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Jhajjar-Bahadurgarh News: मैने मेहनत की, करोड़ों देशवासियों के प्यार और दुआओं ने दिलाया पदक

Wed, 28 Aug 2024 05:52 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 28 Aug 2024 05:52 AM IST
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I worked hard, the love and prayers of crores of countrymen gave me the medal.
: बहादुरगढ़ में ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता अमन का स्वागत करते क्षेत्रवासी।
बहादुरगढ़। पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले झज्जर के खिलाड़ी अमन सहरावत का बहादुरगढ़ पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। करीब 63 किलोमीटर सफर में एक दर्जन से अधिक गांवों में बड़े-बुुजुर्ग और महिलाओं ने अपने लाड़ले को सिर आंखों पर बैठाया। अमन ने कहा 2028 के ओलंपिक में वह देश को स्वर्ण पदक दिलाएंगे। इसके लिए पूरा प्रयास करेंगे।
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अमन झज्जर के बिरोहड़ गांव के रहने वाले हैं। जिले में प्रवेश करते ही उनके स्वागत का सिलसिला शुरू हो गया। करीब 63 किलोमीटर के उनके गांव तक के सफर के बीच दो दर्जन से ज्यादा जगह पर अमन का स्वागत हुआ। अमन ने कहा कि पूरे देश को उनसे पदक की उम्मीद थी। उन्होंने भी देशवासियों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए पूरी मेहनत की। ओलंपिक में जाने के बाद देशवासियों का प्यार, दुआएं और आशीर्वाद उनके साथ था, उसी के दम पर उसने यह मुकाम हासिल किया।2028 के ओलंपिक खेलों में अमन ने पदक का रंग बदलकर गोल्ड मेडल हासिल करने की बात कही। अमन का कहना है कि युवा पहलवान अपना 100 प्रतिशत समर्पण खेल को देंगे तो परिणाम अच्छा होगा। कुलबीर नंबरदार ने शॉल भेंट पर अमन के गुरु महाबली सतपाल का सम्मान किया। महाबली सतपाल पहलवान का कहना है कि अमन सहरावत पहलवान सुशील कुमार का चहेता पहलवान है। उन्होंने बताया कि अमन ने अभी से 2028 की तैयारी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि पेरिस ओलंपिक में देश के खिलाड़ियों ने 6 पदक हासिल किए हैं जो बड़े गर्व की बात है। 2028 के ओलंपिक खेलों में पूरे देश को खिलाड़ियों से और भी ज्यादा पदक हासिल करने की उम्मीद है।
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भरी आंखों से बोले अमन-माता पिता की याद आती है
गांवों में स्वागत के लिए उमड़े लोगों का प्यार देख अमन की आंखे भर आई। उसने कहा कि काश... आज उनके माता पिता होते। अमन ने कहा कि उन्हें अपने माता-पिता की याद आती है। अमन जब 13 साल के थे तब उनके माता-पिता का स्वर्गवास हो गया था। इसके बावजूद अमन ने हिम्मत नहीं हारी और दिन-रात कुश्ती के खेल में सफलता हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की। इसी की बदौलत अमन ने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेलों में पदक हासिल करने के साथ-साथ ओलंपिक खेलों में भी कांस्य पदक हासिल किया है।
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वासी।
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