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Jhajjar-Bahadurgarh News: महिलाओं के प्रति नजरिया बदले तो हर दिन होगा महिला दिवस

Fri, 08 Mar 2024 01:44 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Fri, 08 Mar 2024 01:44 AM IST
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If attitudes towards women change, every day will be Women's Day.
बादली। 8 मार्च को महिला दिवस है। महिलाएं आज भी स्वयं को समाज से अलग थलग महसूस कर रहीं हैं। महिलाओं का स्वयं ही मानना है कि उन्हें समाज ही नहीं बल्कि कानूनी तौर पर बराबर का दर्जा देने में कदम पीछे किया जा रहा है। महिलाओं को समाज में अभी भी समान व्यवहार की नहीं मिल रहा जबकि नारी के कई रूप हैं, मार्गदर्शिका है, बेटी है, बहन है, प्रेमिका है, पत्नी है और सबसे बढ़कर जननी है। महिला दिवस को साल में एक दिन नहीं बल्कि हर दिन मनाने पर महिलाओं ने जोर दिया है।
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नारी शिक्षा को मिले बल
महिलाओं को अभी भी शिक्षा से वंचित किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के परिजनों को लड़कियों को शिक्षा के क्षेत्र में जागरूक होना होगा ताकि ग्रामीण लड़कियां भी समाज और देश का नाम रोशन कर सकें। इस कदम में सरकार की बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पहल भी कारगर साबित हो सकती है मगर सबसे पहले परिजनों को शिक्षा के क्षेत्र में स्वतंत्र करना जरूरी है।
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नीलम गुलिया, स्कूल संचालिका

कला में भी मजबूत बने महिलाएं
कला सहित कई निजी क्षेत्रों में भविष्य सुधारने के लिए महिलाओं को मजबूत होना होगा। महिलाओं को केवल पुरूषों की गैरहाजिर पूरी करने के लिए नहीं बल्कि स्वयं को साबित करने के लिए अच्छी सोच के तौर पर मजबूती मिलनी चाहिए। स्वतंत्र होकर महिलाओं को आगे बढ़ना है जिसमें समाज की पाबंदियां कम से कम हों।
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प्रीति कौशिक, हरियाणवीं कलाकार।



कानूनी ज्ञान जरूरी
समाज में महिलाओं के प्रति नजरिया बदलने से ही सही मायनों में महिलाओं का सम्मान हो सकेगा। महिलाओं को अच्छी तरह से कानून का ज्ञान होना चाहिए। महिलाओं को अपनी सुरक्षा और अधिकारों के प्रति सजग होना होगा। उनका मानना है कि महिला दिवस मनाने से ज्यादा जरूरी है महिलाओं को उनके अधिकारोंं के प्रति जागरूक किया जाए।

पूनम रानी, प्राध्यापिका राजकीय महाविद्यालय।


खेलों में दिखाओ जौहर
महिलाओं को चाहिए कि शिक्षा के साथ-साथ खेलों में जौहर दिखाए। आत्मरक्षा के गुर सीखें और किसी क्षेत्र की तरह खेलों में भागीदारी करें। जूनून बना लिया जाए तो खेलों में शादी और अन्य कोई बाधा नहीं बन सकती।
प्रियंका काद्यान, एशियन गेम्स विजेता।
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