{"_id":"680401cbb2c7fd834e0089ec","slug":"how-will-children-be-educated-28-schools-did-not-show-seats-on-rte-portal-department-issued-notice-bahadurgarh-news-c-200-1-bgh1002-114243-2025-04-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैसे होंगे बच्चे शिक्षित : 28 स्कूलों ने नहीं दिखाई आरटीई पोर्टल पर सीटें, विभाग ने दिए नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैसे होंगे बच्चे शिक्षित : 28 स्कूलों ने नहीं दिखाई आरटीई पोर्टल पर सीटें, विभाग ने दिए नोटिस
Sun, 20 Apr 2025 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 20 Apr 2025 01:34 AM IST
विज्ञापन
बहादुरगढ़। प्रदेश सरकार की ओर से स्कूलों में निशुल्क प्रवेश योजना पर आरटीई के तहत दाखिला की एक बड़ी पहल की है, लेकिन स्कूल संचालक हैं कि आरटीई के तहत विद्यार्थियों को दाखिला देना तो दूर, पोर्टल पर आरटीई की सीटें भी नहीं दर्शा रहे हैं। ऐसे में गरीब बच्चों को शिक्षा का अधिकार कैसे मिलेगा। इसको लेकर शिक्षा विभाग पूरी तरह सख्त हो गया है।
बहादुरगढ़ के लगभग 28 स्कूलों की ओर से आरटीई की सीटें पोर्टल पर नहीं दिखाई गई हैं। ऐसे स्कूलों को बहादुरगढ़ खंड शिक्षा अधिकारी की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही अधिकारियों ने कहा है कि ऐसे स्कूल संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। हरियाणा आरटीई निशुल्क प्रवेश योजना सभी जरूरतमंद आवेदकों के लिए शिक्षा निशुल्क बनाने के लिए राज्य सरकार की एक बड़ी पहल है। आरटीई योजना शुरू करने का मुख्य उद्देश्य निजी स्कूलों में निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करना है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा में आरटीई स्कूल प्रवेश 2025 का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा प्रदान करना है। यह योजना शिक्षा के अधिकार (राइट टू एजूकेशन) अधिनियम के तहत संचालित है और इसका लक्ष्य शिक्षा में समानता और सामाजिक न्याय स्थापित करना है। मगर शहर के निजी स्कूल संचालक इस अधिकार की धज्जियां उड़ा रहे हैं। बहादुरगढ़ के 28 निजी स्कूलों ने पोर्टल पर आरटीई की सीटें नहीं दिखाई हैं। ऐसे में इन स्कूलों के खिलाफ शिक्षा विभाग की ओर से कार्रवाई शुरू कर दी गई है। फिलहाल इन स्कूलों को नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है। विभाग की ओर से इन स्कूलों की सूची मंगलवार को जारी की जाएगी।
बहादुरगढ़ ब्लाक के 28 स्कूलों ने आरटीई की सीटें पोर्टल पर नहीं दिखाई हैं। इन स्कूलों को शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के आदेश से नोटिस दिए गए हैं। इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
- मुन्नी सहारण, खंड शिक्षा अधिकारी, बहादुरगढ़।
विज्ञापन
बहादुरगढ़ के लगभग 28 स्कूलों की ओर से आरटीई की सीटें पोर्टल पर नहीं दिखाई गई हैं। ऐसे स्कूलों को बहादुरगढ़ खंड शिक्षा अधिकारी की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही अधिकारियों ने कहा है कि ऐसे स्कूल संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। हरियाणा आरटीई निशुल्क प्रवेश योजना सभी जरूरतमंद आवेदकों के लिए शिक्षा निशुल्क बनाने के लिए राज्य सरकार की एक बड़ी पहल है। आरटीई योजना शुरू करने का मुख्य उद्देश्य निजी स्कूलों में निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करना है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा में आरटीई स्कूल प्रवेश 2025 का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा प्रदान करना है। यह योजना शिक्षा के अधिकार (राइट टू एजूकेशन) अधिनियम के तहत संचालित है और इसका लक्ष्य शिक्षा में समानता और सामाजिक न्याय स्थापित करना है। मगर शहर के निजी स्कूल संचालक इस अधिकार की धज्जियां उड़ा रहे हैं। बहादुरगढ़ के 28 निजी स्कूलों ने पोर्टल पर आरटीई की सीटें नहीं दिखाई हैं। ऐसे में इन स्कूलों के खिलाफ शिक्षा विभाग की ओर से कार्रवाई शुरू कर दी गई है। फिलहाल इन स्कूलों को नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है। विभाग की ओर से इन स्कूलों की सूची मंगलवार को जारी की जाएगी।
विज्ञापन
बहादुरगढ़ ब्लाक के 28 स्कूलों ने आरटीई की सीटें पोर्टल पर नहीं दिखाई हैं। इन स्कूलों को शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के आदेश से नोटिस दिए गए हैं। इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
- मुन्नी सहारण, खंड शिक्षा अधिकारी, बहादुरगढ़।