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आईआईटी को कैंपस के लिए बाढ़सा की जमीन नहीं आई रास

Mon, 19 Jul 2021 01:06 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jul 2021 01:06 AM IST
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IIt campus did not satisfied of Badsa's land
भारतीय प्रौद्योगिक संस्थान (आईआईटी) परिसर निर्माण के लिए प्रशासन द्वारा चिह्नित की गई जमीन प्रबंधकों को रास नहीं आई है।पर संस्थान ने अब जिला प्रशासन से जमीन बदलने की मांग की है। जिला प्रशासन की ओर से अधिकारियों ने बादली की पंचायती जमीन का भी जायजा लिया। बाढ़सा में चिह्नित जगह पर संस्थान ने आपत्ति दर्ज करवाई तो गांव के स्टेडियम की जगह देने पर सहमति बनी, लेकिन अब संस्थान ने बादली और बाईपास के आसपास जगह की मांग भेजी है। इसलिए जिला प्रशासन की ओर से आईआईटी कैंपस के लिए नई जगह तलाश की जा रही है। आईआईटी का कैंपस बनने से बादली के विकास को गति मिलेगी।
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आईआईटी ने 8 साल बीत जाने के बाद भी बाढ़सा में चिह्नित जमीन पर कैंपस का निर्माण कार्य शुरू नहीं करवाया। अब संस्थान ने जमीन बदलने की मांग जिला प्रशासन को भेजी है। संस्थान ने पिछले वर्ष एम्स-2 के पास जमीन का तबादला करने की बात रखी थी लेकिन अब बादली बाइपास के पास जमीन की पेशकश की है। आईआईटी की ओर से हवाला दिया गया है कि बाढ़सा में जहां पर जमीन दी गई है वह कैंपस निर्माण के लिए उचित नहीं है। संस्थान की मांग के बाद प्रशासन भी हरकत में आया। प्रशासन ने भी बादली में पंचायती जमीन का निरीक्षण कर लिया है।
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पिछले साल हुए प्रस्ताव के अनुसार बाढ़सा गांव में खेल स्टेडियम की करीब 15 एकड़ जमीन आईआईटी को देनी थी। इसके लिए बाढ़सा की ग्राम पंचायत ने भी अनुमति दी। लेकिन अब एक बार फिर संस्थान की ओर से आपत्ति दर्ज करवाते हुए बादली में जमीन की मांग रखी है। पिछले साल हुए समझौते के अनुसार संस्थान की ओर से गांव के स्टेडियम की चार दीवारी पर आई लागत पंचायत को देनी थी। अब यह योजना भी घटाई में चली गई है।
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तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने संस्थान को जमीन देते हुए 2020 तक रोजगार के साधन उपलब्ध करवाने की बात कही थी। तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री एवं आईआईटी कमेटी के सदस्य डाक्टर एमएम पल्लमराजू ने राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ बातचीत में निर्धारित समय में देश के काफी युवाओं का कौशल विकास करने का वादा किया था। लेकिन 9 साल बीत जाने के बाद भी संस्थान का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
आईआईटी को दिल्ली सीमा से सटी 50 एकड़ जमीन दी गई जिसके बदले ग्राम पंचायत को करीब 10 करोड़ रुपये मिले हैं। जमीन की कीमत तीन किश्तों में ग्राम पंचायत को उपलब्ध करवाई गई। सरकार और संस्थान के लिए पंचायत हर संभव के लिए तैयार है। सरकार को भी चाहिए कि कैंपस का निर्माण कार्य में तेजी करवाए ताकि युवाओं को लाभ मिल सके। -रामकरण शर्मा, बीडीपीओ बादली

आईआईटी कैंपस के लिए जगह की तलाश की जा रही है। हमने संस्थान के अधिकारियों के साथ बादली की पंचायती जमीन का निरीक्षण किया। प्राथमिक स्तर पर जगह संस्थान के अधिकारियों को पसंद आई है। प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की जा रही है ताकि संस्थान के निर्माण का रास्ता साफ हो सके। -विशाल कुमार, एसडीएम बादली।
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