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स्कूल बसों की हुई जांच, वर्दी बिना मिले पांच बसों के चालकों के चालान
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बहादुरगढ़। झज्जर में हुई स्कूल वैन की दुर्घटना के बाद बहादुरगढ़ में पुलिस प्रशासन ने जागरूकता अभियान चलाया। सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत यातायात थाना पुलिस की ओर से कई स्कूलों के वाहनों की जांच की गई और कई के चालान किए गए।
यातायात समन्वयक सतीश कुमार के नेतृत्व में क्षेत्र के कई स्कूलों की 45 बसों को चेक किया गया। पॉलिसी के अनुसार, बसों में सब कुछ ठीक पाया गया लेकिन पांच बसों के चालक बिना वर्दी के मिले। ऐसे में पुलिस ने इन पांचों वाहन चालकों का चालान कर दिया। सभी का 500-500 रुपये का चालान किया गया। सतीश कुमार ने बताया कि सुरक्षित वाहन पॉलिसी के सभी स्कूलों में लगे वाहनों को स्कूल प्रबंधकों की ओर से फिट रखना होता है। साथ ही चालक की वेरिफिकेशन के साथ-साथ उसका लाइसेंस भी होना चाहिए। स्कूल बसें नियंत्रित गति सीमा में ही चलनी चाहिए। चेकिंग के दौरान सभी बस चालकों व स्कूल प्रबंधकों को पालिसी के नियमों को लेकर जागरूक भी किया गया।
उधर, सामाजिक कार्यकर्ता नरेश कुमार ने कहा कि कई स्कूलों की बसों में क्षमता से बहुत अधिक बच्चों को सवार कर लिया जाता है। जो न केवल सड़क सुरक्षा नियमों की दृष्टि से गलत है, बल्कि कोरोना के इस दौर में बच्चों के स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस दिशा में निरंतर जांच कर आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
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यातायात समन्वयक सतीश कुमार के नेतृत्व में क्षेत्र के कई स्कूलों की 45 बसों को चेक किया गया। पॉलिसी के अनुसार, बसों में सब कुछ ठीक पाया गया लेकिन पांच बसों के चालक बिना वर्दी के मिले। ऐसे में पुलिस ने इन पांचों वाहन चालकों का चालान कर दिया। सभी का 500-500 रुपये का चालान किया गया। सतीश कुमार ने बताया कि सुरक्षित वाहन पॉलिसी के सभी स्कूलों में लगे वाहनों को स्कूल प्रबंधकों की ओर से फिट रखना होता है। साथ ही चालक की वेरिफिकेशन के साथ-साथ उसका लाइसेंस भी होना चाहिए। स्कूल बसें नियंत्रित गति सीमा में ही चलनी चाहिए। चेकिंग के दौरान सभी बस चालकों व स्कूल प्रबंधकों को पालिसी के नियमों को लेकर जागरूक भी किया गया।
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उधर, सामाजिक कार्यकर्ता नरेश कुमार ने कहा कि कई स्कूलों की बसों में क्षमता से बहुत अधिक बच्चों को सवार कर लिया जाता है। जो न केवल सड़क सुरक्षा नियमों की दृष्टि से गलत है, बल्कि कोरोना के इस दौर में बच्चों के स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस दिशा में निरंतर जांच कर आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
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