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आरयूबी में 48 घंटे बाद मिला बामनोली के जयकिशन का शव
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रेलवे अंडरपास में सोमवार को भरे बारिश के पानी में युवक के डूबने सूचना पर शुरू किया गया बचाव अभियान बुधवार सुबह पूरा हो गया। बचाव कार्य में लगे लोगों को रेलवे अंडरपास (आरयूबी) के बीचों बीच डूबे व्यक्ति का शव मिला। मृतक की पहचान गांव बामनोली के जयकिशन (50) के रूप में हुई।
राजकीय रेलवे थाना बहादुरगढ़ से जांच अधिकारी उप निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि बामनोली निवासी दिनेश व उसके भाईयों ने डूबे व्यक्ति के शव की पहचान अपने भाई जयकिशन के तौर पर की है। वह दो बेटों का पिता था और गांव जाखोदा स्थित एक फुटवियर कंपनी के गोदाम में कार्य करता था।
मृतक जयकिशन के भाई दिनेश ने बताया कि उनका भाई 19 जुलाई की सुबह करीब 8 बजे घर से ड्यूटी जाने के लिए निकला था, लेकिन उसके बाद घर नहीं पहुंचा। परिजनों ने फैक्टरी में जाकर पता किया तो पता लगा कि वह ड्यूटी के लिए फैक्टरी में नहीं आया। इसके बाद वे उसे अपने स्तर पर तलाशते रहे और थाने में उसकी गुमशुदगी के बारे में बताया था। उन्होंने बताया कि अंडरपास में एक व्यक्ति के डूबने की सूचना पर वे सोमवार व मंगलवार को यहां भी पहुंचे थे। मगर पानी अधिक होने के कारण डूबने वाले के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी, बुधवार सुबह वे दोबारा अंडरपास पर पहुंचे। उनकी मौजूदगी में बचाव दल को पानी में शव बरामद हुआ। शव को बाहर निकाला तो कपड़ों के आधार पर जयकिशन की पहचान हुई। जांच अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर जयकिशन का शव परिजनों के हवाले कर दिया है। पुलिस ने फिलहाल इत्तफाकिया कार्रवाई की है।
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ट्रैक्टर-पंप सेट से निकाला पानी
आरयूबी में पानी 10 से 15 फुट तक भरा हुआ था। सोमवार व मंगलवार को बारिश भी हुई तो पानी निकालने में बचाव अभियान में दिक्कतें भी हुई। इसके बावजूद पुलिस-प्रशासन की टीम ने लगातार अभियान चलाए रखा। आठ ट्रैक्टरों पर लगे पंप सेट के जरिये व बिजली की मोटरों से पानी निकाले जाने का कार्य शव मिलने के बाद भी लगातार जारी रहा। बुधवार दोपहर तक अंडरपास से 8-9 फुट तक पानी निकाला जा चुका था। अंडरपास के रेलवे लाइन के नीचे वाले हिस्से में दो फुट से अधिक पानी भरा हुआ है। जिसे पंपों से लगातार निकालकर सीवर लाइन में डाला गया।
सुरक्षा को लेकर बढ़ी चर्चा
रेलवे अंडर पास में बारिश का करीब 12 फुट गहरा पानी भरने और उसमें व्यक्ति के डूबे व्यक्ति का शव निकलने के बाद आरयूबी के सुरक्षित होने को लेकर लगातार चर्चा चली। अगर इसमें पानी न भर पाता तो व्यक्ति नहीं डूबता और रेलवे पुलिस व विभाग को डूबे व्यक्ति को निकालने के लिए इतनी मशक्कत नहीं करनी पड़ती। अब विभाग को सुरक्षा के तमाम इंतजाम करने चाहिए। यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इसमें बारिश का पानी न भरने पाए। इसमें चौबीसों घंटे रोशनी का इंतजाम भी होना चाहिए। ताकि आपराधिक तत्व फायदा न उठा सकें।
- शिव कुमार गुप्ता, आरयूबी के निकट रहने वाला दुकानदार।
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राजकीय रेलवे थाना बहादुरगढ़ से जांच अधिकारी उप निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि बामनोली निवासी दिनेश व उसके भाईयों ने डूबे व्यक्ति के शव की पहचान अपने भाई जयकिशन के तौर पर की है। वह दो बेटों का पिता था और गांव जाखोदा स्थित एक फुटवियर कंपनी के गोदाम में कार्य करता था।
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मृतक जयकिशन के भाई दिनेश ने बताया कि उनका भाई 19 जुलाई की सुबह करीब 8 बजे घर से ड्यूटी जाने के लिए निकला था, लेकिन उसके बाद घर नहीं पहुंचा। परिजनों ने फैक्टरी में जाकर पता किया तो पता लगा कि वह ड्यूटी के लिए फैक्टरी में नहीं आया। इसके बाद वे उसे अपने स्तर पर तलाशते रहे और थाने में उसकी गुमशुदगी के बारे में बताया था। उन्होंने बताया कि अंडरपास में एक व्यक्ति के डूबने की सूचना पर वे सोमवार व मंगलवार को यहां भी पहुंचे थे। मगर पानी अधिक होने के कारण डूबने वाले के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी, बुधवार सुबह वे दोबारा अंडरपास पर पहुंचे। उनकी मौजूदगी में बचाव दल को पानी में शव बरामद हुआ। शव को बाहर निकाला तो कपड़ों के आधार पर जयकिशन की पहचान हुई। जांच अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर जयकिशन का शव परिजनों के हवाले कर दिया है। पुलिस ने फिलहाल इत्तफाकिया कार्रवाई की है।
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ट्रैक्टर-पंप सेट से निकाला पानी
आरयूबी में पानी 10 से 15 फुट तक भरा हुआ था। सोमवार व मंगलवार को बारिश भी हुई तो पानी निकालने में बचाव अभियान में दिक्कतें भी हुई। इसके बावजूद पुलिस-प्रशासन की टीम ने लगातार अभियान चलाए रखा। आठ ट्रैक्टरों पर लगे पंप सेट के जरिये व बिजली की मोटरों से पानी निकाले जाने का कार्य शव मिलने के बाद भी लगातार जारी रहा। बुधवार दोपहर तक अंडरपास से 8-9 फुट तक पानी निकाला जा चुका था। अंडरपास के रेलवे लाइन के नीचे वाले हिस्से में दो फुट से अधिक पानी भरा हुआ है। जिसे पंपों से लगातार निकालकर सीवर लाइन में डाला गया।
सुरक्षा को लेकर बढ़ी चर्चा
रेलवे अंडर पास में बारिश का करीब 12 फुट गहरा पानी भरने और उसमें व्यक्ति के डूबे व्यक्ति का शव निकलने के बाद आरयूबी के सुरक्षित होने को लेकर लगातार चर्चा चली। अगर इसमें पानी न भर पाता तो व्यक्ति नहीं डूबता और रेलवे पुलिस व विभाग को डूबे व्यक्ति को निकालने के लिए इतनी मशक्कत नहीं करनी पड़ती। अब विभाग को सुरक्षा के तमाम इंतजाम करने चाहिए। यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इसमें बारिश का पानी न भरने पाए। इसमें चौबीसों घंटे रोशनी का इंतजाम भी होना चाहिए। ताकि आपराधिक तत्व फायदा न उठा सकें।
- शिव कुमार गुप्ता, आरयूबी के निकट रहने वाला दुकानदार।