फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Hindi story, civil hospital, 28 employe, jhajjhar/bahadurgrah

भीड़ देख डॉक्टर परेशान, नहीं हो पाए ऑप्रेशन

Fri, 17 Jun 2016 01:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/झज्जर/बहादुरगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला/झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Fri, 17 Jun 2016 01:20 AM IST
विज्ञापन
Hindi story, civil hospital, 28 employe, jhajjhar/bahadurgrah
civil hospital - फोटो : Bureau
नागरिक अस्पताल से 28 कर्मचारियों को हटाए जाने के बाद वीरवार सुबह अस्पताल की व्यवस्था चरमरा गई। ओपीडी के रजिस्ट्रेशन करवाने के अलावा विभिन्न डॉक्टरों के कमरों के बाहर भी मरीजों की भीड़ जमा रही। स्थिति यह बन पड़ी कि ऑप्रेशन व्यवस्था भी बाधित हो गई और बिना मैन पावर के ऑप्रेशन तक नहीं हो सके। यही स्थिति एक्स-रे रूम सहित अन्य विभागों की भी रही।
विज्ञापन

  वीरवार को दो माह पूर्व अस्पताल में शुरू हुई कंप्यूटराइज्ड प्रणाली ने दम तोड़ दिया। कंप्यूटर ऑपरेटरों के बिना मैनुअल कार्य किया गया। आलम यह था कि ओपीडी के रजिस्ट्रेशन की पर्ची और एंट्री भी मैनुअल की गई। जिसके चलते मरीजों को परेशानी हुई और रजिस्ट्रेशन रूम के बाहर मरीजों और उनके तीमारदारों की लंबी कतारें लग गई। डॉक्टर अपने कमरों में कम और व्यवस्था को संभालने में ज्यादा दिखाई दिए। जिसके चलते मरीज डॉक्टरों के रूम के बाहर इंतजार करते रहे और डॉक्टरों को बुलाने के लिए इधर-उधर भटकते रहे। अधिकांश मरीजों को बिना इलाज करवाएं ही वापस लौटना
विज्ञापन

पड़ा। उधर, नौकरी से हटाए गए डाटा एंट्री आपरेटरों ने अस्पताल प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा। 28 कर्मचारियों को एकाएक हटाए जाने के बाद वीरवार सुबह अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल रहा। डॉक्टर जहां व्यवस्था को संभालने के लिए इधर-उधर चक्कर लगाते रहे, वहीं मरीज डॉक्टरों को ढूंढने में। जिसके चलते मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा और मरीजों को बिना इलाज करवाएं बैरंग वापस लौटना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन


कंप्यूटराइज्ड व्यवस्था ने तोड़ा दम
नागरिक अस्पताल को करीब दो माह पूर्व लाखों रुपये खर्च कर कंप्यूटराइज्ड किया गया था, ताकि मरीजों को कागजों के बोझ से मुक्ति मिले और कार्य भी जल्दी हो जाए, लेकिन एकाएक 10 डाटा एंट्री ऑपरेटर हटा देने से  कंप्यूटराइज्ड व्यवस्था ने भी दम तोड़ दिया। दिनभर कंप्यूटर शो-पीस बन कर पड़े रहे। मिनटों के काम में भी काफी समय लगा। वीरवार को सभी कार्य मैनुअल तरीके से हुए। जिसके चलते मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

क्या बोले मरीज
गांव कोट से अपने पोते अमन का पैर का ऑपरेशन करवाने आई कृष्णा कहती है कि डॉक्टरों ने 16 जून की ऑपरेशन करने की तारीख दी थी, लेकिन आज ऑपरेशन नहीं किया। डॉक्टरों से आपरेशन न करने का कारण पूछा तो डॉक्टर ने बताया कि आपरेशन थियेटर में जो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कार्य करते थे, उन्हें हटा दिया गया है। इसके चलते मैन पॉवर न होने के कारण आपरेशन नहीं हो पाएगा। जिसके चलते परेशानी हुई है और उन्हें बिना इलाज करवाएं ही वापस जाना पड़ रहा है।

वहीं एक अन्य मरीज रामफल का कहना है कि  करीब एक सप्ताह पूर्व उसकी पुत्रवधू ने बच्ची को जन्म दिया था। इस दौरान उसकी तबीयत खराब रहने लगी थी। वीरवार को वह अपनी पुत्र वधू को अस्पताल में इलाज के लिए लेकर आए हैं, लेकिन डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं। जिसके चलते परेशानी हो रही है।

हटाए गए कर्मचारी बोले
हटाए गए डाटा एंट्री ऑपरेटर विक्रम ने बताया कि वह अपाहिज हैं। डाटा एंट्री ऑपरेटर की नौकरी मिली थी। जिसके चलते परिवार को गुजारा चलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन अब बिना बताए हटा दिया है और मानदेय भी नहीं दिया है। जिसके चलते परेशानी हो रही है।

एक अन्य कर्मचारी अनूप का कहना है कि मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है, अस्पताल प्रशासन के अधिकारी ने सीएमओ से बातचीत करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अचानक नौकरी से हटा देने के चलते परेशानी हो रही है।




वीरवार को थोड़ी सी परेशानी जरूर हुई, लेकिन काम को मैनेज कर लिया गया है। उनका यही प्रयास है कि जल्द ही हटाए गए कर्मचारियों को दोबारा लगाने का अप्रूवल मिल जाए और वे अपनी पहले की तरह ड्यूटी कर सकें।
-डॉ. कुलदीप कार्यवाहक एसएमओ, नागरिक अस्पताल झज्जर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed