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पंजाब और हरियाणा के कई जिलों से टीकरी बॉर्डर पहुंचे सैकड़ों किसान, कलाकारों और अभिनेताओं ने रखे विचार
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बहादुरगढ़ बाईपास से अपने ट्रैक्टर पर निकलते युवा किसान। संवाद
- फोटो : Bahadurgarh
बहादुरगढ़। टीकरी बॉर्डर-बहादुरगढ़ में शनिवार को किसानों के पड़ाव का 45वां दिन रहा। डेढ़ माह पूरा होने के बावजूद किसानों के धैर्य में कोई कमी नजर नहीं आई। आंदोलनकारियों की संख्या भी ठंड में घटने के बजाय बढ़ रही है। अब रोहतक रोड पर ब्राइट एवेन्यू स्कूल के आगे तक भी किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लाइन बढ़ गई है। सेक्टर-9 और 9ए के विभाजक रोड पर भी काफी संख्या में किसानों ने डेरा डाल लिया है। किसान संगठनों के नेताओं के अलावा कंवर ग्रेवाल, हरभजन मान और हर्फ चीमा समेत कई बड़े पंजाबी कलाकारों ने टीकरी बॉर्डर पर हुई मुख्य सभा में किसानों को संबोधित करते हुए सरकार से तीनों कृषि कानून वापस लेने और एमएसपी लागू करने की मांग की।
श्रीगंगानगर इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन और अपने ट्रैक्टर-ट्रालियों व अन्य वाहनों में सैकड़ों किसान टीकरी बॉर्डर पहुंचे। इसमें महिलाओं की संख्या भी अच्छी रही। पंजाब के जिले मानसा, बठिंडा, लुधियाना, मोगा और संगरूर के साथ सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी, रोहतक और झज्जर से काफी किसान धरने में शामिल हुए। बहादुरगढ़ में रेलवे रोड, दिल्ली-रोहतक रोड, झज्जर रोड, बालोर रोड, बाइपास और नजफगढ़ रोड पर दिनभर किसान आंदोलनकारियों की चहल-पहल रही।
टीकरी बॉर्डर पर 11 किशान अनशन पर रहे। ग्यारह किसानों ने 24 घंटे का अनशन पूरा होने पर शनिवार सुबह 11 बजे अनशन खत्म किया और साथ ही रविवार सुबह 11 बजे तक के लिए 11 दूसरे किसानों ने अनशन आरंभ कर दिया।
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शनिवार को लगातार 14वें दिन भी इलाके में तीनों हाइवे टोल फ्री रहे। राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर रोहद, एनएच-324-बी पर छारा, और केएमपी पर मांडोठी और बादली नाकों पर संबंधित टोल कंपनियां वाहन चालकों से लगातार 15वें दिन शनिवार को भी टोल नहीं वसूल पाई। छोटे-बड़े सभी वाहन टोल गिए बिना ही निर्बाध निकलते रहे। कंवर ग्रेवाल, हर्फ चीमा, हरभजन मान, आर्य बब्बर, नूर चहल, गुरप्रीत सैनी, स्वरा भास्कर और रवि शेर गिल समेत कई मशहूर गायक व अभिनेता दिनभर किसानों के बीच रहे। उन्होंने किसानों को टेंट आदि जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए इंतजाम करवाए।
आल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गेनाइजेशन मध्यप्रदेश के अध्यक्ष रमन जनप्पा और शहीद राजा नाहर सिंह सोसायटी दिल्ली के प्रधान सुरेंद्र समेत कई संगठनों के नेताओं ने टीकी बॉर्डर सभा को संबोधित कर आंदोलन को समर्थन दिया। दीनबंधु सर चौ. छोटूराम की पुण्यतिथि किसानों ने उनकी पुण्य तिथि पर याद किया। किसानों के 15 किलोमीटर से भी लंबे पड़ाव में चौ. छोटूराम को जगह-जगह श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
भारतीय किसान संघ के झज्जर जिला अध्यक्ष सतीश छिकारा ने दीनबंधु की सेवाओं को याद करते हुए कहा कि उन्होंने गरीब, मजदूर व कमेरे वर्ग को साहूकारों की बेड़ियों से मुक्त करवाकर काले कानूनों को समाप्त करवाया। किसानों के खेतों को पानी उपलब्ध करवाने के लिए भाखड़ा बांध बनवाने के लिए किए गए उनके प्रयासों को भुलाया नहीं जा सकता।
नयागांव चौक के पास और जाखोदा के पास भी किसानों ने चौ. छोटूराम की प्रेरणाओं को याद किया। पूर्व चेयरमैन रवि खत्री ने कहा कि चौ. छोटूराम ने अंग्रेजों से लड़कर किसानों को दयनीय हालत से उबारा। उनके प्रयासों की बदौलत ही आज हम खुशहाली का जीवन जी रहे हैं। अखिल भारतीय किसान खेत मजदूर संगठन ने भी सेक्टर-9 बाइपास मोड़ से टीकरी बॉर्डर तक जयकरण मांडोठी की अगुवाई में प्रदर्शन कर केंद्र सरकार से कृषि संबंधी तीनों कानून वापस लेने और हमेशा एमएसपी देना सुनिश्चित करने के लिए कानून बनाने की मांग की।
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श्रीगंगानगर इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन और अपने ट्रैक्टर-ट्रालियों व अन्य वाहनों में सैकड़ों किसान टीकरी बॉर्डर पहुंचे। इसमें महिलाओं की संख्या भी अच्छी रही। पंजाब के जिले मानसा, बठिंडा, लुधियाना, मोगा और संगरूर के साथ सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी, रोहतक और झज्जर से काफी किसान धरने में शामिल हुए। बहादुरगढ़ में रेलवे रोड, दिल्ली-रोहतक रोड, झज्जर रोड, बालोर रोड, बाइपास और नजफगढ़ रोड पर दिनभर किसान आंदोलनकारियों की चहल-पहल रही।
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टीकरी बॉर्डर पर 11 किशान अनशन पर रहे। ग्यारह किसानों ने 24 घंटे का अनशन पूरा होने पर शनिवार सुबह 11 बजे अनशन खत्म किया और साथ ही रविवार सुबह 11 बजे तक के लिए 11 दूसरे किसानों ने अनशन आरंभ कर दिया।
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शनिवार को लगातार 14वें दिन भी इलाके में तीनों हाइवे टोल फ्री रहे। राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर रोहद, एनएच-324-बी पर छारा, और केएमपी पर मांडोठी और बादली नाकों पर संबंधित टोल कंपनियां वाहन चालकों से लगातार 15वें दिन शनिवार को भी टोल नहीं वसूल पाई। छोटे-बड़े सभी वाहन टोल गिए बिना ही निर्बाध निकलते रहे। कंवर ग्रेवाल, हर्फ चीमा, हरभजन मान, आर्य बब्बर, नूर चहल, गुरप्रीत सैनी, स्वरा भास्कर और रवि शेर गिल समेत कई मशहूर गायक व अभिनेता दिनभर किसानों के बीच रहे। उन्होंने किसानों को टेंट आदि जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए इंतजाम करवाए।
आल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गेनाइजेशन मध्यप्रदेश के अध्यक्ष रमन जनप्पा और शहीद राजा नाहर सिंह सोसायटी दिल्ली के प्रधान सुरेंद्र समेत कई संगठनों के नेताओं ने टीकी बॉर्डर सभा को संबोधित कर आंदोलन को समर्थन दिया। दीनबंधु सर चौ. छोटूराम की पुण्यतिथि किसानों ने उनकी पुण्य तिथि पर याद किया। किसानों के 15 किलोमीटर से भी लंबे पड़ाव में चौ. छोटूराम को जगह-जगह श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
भारतीय किसान संघ के झज्जर जिला अध्यक्ष सतीश छिकारा ने दीनबंधु की सेवाओं को याद करते हुए कहा कि उन्होंने गरीब, मजदूर व कमेरे वर्ग को साहूकारों की बेड़ियों से मुक्त करवाकर काले कानूनों को समाप्त करवाया। किसानों के खेतों को पानी उपलब्ध करवाने के लिए भाखड़ा बांध बनवाने के लिए किए गए उनके प्रयासों को भुलाया नहीं जा सकता।
नयागांव चौक के पास और जाखोदा के पास भी किसानों ने चौ. छोटूराम की प्रेरणाओं को याद किया। पूर्व चेयरमैन रवि खत्री ने कहा कि चौ. छोटूराम ने अंग्रेजों से लड़कर किसानों को दयनीय हालत से उबारा। उनके प्रयासों की बदौलत ही आज हम खुशहाली का जीवन जी रहे हैं। अखिल भारतीय किसान खेत मजदूर संगठन ने भी सेक्टर-9 बाइपास मोड़ से टीकरी बॉर्डर तक जयकरण मांडोठी की अगुवाई में प्रदर्शन कर केंद्र सरकार से कृषि संबंधी तीनों कानून वापस लेने और हमेशा एमएसपी देना सुनिश्चित करने के लिए कानून बनाने की मांग की।

टीकरी बॉर्डर पर किसानों की सभा में अपने विचार व्यक्त करते हरभजन मान। संवाद- फोटो : Bahadurgarh

किसानों के पड़ाव में कंवर ग्रेवाल और हर्फ चीमा। संवाद- फोटो : Bahadurgarh