फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   health, health issue, health service problem, hospital problem, jhajjar

चार साल में सरकार के आठ करोड़ हो गए बेकार, चिकित्सा से ज्यादा रेफर पर भरोसा

Wed, 20 Jul 2016 01:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर/बेरी
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर/बेरी Updated Wed, 20 Jul 2016 01:19 AM IST
विज्ञापन
health, health issue, health service problem, hospital problem, jhajjar
बेरी में ओपीडी के लिए रजिस्ट्रेशन करवाते मरीज - फोटो : bureau

चार साल पहले आठ करोड़ की लागत से बनाया गया बेरी का नागरिक अस्पताल बीमार हो गया है। अस्पताल में न तो अल्ट्रासाउंड की और न ही एक्सरे मशीन की सुविधा है। जिसके चलते स्थानीय लोगों को या तो निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है या फिर पीजीआई रोहतक में। समय पर सुविधा न मिलने के कारण लोगों को आर्थिक, शारीरिक और मानसिक सभी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि डॉक्टर भी ड्यूटी के दौरान नदारद रहते हैं। जिसका खामियाजा मरीजों और उनके तीमारदारों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं एंबुलेंस की भी उचित सुविधा मरीजों को नहीं मिल पा रही है। स्थानीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा कई दफा विभागीय अधिकारियों को सूचित करने के बाद भी समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। जिसके चलते लोगों में रोष भी बना हुआ है।

विज्ञापन


इलाज में कम और रेफर करने में देते है ज्यादा ध्यान
स्थानीय लोगों ने यहां कार्यरत डॉक्टरों पर आरोप लगाते हुए कहा कि डॉक्टर इलाज करने में कम और रेफर करने में ज्यादा ध्यान देते हैं। जिसके चलते लोग अब नागरिक अस्पताल में आने से भी गुरेज करने लगे हैं। गरीब आदमी ही जिनकी स्थिति बिल्कुल ठीक नहीं है, वहीं यहां इलाज करने के लिए आते हैं। लेकिन डॉक्टर उन पर भी ध्यान नहीं देते हैं।
विज्ञापन


चिकित्सक नदारद,  मरीज परेशान 
नागरिक अस्पताल में मौसम बदलते ही अस्पताल में मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। प्रतिदिन ओपीडी में 400 से 500 मरीज आ रहे है। लेकिन उन्हें समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। मंगलवार को भी डॉक्टर अपने कमरों से नदारद रहे तो मरीज डॉक्टरों की तलाश में इधर-उधर भटकते रहे। सबसे ज्यादा परेशानी  लाइसेंस बनाने वाले युवाओं को हुई। जिन्हें अपनी  मेडिकल की जांच करवाने के घंटो इंतजार करना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या कहते हैं मरीज 
सागर ने बताया कि आधे घंटे से डॉक्टर का इंतजार कर रहा हूं। कमरे में कोई नहीं है सिर्फ खाली कुर्सी हैं। कई बार तो ऐसा होता है कि 12 बजे के बाद पर्ची बनवा कर इलाज करवाने के लिए जाते हैं तो चिकित्सक कहते हैं कि टाइम हो गया हैं।

गांव बाघपुर निवासी जयपाल ने बताया कि अपनी बीमारी के इलाज के लिए अस्पताल आया था। लेकिन  कमरे में कोई चिकित्सक नहीं मिला। करीब आंधे घंटे से इधर-उधर घूम कर वापस घर जाना पड़ा। अस्पताल में कोई सुविधा नहीं हैं। कई बार तो ऐसा होता है कि चिकित्सकों द्वारा लिखी जाने वाले दवाइयां भी नहीं मिलती है। जो बाहर मेडिकल स्टोर से महंगी लेनी पड़ती हैं। 

संदीप जागड़ा ने बताया कि सरकार ने करोड़ों की लागत से बेरी के नागरिक अस्पताल तो बना रखा है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर जीरो है। अस्पताल में सुविधाओं के बारे में  बारे में कई बार एसएमओ व संबंधित विभाग के अधिकारियों से मिल चुके हैं। लेकिन कोई समाधान नहीं हो पा रहा है।

एंबुलेंस की भी नहीं है सुविधा
बेरी के नागरिक अस्पताल कि दयनीय स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वहां एंबुलेंस ही नहीं है। आपातकाल में दूबलधन या डीघल से एंबुलेंस मंगवानी पड़ती है जो कि दस किलोमीटर दूरी पर है। कई बार हादसे हो जाने के बाद भी विभाग कोई सबक नहीं ले रहा है। बता दें कि 23 मई एक गर्भवती महिला को रोहतक पीजीआई ले जाते समय एंबुलेंस बीच रास्ते में खराब हो गई थी और बच्चे की महिला के गर्भ में ही मौत हो गई थी। 

बेरी के नागरिक अस्पताल में कार्यरत स्टाफ की सूची
पद                             स्वीकृत                         तैनात
एमओ                           08                               06
स्टॉफ नर्स                      08                                08
चतुर्थ श्रेणी                     12                              04


नागरिक अस्पताल में जिन सुविधाओं का अभाव है उस  बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। उनका प्रयास यहीं है कि जल्द ही एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा अस्पताल में मरीजों को मिल सके। कई दफा मरीजों की संख्या अधिक होने के  चलते परेशानी हो जाती है। लेकिन रूटीन में ऐसा नहीं होता है। उनका प्रयास है कि मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो। 
जेपी चौहान, एसएमओ, बेरी नागरिक अस्पताल

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed