{"_id":"247be5d221fa1c74112121632551ce40","slug":"health-depatrtment-raid-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वास्थ्य विभाग का छापा, भारी मात्रा में मिली प्रतिबंधित दवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वास्थ्य विभाग का छापा, भारी मात्रा में मिली प्रतिबंधित दवा
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Fri, 11 Dec 2015 01:15 AM IST
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स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने संयुक्त रूप से वीरवार को बेगू रोड स्थित प्रीत नगर में छापेमारी करके एक मकान से भारी मात्रा में प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन दवा बरामद की।
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यह दवा बड़ी कैनी और छोटे पाउच में भरी पड़ी थी। खास बात यह है कि इन दवाओं के पास देसी शराब बोतलें मिली हैं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि इस मकान में शराब में मिलावट करके उसे बेचा जाता था। विभाग की टीम ने प्रतिबंधित दवा को सील करके उसे जांच के लिए चंडीगढ़ स्थित सरकारी लैब में भेज दिया है।
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पुलिस ने भी ड्रग इंस्पेक्टर संदीप गहलान की शिकायत पर मकान मालिक के खिलाफ केस दर्ज करके उसकी तलाश शुरू कर दी है।
ड्रग इंस्पेक्टर संदीप गहलान को सूचना मिली थी कि बेगू रोड स्थित प्रीत नगर की गली नंबर 12 के मकान नंबर 139 से शहर में प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन दवा की बिक्री हो रही है।
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सूचना के आधार पर ड्रग इंस्पेक्टर ने शहर थाना पुलिस से संपर्क किया और कीर्ति नगर चौकी प्रभारी शिव नारायण शर्मा के साथ मकान में छापेमारी की।
इस दौरान मकान मालिक गांव कर्मगढ़ निवासी संदीप बिरड़ा मौके पर नहीं मिला। विभाग की टीम ने तलाशी के दौरान दो कमरों में ऑक्सीटोसिन दवा से भरी कैनी और सैकड़ों खाली छोटी शीशियां बरामद कीं। शीशियों के पास देसी शराब की बोतलें भी पड़ी मिली।
टीम ने कैनी में भरी दवा को सील कर करके जांच हेतु चंडीगढ़ स्थित सरकारी लैब में भेज दिया है। इस मकान में की ऊपरी मंजिल में किरायेदार रहते हैं। मकान से पुलिस को एक लेटरपैड मिला, जिसमें संदीप डेयरी फार्म, पता रानियां रोड सिरसा लिखा हुआ है। पुलिस को कमरे से अश्लील साहित्य से जुड़ी पुस्तकें भी मिली हैं।
मिलावट करके बेची जाती थी शराब
प्रतिबंधित दवा की कैनियों के पास देसी शराब की काफी बोतलें मिलने से आशंका जताई जा रही है कि मकान में शराब में मिलावट का गोरखधंधा भी चल रहा था।
बड़ी सीरींज से शराब की बोतल से आधी शराब निकाल ली जाती है और पानी के साथ दवा का मिश्रण करके सीरींज के जरिये इसे शराब की बोतल में भर दिया जाता है। इससे शराब में नशे की मात्रा अधिक हो जाती है और इस मिलावटी शराब को कम दाम पर सप्लाई किया जाता है। अधिक मुनाफाखोरी के चक्कर में जिले में शराब में मिलावट का धंधा बड़े पैमाने पर चल रहा है।
गैरकानूनी है बिक्री
कैनियों में भरी मिली दवा को जैसी सूचना मिली उसी आधार पर प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन दवा माना जा रहा है। इसे चंडीगढ़ स्थित सरकारी लैब में जांच के लिए भेजा गया है। जांच के उपरांत ही पता चलेगा कि कैनियों में ऑक्सीटोसिन भरी थी या कोई और दवा। शुरूआती तौर पर इसे ऑक्सीटोसिन माना जा रहा है। इस दवा को काफी समय पहले प्रतिबंधित श्रेणी में डाला गया था। इसकी बिक्री गैर कानूनी है। पुलिस को मकान मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा कर दी गई है।
संदीप गहलान, ड्रग इंस्पेक्टर, सिरसा
घातक है ऑक्सीटोसिन
पशु चिकित्सक भारत भूषण का कहना है कि ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन में फीमेल हार्मोन होते हैं, जो पशु का ब्लड प्रेशर बढ़ा देता है। इससे दूध उतरता है। पशु के दूध का अधिक दिन तक सेवन करने से बच्चों की ग्रोथ रुक जाती है। बच्चा मंदबुद्धि होने लगता है, दिल के मरीज की तरह घबराहट होती है। अक्सर यह भी देखने को मिल रहा है कि सब्जी या फलों को जल्दी बड़ा करने के लिए कुछ लोग इस इंजेक्शन का प्रयोग करते हैं। ऐसी सब्जियों या फल का आहार लगातार होने से घातक रोक हो सकते हैं।
मकान मालिक हुआ फरार
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मकान मालिक संदीप बिरड़ा के खिलाफ शिकायत दी गई। इसके आधार पर आरोपी के खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। जल्द ही उसे गिरफ्त में लेकर पूछताछ की जाएगी। इसके बाद मकान में चल रहे हर प्रकार के गोरखधंधे से पर्दा उठेगा। पुलिस आरोपी के संबंधित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
शिव नारायण शर्मा, कीर्ति नगर चौकी प्रभारी