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हरियाणा को खेलो इंडिया में सबसे कम बजट दिया गया : दीपेंद्र हुड्डा
Wed, 21 Jan 2026 02:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 21 Jan 2026 02:18 AM IST
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फोटो-55: बहादुरगढ़ के गांव आसौदा में आयोजित कार्यक्रम में खिलाड़ियों के हाथ मिलाकर मुकाबला शुरू क
बहादुरगढ़। सांसद दीपेंद्र हुड्डा मंगलवार को कई सामाजिक कार्यक्रमों में शिरकत की। गांव आसौदा में कुश्ती प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। सांसद ने कहा कि हरियाणा को खेलो इंडिया में सबसे कम बजट दिया गया।
कॉमनवेल्थ खेल 2030 के आयोजन की मेजबानी का अवसर देश को मिला तो मेजबान प्रदेश के चयन में केंद्र की भाजपा सरकार ने हरियाणा को नहीं चुना बल्कि गुजरात का चयन किया गया। सरकार ने ओलिंपिक 2036 को भी गुजरात में कराने के लिए आधिकारिक बोली (बिडिंग) पेश करने की घोषणा की है।
सांसद ने भारत सरकार द्वारा गुजरात में घोषित कॉमनवेल्थ खेल 2030 व ओलिंपिक 2036 के लिए हरियाणा को सह मेजबान राज्य बनाने के साथ ही राज्य के खेल ढांचे में निवेश के लिए पर्याप्त बजट दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि 4 ओलिंपिक में देश को मिले मेडल में से आधे से ज्यादा हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते। पिछले ओलिंपिक में करीब 25 प्रतिशत खिलाड़ी हरियाणा से थे।
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हमें गर्व है कि 2006 के बाद से ओलिंपिक समेत जितने भी खेल हुए उनमें 50 प्रतिशत मेडल और 25 प्रतिशत खिलाड़ियों का हिस्सा हरियाणा का है। कॉमनवेल्थ खेल 2030 की मेजबानी गुजरात को मिलने से अब करोड़ों का निवेश अहमदाबाद में होगा, वहां खेल का ढांचा तैयार होगा। यदि हरियाणा को सह मेजबान राज्य बनाया जाए तो खेल का ढांचा, स्टेडियम और डेवलपमेंट पर लाखों करोड़ खर्चा हरियाणा में होगा।
सांसद ने कहा कि हरियाणा को खेलो इंडिया में सबसे कम बजट दिया गया। देश के 3500 करोड़ के खेलो इंडिया बजट में 600 करोड़ गुजरात को और सबसे ज्यादा मेडल लाने वाले हरियाणा को सिर्फ 80 करोड़ ही दिए गए जो देश के 28 प्रदेशों में सबसे कम है। इस दौरान पूर्व विधायक राजेन्द्र जून, पूर्व चेयरमैन रवि खत्री आदि मौजूद थे।
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कॉमनवेल्थ खेल 2030 के आयोजन की मेजबानी का अवसर देश को मिला तो मेजबान प्रदेश के चयन में केंद्र की भाजपा सरकार ने हरियाणा को नहीं चुना बल्कि गुजरात का चयन किया गया। सरकार ने ओलिंपिक 2036 को भी गुजरात में कराने के लिए आधिकारिक बोली (बिडिंग) पेश करने की घोषणा की है।
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सांसद ने भारत सरकार द्वारा गुजरात में घोषित कॉमनवेल्थ खेल 2030 व ओलिंपिक 2036 के लिए हरियाणा को सह मेजबान राज्य बनाने के साथ ही राज्य के खेल ढांचे में निवेश के लिए पर्याप्त बजट दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि 4 ओलिंपिक में देश को मिले मेडल में से आधे से ज्यादा हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते। पिछले ओलिंपिक में करीब 25 प्रतिशत खिलाड़ी हरियाणा से थे।
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हमें गर्व है कि 2006 के बाद से ओलिंपिक समेत जितने भी खेल हुए उनमें 50 प्रतिशत मेडल और 25 प्रतिशत खिलाड़ियों का हिस्सा हरियाणा का है। कॉमनवेल्थ खेल 2030 की मेजबानी गुजरात को मिलने से अब करोड़ों का निवेश अहमदाबाद में होगा, वहां खेल का ढांचा तैयार होगा। यदि हरियाणा को सह मेजबान राज्य बनाया जाए तो खेल का ढांचा, स्टेडियम और डेवलपमेंट पर लाखों करोड़ खर्चा हरियाणा में होगा।
सांसद ने कहा कि हरियाणा को खेलो इंडिया में सबसे कम बजट दिया गया। देश के 3500 करोड़ के खेलो इंडिया बजट में 600 करोड़ गुजरात को और सबसे ज्यादा मेडल लाने वाले हरियाणा को सिर्फ 80 करोड़ ही दिए गए जो देश के 28 प्रदेशों में सबसे कम है। इस दौरान पूर्व विधायक राजेन्द्र जून, पूर्व चेयरमैन रवि खत्री आदि मौजूद थे।