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किसान आंदोलन को गति देने के लिए की बैठक, बॉर्डर पर जाने का दिया आश्वासन
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छोटूराम धर्मशाला में बैठक में मौजूद किसान नेता व किसान। संवाद
- फोटो : Jhjhar
शहर की छोटूराम धर्मशाला में रविवार को भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी ग्रुप के किसान आंदोलनकारी जुटे। बैठक में निर्णय लिया गया कि विभिन्न बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन को गति देने का कार्य किया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव हरपाल सिंह पहुंचे और किसान आंदोलनकारियों को दिल्ली के बार्डर पर किसानों का भारी समर्थन करने की बात कही। इस दौरान निर्णय लिया गया कि किसानों ने धान की व अन्य फसलें लगा ली हैं और किसान कृषि कार्यों से फ्री हैं। जिसके चलते अब पूरा ध्यान किसान आंदोलन को मजबूती देने में किया जाएगा। किसानों ने कहा कि जब तक तीनों कृषि कानून केंद्र सरकार खत्म नहीं कर देती तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। पिछले 9 महीने से कृषि विरोधी कानूनों को खत्म करवाने और एमएसपी पर कानून बनाने के लिए किसान दिल्ली के बॉर्डरों पर आंदोलन कर रहे हैं।
यूनियन की महिला प्रदेश अध्यक्ष बिंदु इंजीनियर ने कहा कि पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं भी अब आंदोलन में ज्यादा बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही हैं और आगे भी महिलाओं की हिस्सेदारी जबरदस्त रूप से बनी रहेगी। अनाज मंडी बेरी के प्रधान तेजवीर सिंह कादियान ने कहा कि किसान आंदोलनकारियों को खाद्य पदार्थों की कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलनकारियों को झज्जर के किसानों का पूर्ण रुप से समर्थन जारी रहेगा।
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धनखड़ खाप के प्रधान युद्धवीर धनखड़ ने बताया कि आगामी दिनों में किसान आंदोलन और ज्यादा गति पकड़ेगा और तीनों कृषि कानूनों को खत्म करवाने के लिए लामबंद रहेगा। इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन चिंटू छारा, एडवोकेट राजेन्द्र सौलकी, बबले रईया, उमराव सिंह, युद्धवीर धनखड़ के अलावा किसान मौजूद रहे।
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भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव हरपाल सिंह पहुंचे और किसान आंदोलनकारियों को दिल्ली के बार्डर पर किसानों का भारी समर्थन करने की बात कही। इस दौरान निर्णय लिया गया कि किसानों ने धान की व अन्य फसलें लगा ली हैं और किसान कृषि कार्यों से फ्री हैं। जिसके चलते अब पूरा ध्यान किसान आंदोलन को मजबूती देने में किया जाएगा। किसानों ने कहा कि जब तक तीनों कृषि कानून केंद्र सरकार खत्म नहीं कर देती तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। पिछले 9 महीने से कृषि विरोधी कानूनों को खत्म करवाने और एमएसपी पर कानून बनाने के लिए किसान दिल्ली के बॉर्डरों पर आंदोलन कर रहे हैं।
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यूनियन की महिला प्रदेश अध्यक्ष बिंदु इंजीनियर ने कहा कि पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं भी अब आंदोलन में ज्यादा बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही हैं और आगे भी महिलाओं की हिस्सेदारी जबरदस्त रूप से बनी रहेगी। अनाज मंडी बेरी के प्रधान तेजवीर सिंह कादियान ने कहा कि किसान आंदोलनकारियों को खाद्य पदार्थों की कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलनकारियों को झज्जर के किसानों का पूर्ण रुप से समर्थन जारी रहेगा।
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धनखड़ खाप के प्रधान युद्धवीर धनखड़ ने बताया कि आगामी दिनों में किसान आंदोलन और ज्यादा गति पकड़ेगा और तीनों कृषि कानूनों को खत्म करवाने के लिए लामबंद रहेगा। इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन चिंटू छारा, एडवोकेट राजेन्द्र सौलकी, बबले रईया, उमराव सिंह, युद्धवीर धनखड़ के अलावा किसान मौजूद रहे।