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Jhajjar-Bahadurgarh News: टोहाना में होने वाली महापंचायत में शामिल होने का दिया न्योता
Sat, 04 Jan 2025 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sat, 04 Jan 2025 01:27 AM IST
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-फोटो 57 : सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते संगठन पदाधिकारी। स्रोत संगठन
बहादुरगढ़। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं ने शहर की कई कालोनियों का दौरा किया। उन्होंने 4 जनवरी को टोहाना अनाज मंडी में होने वाली संयुक्त किसान मोर्चा, हरियाणा की महापंचायत को सफल बनाने के लिए लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।
संगठन के प्रदेश सचिव जयकरण मांडौठी तथा जिला कमेटी सदस्य रामकिशन ने कहा कि सुप्रीमकोर्ट की चेतावनी के बावजूद मोदी सरकार आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की जिंदगी बचाने के लिए न तो कोई उचित कदम उठा रही है और न ही किसानों को दिल्ली जाने दे रही है। 13 महीने चले आंदोलन के दबाव में केंद्र सरकार ने जो तीन कृषि कानून वापिस लिए थे, आज नाम बदल कर उन्हें वापिस लाया जा रहा है जो कार्पोरेट घरानों के हित में हैं। उसे गरीब किसानों, मजदूरों और आम जनता की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों के दिल्ली जाने पर रोक हटाई जाए और किसान संगठनों से तुरंत बातचीत की जाए। साथ ही एमएसपी पर सरकारी खरीद की गारंटी का कानून बनाने, बिजली बिल 2023 रद्द करने, किसान-मजदूरों समेत देश की मेहनतकश जनता को कर्ज मुक्त करने, भूख हड़ताल पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का जीवन बचाने तथा नई कृषि व्यापार नीति वापस लेने की बात कही। उन्होंने पूंजीपति हितैषी नीतियों के खिलाफ उठ खड़ा होने की अपील करते हुए कहा कि आंदोलन के अलावा मेहनतकश लोगों का इस पूंजीवादी शोषण से मुक्ति का कोई रास्ता नहीं है।
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संगठन के प्रदेश सचिव जयकरण मांडौठी तथा जिला कमेटी सदस्य रामकिशन ने कहा कि सुप्रीमकोर्ट की चेतावनी के बावजूद मोदी सरकार आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की जिंदगी बचाने के लिए न तो कोई उचित कदम उठा रही है और न ही किसानों को दिल्ली जाने दे रही है। 13 महीने चले आंदोलन के दबाव में केंद्र सरकार ने जो तीन कृषि कानून वापिस लिए थे, आज नाम बदल कर उन्हें वापिस लाया जा रहा है जो कार्पोरेट घरानों के हित में हैं। उसे गरीब किसानों, मजदूरों और आम जनता की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों के दिल्ली जाने पर रोक हटाई जाए और किसान संगठनों से तुरंत बातचीत की जाए। साथ ही एमएसपी पर सरकारी खरीद की गारंटी का कानून बनाने, बिजली बिल 2023 रद्द करने, किसान-मजदूरों समेत देश की मेहनतकश जनता को कर्ज मुक्त करने, भूख हड़ताल पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का जीवन बचाने तथा नई कृषि व्यापार नीति वापस लेने की बात कही। उन्होंने पूंजीपति हितैषी नीतियों के खिलाफ उठ खड़ा होने की अपील करते हुए कहा कि आंदोलन के अलावा मेहनतकश लोगों का इस पूंजीवादी शोषण से मुक्ति का कोई रास्ता नहीं है।
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