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पोलीक्लीनिक भवन में शिफ्ट होगा सीएमओ ऑफिस
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से सिविल सर्जन कार्यालय के पुराने भवन को खाली कर उसे सेक्टर छह में शिफ्ट करने की योजना चल रही है। जल्द ही विभाग की तरफ से पुराने सीएमओ भवन को सामान्य अस्पताल प्रबंधन को सौंप दिया जाएगा। ताकि इस भवन को भी सामान्य अस्पताल के लिए प्रयोग किया जा सके। हालांकि सीएमओ कार्यालय सामान्य अस्पताल से सेक्टर छह में शिफ्ट होने के बाद लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि सामान्य अस्पताल से सेक्टर छह के बीच की दूरी करीब तीन से चार किलोमीटर है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सभी कार्य फिलहाल एक स्थान पर ही होते हैं। लेकिन कुछ समय बाद विभाग के जुड़े कार्यों के लिए लोगों को सेक्टर छह में जाना पड़ेगा। सीएमओ कार्यालय के अंतर्गत आने वाले सभी विभागों से जुड़े अधिकारियों के सभी कार्यालय पोलीक्लीनिक में शिफ्ट हो जाएंगे। इस सीएमओ कार्यालय के पुराने भवन में एसएमओ के प्रशासनिक कार्यालय को भी तब्दील किया जा सकता है। सीएमओ कार्यालय सेक्टर छह में स्थानांतरित होने के बाद मेडिकल आदि के लिए लोगों को पहले सीएमओ कार्यालय में जाना पड़ेगा। उसके बाद चेकअप के लिए सामान्य अस्पताल आना पड़ेगा और उसके बाद उन्हें दोबारा से सेक्टर छह में अधिकारियों के हस्ताक्षर के लिए जाने पर मजबूर होना पड़ेगा।
अस्पताल में खल रही जगह की कमी
सामान्य अस्पताल के 100 बेड के भवन में पहले ही जगह की कमी खल रही थी। उसके बाद भी अस्पताल प्रबंधन की तरफ से परिवार नियोजन के ऑपरेशन वाले वार्ड को डायलिसिस यूनिट के लिए संबंधित कंपनी को दे दिया गया और वह एक साल से अधिक समय से बंद पड़ा है। विधानसभा सत्र के समय इस यूनिट को दस दिन में तैयार करने की बात कही जा रही थी। यहां पर मशीनें भी भेजी गई थी। लेकिन उसके बाद कोई कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
100 बेड के नए भवन के प्रपोजल को नहीं मिली हरी झंडी
सामान्य अस्पताल के पुराने भवन को तोड़कर उसके स्थान पर नया ब्लॉक तैयार करने के साथ साथ पुरानी मोर्चरी को तोड़ कर प्रशासनिक व ओपीडी ब्लॉक तैयार करने की भी योजना है। लेकिन सरकार की तरफ से इन भवनों के प्रपोजल को हरी झंडी नहीं मिल पाई है। अगर सरकार से इन्हें मंजूरी मिल जाती है तो झज्जर में जिला मुख्यालय पर 200 बेड का अस्पताल बन जाएगा।
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पोलीक्लीनिक में मरम्मत आदि का कार्य होना है। यह कार्य पूरा होने में करीब दो से तीन माह का समय और लग जाएगा। उसके बाद यह कार्यालय पोलीक्लीनिक में शिफ्ट हो जाएगा।
डॉ. कुलदीप सिंह, उप सिविल सर्जन, झज्जर।
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अस्पताल में खल रही जगह की कमी
सामान्य अस्पताल के 100 बेड के भवन में पहले ही जगह की कमी खल रही थी। उसके बाद भी अस्पताल प्रबंधन की तरफ से परिवार नियोजन के ऑपरेशन वाले वार्ड को डायलिसिस यूनिट के लिए संबंधित कंपनी को दे दिया गया और वह एक साल से अधिक समय से बंद पड़ा है। विधानसभा सत्र के समय इस यूनिट को दस दिन में तैयार करने की बात कही जा रही थी। यहां पर मशीनें भी भेजी गई थी। लेकिन उसके बाद कोई कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
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100 बेड के नए भवन के प्रपोजल को नहीं मिली हरी झंडी
सामान्य अस्पताल के पुराने भवन को तोड़कर उसके स्थान पर नया ब्लॉक तैयार करने के साथ साथ पुरानी मोर्चरी को तोड़ कर प्रशासनिक व ओपीडी ब्लॉक तैयार करने की भी योजना है। लेकिन सरकार की तरफ से इन भवनों के प्रपोजल को हरी झंडी नहीं मिल पाई है। अगर सरकार से इन्हें मंजूरी मिल जाती है तो झज्जर में जिला मुख्यालय पर 200 बेड का अस्पताल बन जाएगा।
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पोलीक्लीनिक में मरम्मत आदि का कार्य होना है। यह कार्य पूरा होने में करीब दो से तीन माह का समय और लग जाएगा। उसके बाद यह कार्यालय पोलीक्लीनिक में शिफ्ट हो जाएगा।
डॉ. कुलदीप सिंह, उप सिविल सर्जन, झज्जर।