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आने वाले दिनों में हो सकती है शहरवासियों को परेशानी
ब्यूरो/अमर उजाला/झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 20 May 2016 12:46 AM IST
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water
- फोटो : Bureau
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सावधान! पानी का कम और सही इस्तेमाल करें। आने वाले दिनों में पानी की बड़ी समस्या हो सकती है। शहर के पुराने तहसील रोड पर बने वाटर वर्क्स में बन पानी के टैंक सूखने लगे हैं और उसमें सिर्फ एक दिन का ही पानी शेष बचा है। इन वाटर टैंको से शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों आर्यनगर, भट्टी गेट, कोसली रोड व रोहतक रोड से लगती कॉलोनियों में पानी की सप्लाई होती है। अगर समय रहते विभाग द्वारा समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो भीषण गर्मी में लोगों की हालत और अधिक पतली हो सकती है। उधर, लघु सचिवालय परिसर स्थित पार्क में कर्मचारी पानी का दुरुपयोग कर रहे हैं। गर्मी में जहां प्रशासन जहां लोगों से पानी की बूंद-बूंद बचाने की अपील कर रहा है। वहीं प्रशासन की नाक के नीचे पानी को व्यर्थ बहाया जा रहा है।
विभाग ने ठोक रहा है गर्मी में पानी की किल्लत न होने देने का दावा
गर्मी में आमजन को पानी की किल्लत न हो, इसके लिए विभाग पूरी तैयारियां करने का दावा कर रहा है। लेकिन वास्तविकता कुछ और ही है। शहर के हालातों पर नजर डाली जाए तो ऐसा लगता है कि दावे सब कागजों तक ही सीमित होकर रह गए हैं। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सूखे तालाबों से वाकिफ होते हुए भी पानी की सभी तैयारियों के पूरे होने के दावे ठोक रहे हैं। लेकिन शहर के पुरानी तहसील रोड पर स्थित वाटर टैंक में सिर्फ एक दिन का ही पानी बचा हैं। ऐसे में लोगों को परेशानी होना स्वाभाविक ही है।
प्रतिवर्ष लोगों को होना पड़ता है पानी की समस्या से दो-चार
गौरतलब है कि कि झज्जर शहर में पानी की समस्या बहुत पुरानी है। गर्मियों के मौसम में यह समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है। स्थिति यह बन पड़ती है कि कई-कई क्षेत्रों में सप्ताह में सिर्फ एक ही बार पानी आता है। जिसके चलते लोगों को या तो पानी खरीदकर पीना पड़ता है या फिर दूर-दराज के क्षेत्रों में लगे हैंडपंपों से। आलम यह रहता है कि महिलाओं का सारा समय पानी की व्यवस्था करने में ही बीत जाता है।
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दुल्हेड़ा माइनर पर बने पंप हाऊस पर बिजली के खराब होने के चलते पानी की सप्लाई वाटर टैंक तक नहीं पहुंच पा रही है। बिजली मात्र एक या दो घंटे ही मिल रही है। इसीलिए पानी का स्टोरेज नहीं हो पा रहा है। जिसके चलते परेशानी हो रही है। बिजली व्यवस्था सुचारू होने पर वाटर टैंक फुल कर दिए जाएंगे।
अजय कुमार,जेई, जन स्वास्थ्य विभाग।
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विभाग ने ठोक रहा है गर्मी में पानी की किल्लत न होने देने का दावा
गर्मी में आमजन को पानी की किल्लत न हो, इसके लिए विभाग पूरी तैयारियां करने का दावा कर रहा है। लेकिन वास्तविकता कुछ और ही है। शहर के हालातों पर नजर डाली जाए तो ऐसा लगता है कि दावे सब कागजों तक ही सीमित होकर रह गए हैं। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सूखे तालाबों से वाकिफ होते हुए भी पानी की सभी तैयारियों के पूरे होने के दावे ठोक रहे हैं। लेकिन शहर के पुरानी तहसील रोड पर स्थित वाटर टैंक में सिर्फ एक दिन का ही पानी बचा हैं। ऐसे में लोगों को परेशानी होना स्वाभाविक ही है।
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प्रतिवर्ष लोगों को होना पड़ता है पानी की समस्या से दो-चार
गौरतलब है कि कि झज्जर शहर में पानी की समस्या बहुत पुरानी है। गर्मियों के मौसम में यह समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है। स्थिति यह बन पड़ती है कि कई-कई क्षेत्रों में सप्ताह में सिर्फ एक ही बार पानी आता है। जिसके चलते लोगों को या तो पानी खरीदकर पीना पड़ता है या फिर दूर-दराज के क्षेत्रों में लगे हैंडपंपों से। आलम यह रहता है कि महिलाओं का सारा समय पानी की व्यवस्था करने में ही बीत जाता है।
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दुल्हेड़ा माइनर पर बने पंप हाऊस पर बिजली के खराब होने के चलते पानी की सप्लाई वाटर टैंक तक नहीं पहुंच पा रही है। बिजली मात्र एक या दो घंटे ही मिल रही है। इसीलिए पानी का स्टोरेज नहीं हो पा रहा है। जिसके चलते परेशानी हो रही है। बिजली व्यवस्था सुचारू होने पर वाटर टैंक फुल कर दिए जाएंगे।
अजय कुमार,जेई, जन स्वास्थ्य विभाग।