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आरक्षण की आग, मंगलवार को भी मार्ग रहे जाम
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
Updated Wed, 17 Feb 2016 02:05 AM IST
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जाट आरक्षण आंदोलन की वजह से मंगलवार को कई जगह सड़क व रेल
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यातायात प्रभावित रहा। नेशनल हाइवे-10 समेत कई गांवों से गुजरने वाले
मार्गों पर जाम लगाए जाने से सरकारी, प्राइवेट व बोर्ड निगमों में कार्यरत
अनेक कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर नहीं पहुंच पाए। जाम में फंसे लोग इस कद्र
परेशान दिखे कि वे आंदोलनकारियों को कोसते नजर आए।
बहादुरगढ़ के आसपास पिछले तीन दिन से आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। आंदोलन के कारण गांव मांडोठी, छारा, आसोदा, लुहारहेड़ी समेत कई अन्य जगह पर मंगलवार को जाम की स्थिति देखने को मिली। इसके चलते बच्चों से लेकर महिलाओं व बुजुर्गों तक को परेशानी उठानी पड़ी।
जहां पर जाम लगे थे वहां स्थिति ऐसी थी कि दुपहिया वाहन चालकों का भी निकलना मुश्किल हो रहा था। जिन लोगों को जाम के बारे में पता था वे अपने घर पर ही रहे, लेकिन जो व्यक्ति सोमवार को ड्यूटी पर गये थे या फिर किसी अन्य कार्य के लिए वे जाम के चलते बीच रास्ते में ही फंस गए।
-रास्तें पूछते दिखे राहगीर
किस सड़क पर जाम की स्थिति नहीं है इसको लेकर राहगीर पुलिसकर्मियों के अलावा अन्य आमजन से जानकारी जुटाते दिखे। वे अपने-अपने जानकारों से भी वाट्सअप व मोबाइल के माध्यम से भी पता लगाते रहे। दिनभर लोग इसी कशमकश में रहे कि कहीं वे किसी मार्ग से गुजरने लगे तो बीच रास्ते में तो वे जाम में न फंस जाए। इसको लेकर उनके माथे पर चिंता की लकीरें साफ तौर पर देखने को मिली।
सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता
जाटों के आंदोलन को भांपते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह से अलर्ट है। सभी सरकारी कार्यालयों व रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। जहां धरने-प्रदर्शन हो रहे है उन पर राज्य का खुफिया विभाग भी नजर गड़ाए हुए हैं।
सोमवार को जिले में कई स्थानों पर हुए रोड जाम को लेकर थाना सदर बहादुरगढ़ में 50 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमें दर्ज हुए हैं। मंगलवार को भी पुलिस की नजर जाम लगाने वालों पर लगी हुई है।
स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
जाम के चलते स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर देखने को मिला। सिविल हास्पिटल में कई डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ जो कि रोहतक व उससे आगे के क्षेत्र से अप-डाउन करते हैं वे मंगलवार को जाम को देखते हुए बीच रास्ते में ही फंसे रहे। ऐसे में ड्यूटी पर नहीं पहुंच पाए।
कुछ स्टाफ तो सोमवार को ही हास्पिटल में ठहर गया था तो कुछ ने अपने परिचितों के पास शरण ली। ऐसे में जो डाक्टर दिल्ली व दूसरे क्षेत्रों से आते थे उनके सहारे ही ज्यादातर कार्य चलता रहा।
शादी विवाह वालों को दिक्कतें
बुधवार को सेकड़ों की संख्या में शादियां है। इसको लेकर मंगलवार को अनेक लोग शगुन देने के लिए जा रहे थे तो वे बीच रास्ते में ही जाम में फंस गए। ऐसे में उन्हें काफी दिक्कतें हुई। मन मसोसकर लोग किसी दूसरे संपर्क मार्गों से लंबी दूरी तय करते हुए देरी से पहुंचे।
शहर में भी दिखा जाम
जगह-जगह जाम की स्थिति का असर बहादुरगढ़ शहर में भी साफ तौर पर देखने को मिला। दिल्ली-रोहतक रोड पर सेक्टर-6 से लेकर सेक्टर-9 की पुलिया तक वाहन जाम में फंसे रहे। कुछ मिनट का यह सफर चालकों के लिए घंटे-डेढ़ घंटे का रहा। ऐसे में हर कोई राहगीर जाम से परेशान दिखा।
बहादुरगढ़ के आसपास पिछले तीन दिन से आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। आंदोलन के कारण गांव मांडोठी, छारा, आसोदा, लुहारहेड़ी समेत कई अन्य जगह पर मंगलवार को जाम की स्थिति देखने को मिली। इसके चलते बच्चों से लेकर महिलाओं व बुजुर्गों तक को परेशानी उठानी पड़ी।
जहां पर जाम लगे थे वहां स्थिति ऐसी थी कि दुपहिया वाहन चालकों का भी निकलना मुश्किल हो रहा था। जिन लोगों को जाम के बारे में पता था वे अपने घर पर ही रहे, लेकिन जो व्यक्ति सोमवार को ड्यूटी पर गये थे या फिर किसी अन्य कार्य के लिए वे जाम के चलते बीच रास्ते में ही फंस गए।
-रास्तें पूछते दिखे राहगीर
किस सड़क पर जाम की स्थिति नहीं है इसको लेकर राहगीर पुलिसकर्मियों के अलावा अन्य आमजन से जानकारी जुटाते दिखे। वे अपने-अपने जानकारों से भी वाट्सअप व मोबाइल के माध्यम से भी पता लगाते रहे। दिनभर लोग इसी कशमकश में रहे कि कहीं वे किसी मार्ग से गुजरने लगे तो बीच रास्ते में तो वे जाम में न फंस जाए। इसको लेकर उनके माथे पर चिंता की लकीरें साफ तौर पर देखने को मिली।
सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता
जाटों के आंदोलन को भांपते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह से अलर्ट है। सभी सरकारी कार्यालयों व रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। जहां धरने-प्रदर्शन हो रहे है उन पर राज्य का खुफिया विभाग भी नजर गड़ाए हुए हैं।
सोमवार को जिले में कई स्थानों पर हुए रोड जाम को लेकर थाना सदर बहादुरगढ़ में 50 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमें दर्ज हुए हैं। मंगलवार को भी पुलिस की नजर जाम लगाने वालों पर लगी हुई है।
स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
जाम के चलते स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर देखने को मिला। सिविल हास्पिटल में कई डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ जो कि रोहतक व उससे आगे के क्षेत्र से अप-डाउन करते हैं वे मंगलवार को जाम को देखते हुए बीच रास्ते में ही फंसे रहे। ऐसे में ड्यूटी पर नहीं पहुंच पाए।
कुछ स्टाफ तो सोमवार को ही हास्पिटल में ठहर गया था तो कुछ ने अपने परिचितों के पास शरण ली। ऐसे में जो डाक्टर दिल्ली व दूसरे क्षेत्रों से आते थे उनके सहारे ही ज्यादातर कार्य चलता रहा।
शादी विवाह वालों को दिक्कतें
बुधवार को सेकड़ों की संख्या में शादियां है। इसको लेकर मंगलवार को अनेक लोग शगुन देने के लिए जा रहे थे तो वे बीच रास्ते में ही जाम में फंस गए। ऐसे में उन्हें काफी दिक्कतें हुई। मन मसोसकर लोग किसी दूसरे संपर्क मार्गों से लंबी दूरी तय करते हुए देरी से पहुंचे।
शहर में भी दिखा जाम
जगह-जगह जाम की स्थिति का असर बहादुरगढ़ शहर में भी साफ तौर पर देखने को मिला। दिल्ली-रोहतक रोड पर सेक्टर-6 से लेकर सेक्टर-9 की पुलिया तक वाहन जाम में फंसे रहे। कुछ मिनट का यह सफर चालकों के लिए घंटे-डेढ़ घंटे का रहा। ऐसे में हर कोई राहगीर जाम से परेशान दिखा।