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Jhajjar-Bahadurgarh News: मेडिकल स्टोर संचालकों को 30 दिन तक सीसीटीवी रिकॉर्डिंग रखना अनिवार्य
Fri, 13 Sep 2024 03:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 13 Sep 2024 03:19 AM IST
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12jjrp12- झज्जर। मेडिकल स्टोर के प्रधानों व ड्रग इंस्पेक्टर के साथ बैठक करते पुलिस उपायुक्त। स्
झज्जर। हरियाणा को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस कार्यालय झज्जर में ड्रग्स कंट्रोल इंस्पेक्टर और मेडिकल स्टोर के प्रधानों की बैठक का आयोजन किया गया।
पुलिस उपायुक्त लोगेश कुमार ने मेडिकल स्टोर के प्रधानों से रूबरू होते हुए कहा कि नशा पर अंकुश लगाने में मेडिकल स्टोर संचालकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। कुछ नशेड़ी नशे की पूर्ति के लिए मेडिकल स्टोर से दवाइयां और इंजेक्शन आदि खरीद कर ले जाते हैं। उन्होंने ड्रग्स कंट्रोलर निरीक्षक प्रतिभा यादव व मंजीत मलिक प्रधान मेडिकल स्टोर झज्जर व हरीश प्रधान मेडिकल स्टोर बहादुरगढ़ के साथ विचार-विमर्श किया। कहा कि कोई भी मेडिकल संचालक चिकित्सक की लिखी दवाओं के अतिरिक्त कोई अन्य दवा न दें।
सभी अपने मेडिकल स्टोर पर सीसीटीवी कैमरे जरूर लगवाएं। इसकी रिकॉर्डिंग 30 दिन तक जरूर रखें। अगर किसी के साथ भी कोई अनहोनी घटती है तो सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके। बहुत बार ऐसा सामने आया है कि मेडिकल संचालकों द्वारा दुकान में कैमरे तो लगाए गए हैं, लेकिन उनका डाटा बहुत कम होता है। उन्होंने बताया कि अगर कोई मेडिकल संचालक प्रतिबंधित नशीली दवाई बेचता पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और उसका लाइसेंस भी रद्द करवाने की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस उपायुक्त ने मेडिकल स्टोर के प्रधानों के माध्यम से मेडिकल संचालकों को हिदायत देते हुए कहा कि बिना चिकित्सक की सलाह से प्रतिबंधित दवाइयां ना दें। प्रतिबंधित नशीली दवाई से यदि किसी व्यक्ति के लिए जान का खतरा उत्पन्न हुआ तो प्रतिबंधित नशीली दवाई उपलब्ध कराने वाले मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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पुलिस उपायुक्त लोगेश कुमार ने मेडिकल स्टोर के प्रधानों से रूबरू होते हुए कहा कि नशा पर अंकुश लगाने में मेडिकल स्टोर संचालकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। कुछ नशेड़ी नशे की पूर्ति के लिए मेडिकल स्टोर से दवाइयां और इंजेक्शन आदि खरीद कर ले जाते हैं। उन्होंने ड्रग्स कंट्रोलर निरीक्षक प्रतिभा यादव व मंजीत मलिक प्रधान मेडिकल स्टोर झज्जर व हरीश प्रधान मेडिकल स्टोर बहादुरगढ़ के साथ विचार-विमर्श किया। कहा कि कोई भी मेडिकल संचालक चिकित्सक की लिखी दवाओं के अतिरिक्त कोई अन्य दवा न दें।
सभी अपने मेडिकल स्टोर पर सीसीटीवी कैमरे जरूर लगवाएं। इसकी रिकॉर्डिंग 30 दिन तक जरूर रखें। अगर किसी के साथ भी कोई अनहोनी घटती है तो सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके। बहुत बार ऐसा सामने आया है कि मेडिकल संचालकों द्वारा दुकान में कैमरे तो लगाए गए हैं, लेकिन उनका डाटा बहुत कम होता है। उन्होंने बताया कि अगर कोई मेडिकल संचालक प्रतिबंधित नशीली दवाई बेचता पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और उसका लाइसेंस भी रद्द करवाने की कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस उपायुक्त ने मेडिकल स्टोर के प्रधानों के माध्यम से मेडिकल संचालकों को हिदायत देते हुए कहा कि बिना चिकित्सक की सलाह से प्रतिबंधित दवाइयां ना दें। प्रतिबंधित नशीली दवाई से यदि किसी व्यक्ति के लिए जान का खतरा उत्पन्न हुआ तो प्रतिबंधित नशीली दवाई उपलब्ध कराने वाले मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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