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Jhajjar-Bahadurgarh News: 50 हजार महीना की नाैकरी छोड़ अपनाई प्राकृतिक खेती
Mon, 12 Jan 2026 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Mon, 12 Jan 2026 01:33 AM IST
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11jjrp02- प्रगतिशील किसान अभिषेक।
झज्जर। आजकल युवाओं का रुझान खेती, पशुपालन में बहुत कम है लेकिन कुछ युवा ऐसे भी हैं जिन्होंने हजारों रुपये महीने की नियमित आय को छोड़कर खेती अपनाई और अपनी नई पहचान बनाई। ऐसे ही किसान हैं पलड़ा के 28 वर्षीय अभिषेक। उन्होंने एग्रीकल्चर में एमएससी की है। प्रगतिशील किसान बनने से पहले वह अपनी डिग्री की बदौलत निजी पेस्टीसाइड उत्पादकों की कंपनी में काम करते थे, जहां उनको हर माह 50 हजार रुपये वेतन मिलता था। एक दिन उनका काम से मन भर गया। उन्होंने अपने अनुभव में पाया कि जितना कंपनियां केमिकल लिखती है, उससे ज्यादा उनकी मात्रा होती है। इसलिए उन्होंने नौकरी छोड़कर खेती अपनाने का फैसला किया। उन्होंने तीन साल पहले अपनी खुद की केंचुआ खाद की यूनिट लगाई। आर्गेनिक यूनिट की शुरुआत में 50 बेड की लगाई थी, अब इनकी संख्या 350 से 400 बेड तक पहुंच गई है। एक बेड में 1500 से 1600 किलो गोबर और केचुएं डाले जाते हैं। इससे 700 से 800 किलोग्राम जैविक खाद तैयार होती है। उनकी यूनिट में बना जैविक खाद दिल्ली एनसीआर के अलावा जम्मू, हिमाचल में भी जाता है।
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