{"_id":"66e62e53064048e31205e299","slug":"it-rained-intermittently-throughout-the-night-made-people-feel-cold-bahadurgarh-news-c-195-1-nnl1001-113744-2024-09-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: रातभर रुक-रुककर हुई बारिश, लोगों को कराया ठंड का अहसास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: रातभर रुक-रुककर हुई बारिश, लोगों को कराया ठंड का अहसास
Sun, 15 Sep 2024 06:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 15 Sep 2024 06:16 AM IST
विज्ञापन
14jjrp19- झज्जर। दिल्ली गेट के नजदीक भरा बारिश का पानी। फोटो-संवाद
झज्जर। शहर और आसपास के इलाकों में शुक्रवार रात भर रुक-रुककर बारिश होती रही। बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं गुलाबी ठंड का अहसास भी करवा दिया।
बारिश होने से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को पूरा दिन बारिश होती रही। शाम को रुकने के बाद रात भर रुक-रुककर बारिश होती रही, जो सुबह तक जारी रही। शनिवार सुबह से ही बादलवाही छाई हुई थी। पूरे दिन तेज हवा चलती रही। हल्की धूप भी निकली, लेकिन हवा के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली।
शुक्रवार रात को हुई बारिश के चलते शहर के बर्फखाना रोड, दिल्ली गेट, बैंक राेड पर जलभराव रहा। जलनिकासी नहीं हाेने से आने जाने वाले लोगों को परेशानी हुई। शनिवार को अधिकतम तापमान 30 व न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अभी आने वाले दिनों में और बारिश होने की संभावना है। इससे बाजरे की फसलों को नुकसान हो सकता है, वही धान की फसलों के लिए ये बारिश लाभदायक साबित होगी।
विज्ञापन
मातनहेल में सबसे ज्यादा और बादली में सबसे कम बारिश
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे के दौरान औसतन 40.67 एमएम बारिश दर्ज की गई। मातनहेल में सबसे ज्यादा बादल बरसे। मातनहेल में 67, बहादुरगढ़ में 56, साल्हावास में 49, झज्जर में 31, बेरी में 27 और बादली में सबसे कम 14 एमएम बारिश दर्ज की गई।
18 को फिर दिखेगा मौसम में बदलाव
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि इस साल मानसून में सक्रियता के पीछे बंगाल की खाड़ी में लगातार बन रहे लो प्रेशर एरिया है। साथ ही साथ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर लगातार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं, जिसकी वजह से मानसून में तारतम्यता बनी हुई हैं। वर्तमान परिदृश्य में हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली पर मानसून सक्रियता में कमी आ गई है। मानसून कमजोर पड़ गया है क्योंकि मानसून टर्फ रेखा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर में चली गई हैं। हालांकि बंगाल की खाड़ी पर यागी चक्रवात के अवशेष डिप्रेशन में तब्दील हो गया है, जो 18 सितंबर के आसपास मध्य प्रदेश पर पहुंचने से हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली पर आंशिक असर से हल्का मौसम में बदलाव की संभावना है।
विज्ञापन
बारिश होने से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को पूरा दिन बारिश होती रही। शाम को रुकने के बाद रात भर रुक-रुककर बारिश होती रही, जो सुबह तक जारी रही। शनिवार सुबह से ही बादलवाही छाई हुई थी। पूरे दिन तेज हवा चलती रही। हल्की धूप भी निकली, लेकिन हवा के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली।
विज्ञापन
शुक्रवार रात को हुई बारिश के चलते शहर के बर्फखाना रोड, दिल्ली गेट, बैंक राेड पर जलभराव रहा। जलनिकासी नहीं हाेने से आने जाने वाले लोगों को परेशानी हुई। शनिवार को अधिकतम तापमान 30 व न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अभी आने वाले दिनों में और बारिश होने की संभावना है। इससे बाजरे की फसलों को नुकसान हो सकता है, वही धान की फसलों के लिए ये बारिश लाभदायक साबित होगी।
विज्ञापन
मातनहेल में सबसे ज्यादा और बादली में सबसे कम बारिश
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे के दौरान औसतन 40.67 एमएम बारिश दर्ज की गई। मातनहेल में सबसे ज्यादा बादल बरसे। मातनहेल में 67, बहादुरगढ़ में 56, साल्हावास में 49, झज्जर में 31, बेरी में 27 और बादली में सबसे कम 14 एमएम बारिश दर्ज की गई।
18 को फिर दिखेगा मौसम में बदलाव
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि इस साल मानसून में सक्रियता के पीछे बंगाल की खाड़ी में लगातार बन रहे लो प्रेशर एरिया है। साथ ही साथ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर लगातार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं, जिसकी वजह से मानसून में तारतम्यता बनी हुई हैं। वर्तमान परिदृश्य में हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली पर मानसून सक्रियता में कमी आ गई है। मानसून कमजोर पड़ गया है क्योंकि मानसून टर्फ रेखा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर में चली गई हैं। हालांकि बंगाल की खाड़ी पर यागी चक्रवात के अवशेष डिप्रेशन में तब्दील हो गया है, जो 18 सितंबर के आसपास मध्य प्रदेश पर पहुंचने से हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली पर आंशिक असर से हल्का मौसम में बदलाव की संभावना है।