने की सूचना रेलवे अधिकारियों व आसौदा स्थित एसपीसीएल प्लांट के अधिकारियों को मिली तो तुरंत आग को कंट्रोल करने के लिए प्रयास शुरू कर दिए। जब तक फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचती कर्मचारियों ने पाइप लाइन की मदद से पानी की बौछारें इंजन पर करनी शुरू कर दी। लगभग एक घंटे में इंजन में लगी आग को पूरी तरह से कंट्रोल पाया गया। आग के चलते इंजन को काफी नुकसान हुआ है लेकिन किसी भी तरह से कोई जन-हानि नहीं हुई। हालांकि इस घटना से कुछ देर के लिए डाउन लाइन पर यातायात बाधित भी रहा।
अग्निश्मन यंत्र दिखे शो-पीस
किसी भी आपातकाल स्थिति से राहत पाने के लिए रेल में लगाए गए अग्निश्मन यंत्र भी यहां सही से काम नहीं कर पाए। इससे रेलवे में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजामों को लेकर सवाल भी उठा है। यदि आग बोगी तक पहुंच जाती तो कोई भी हादसा होते देर नहीं लगती। साथ में रेलवे को भी बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता था।
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दूसरी पावर जोड़ ट्रेन दौड़ी ट्रैक पर
धौलाधर एक्सप्रेस की पावर में आग लगने से यह गाड़ी आसोदा रेलवे स्टेशन पर डेढ़ घंटे से ज्यादा समय तक खड़ी रही। रेलवे अधिकारियों से संपर्क कर दूसरी पावर मंगवाई गई और उसके बाद जिस पावर में आग लगी थी उसको काटकर नई पावर जोड़ते हुए यात्रियों को आगे के सफर के लिए रवाना किया।
चिंता में दिखे यात्री
पावर में आग लगने की सूचना से ट्रेन में सवार यात्री काफी सहमे दिखे। खासतौर पर पावर से सटी दो-तीन बोगियों में बैठे लोग। आग पर कंट्रोल पाने के बाद उन्हें किसी तरह से राहत की सांस मिल पाई है। अनेक यात्री तो अपने परिवार के सदस्यों के साथ सफर कर रहे थे।
कई हजार लीटर था डीजल
ट्रेन के पावर के फ्यूल टैंक में 5 हजार लीटर डीजल तक की कैपेसिटी बताई गई है। यदि आग डीजल टैंक तक पहुंच जाती तो आग की लपटों में पूरा पावर घिर जाता उस पर कंट्रोल पाने के लिए फायर ब्रिगेड कर्मियों को परेशानी हो सकती थी। क्योंकि ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग ज्यादा तेजी से भड़क उठती।
शॉर्ट-सर्किट से आग का अनुमान
ट्रेन के ड्राइवर तिलकराज व सहायक राजेंद्र का कहना था कि चलती गाड़ी में टेक्निकल फाल्ट आने से पावर में शार्ट-सर्किट हो गया। जिसके चलते आग को तुरंत कंट्रोल करने के लिए ट्रेन को आसौदा रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया। इससे ट्रेन से जुड़ी बोगियां सुरक्षित बच गई।
आग के कारणों की जांच में जुटे अधिकारी
ट्रेन में अचानक आग लगने के बाद रेलवे के अधिकारियों में भी हड़कंप मचा रहा। रोहतक से टीआई नरेश कुमार भी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। यही नहीं जीआरपी बहादुरगढ़ से भी पुलिस अधिकारी वहां मौजूद रहे। उन्होंने ड्राइवर, सहायक ड्राइवर व गार्ड से भी इस मामले में जानकारी जुटाई। आग लगने के सही कारण क्या रहे हैं इसको लेकर रेलवे के उच्च अधिकारी जांच कर रहे हैं।
ट्रैक नहीं हुआ बाधित
बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन अधीक्षक यशपाल सिंह ने बताया कि पावर में लगी आग के बाद दूसरा पावर मंगवाकर कुछ समय बाद ट्रेन को दिल्ली के लिए रवाना कर दिया। आग की घटना के वक्त किसी भी तरह से अप व डाउन लाइन का ट्रैक बाधित नहीं हुआ। गाड़ियों का परिचालन समयानुसार ही रहा है। यात्रियों को किसी भी तरह से परेशान नहीं होने दिया गया। आग पर तुरंत कंट्रोल पाने के लिए व्यवस्था कर ली गई थी।
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बता दें कि धौलाधार एक्सप्रेस बहादुरगढ़ के रास्ते सप्ताह में तीन दिन अप तो इतने ही दिन डाउन लाइन से गुजरती है। गाड़ी संख्या बुधवार को रोहतक के रास्ते दिल्ली की ओर जा रही थी। जब ट्रेन रोहद नगर के पास पहुंची तो उसके पावर पैनल से हल्की स्पार्किंग हो गई। आसौदा रेलवे स्टेशन के नजदीक आते-आते इंजन के विद्युत पैनल से धुएं के गुबार उठने लगे। कुछ ही देर में आग की लपटें तेज हो गई और हवा के रुख के साथ आग भड़कने लगी। लेकिन जैसे ही एक्सप्रेस ट्रेन में आग लगने की सूचना रेलवे अधिकारियों व आसौदा स्थित एसपीसीएल प्लांट के अधिकारियों को मिली तो तुरंत आग को कंट्रोल करने के लिए प्रयास शुरू कर दिए। जब तक फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचती कर्मचारियों ने पाइप लाइन की मदद से पानी की बौछारें इंजन पर करनी शुरू कर दी। लगभग एक घंटे में इंजन में लगी आग को पूरी तरह से कंट्रोल पाया गया। आग के चलते इंजन को काफी नुकसान हुआ है लेकिन किसी भी तरह से कोई जन-हानि नहीं हुई। हालांकि इस घटना से कुछ देर के लिए डाउन लाइन पर यातायात बाधित भी रहा।
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अग्निश्मन यंत्र दिखे शो-पीस
किसी भी आपातकाल स्थिति से राहत पाने के लिए रेल में लगाए गए अग्निश्मन यंत्र भी यहां सही से काम नहीं कर पाए। इससे रेलवे में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजामों को लेकर सवाल भी उठा है। यदि आग बोगी तक पहुंच जाती तो कोई भी हादसा होते देर नहीं लगती। साथ में रेलवे को भी बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता था।
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दूसरी पावर जोड़ ट्रेन दौड़ी ट्रैक पर
धौलाधर एक्सप्रेस की पावर में आग लगने से यह गाड़ी आसोदा रेलवे स्टेशन पर डेढ़ घंटे से ज्यादा समय तक खड़ी रही। रेलवे अधिकारियों से संपर्क कर दूसरी पावर मंगवाई गई और उसके बाद जिस पावर में आग लगी थी उसको काटकर नई पावर जोड़ते हुए यात्रियों को आगे के सफर के लिए रवाना किया।
चिंता में दिखे यात्री
पावर में आग लगने की सूचना से ट्रेन में सवार यात्री काफी सहमे दिखे। खासतौर पर पावर से सटी दो-तीन बोगियों में बैठे लोग। आग पर कंट्रोल पाने के बाद उन्हें किसी तरह से राहत की सांस मिल पाई है। अनेक यात्री तो अपने परिवार के सदस्यों के साथ सफर कर रहे थे।
कई हजार लीटर था डीजल
ट्रेन के पावर के फ्यूल टैंक में 5 हजार लीटर डीजल तक की कैपेसिटी बताई गई है। यदि आग डीजल टैंक तक पहुंच जाती तो आग की लपटों में पूरा पावर घिर जाता उस पर कंट्रोल पाने के लिए फायर ब्रिगेड कर्मियों को परेशानी हो सकती थी। क्योंकि ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग ज्यादा तेजी से भड़क उठती।
शॉर्ट-सर्किट से आग का अनुमान
ट्रेन के ड्राइवर तिलकराज व सहायक राजेंद्र का कहना था कि चलती गाड़ी में टेक्निकल फाल्ट आने से पावर में शार्ट-सर्किट हो गया। जिसके चलते आग को तुरंत कंट्रोल करने के लिए ट्रेन को आसौदा रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया। इससे ट्रेन से जुड़ी बोगियां सुरक्षित बच गई।
आग के कारणों की जांच में जुटे अधिकारी
ट्रेन में अचानक आग लगने के बाद रेलवे के अधिकारियों में भी हड़कंप मचा रहा। रोहतक से टीआई नरेश कुमार भी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। यही नहीं जीआरपी बहादुरगढ़ से भी पुलिस अधिकारी वहां मौजूद रहे। उन्होंने ड्राइवर, सहायक ड्राइवर व गार्ड से भी इस मामले में जानकारी जुटाई। आग लगने के सही कारण क्या रहे हैं इसको लेकर रेलवे के उच्च अधिकारी जांच कर रहे हैं।
ट्रैक नहीं हुआ बाधित
बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन अधीक्षक यशपाल सिंह ने बताया कि पावर में लगी आग के बाद दूसरा पावर मंगवाकर कुछ समय बाद ट्रेन को दिल्ली के लिए रवाना कर दिया। आग की घटना के वक्त किसी भी तरह से अप व डाउन लाइन का ट्रैक बाधित नहीं हुआ। गाड़ियों का परिचालन समयानुसार ही रहा है। यात्रियों को किसी भी तरह से परेशान नहीं होने दिया गया। आग पर तुरंत कंट्रोल पाने के लिए व्यवस्था कर ली गई थी।