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Jhajjar-Bahadurgarh News: 30 साल से शिवभक्त कांवड़ियों की सेवा कर रहा हनुमते शिवआश्रम
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झज्जर। झज्जर से सांपला सड़क मार्ग स्थित हनुमते शिव बिटोडिया आश्रम 30 साल से कांवड़ियों के लिए शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यहां कावड़ियों के रुकने, खाने, दवा सभी प्रकार का प्रबंध किया गया है। गर्मी से बचाव के लिए वाटर कूलर लगाए गए हैं। शनिवार से इसकी शुरुआत हुई। कावड़ियों के लिए देसी खाना बनाया जाता है। कावड़ियों से पूछकर उनकी पंसद की सब्जी बनती है। भोलों के नृत्य करने के लिए डीजे का इंतजाम भी किया जाता है।
मंदिर के बाबा झज्जर गिरि ने बताया कि इस मार्ग से कांवड़ यात्रा के दौरान हजारों शिवभक्त कांवड़िये यहां से गुजरते थे लेकिन इस मार्ग पर रुकने और खानपान की कोई व्यवस्था नहीं होती थी। जिससे कांवड़ियों को परेशानी होती थी। इसी को देखते हुए मंदिर में रहने वाले लोगों ने सोचा कि सावन के महीने में यहां से गुजरने वाले हजारों शिवभक्तों की सेवा होनी चाहिए। सभी ने इसमें सहमति जताई। मंदिर सदस्यों के अलावा आसपास के गांव वाले भी इसमें आगे आए और सभी के सहयोग से करीब 30 साल पहले इसकी शुरूआत की गई।
झज्जर वार्ड चार के पार्षद दिनेश छिक्कारा ने भी बताया कि पहले यहां पर महाराज के साथ रमेश गहलौत, आजाद छिकारा व अन्य के सहयोग से शिविर लगता था। उसके बाद महादेव चौक समिति ने यहां पर शिविर लगाना शुरू कर दिया। शिविर की खास बात है कि यहां रुकने वाले कांवड़ियों से पूछकर उनकी पसंद का खाना तैयार किया जाता है। इनमें सुबह और शाम को नाश्ता दिया जाता है। दोपहर और रात को भोजन की व्यवस्था रहती है। दोनों समय ताजा भोजन बनाया जाता है। सब्जी, पूरी, तवे की रोटी, चावल, दाल, छोले, रायता आदि रोज अलग अलग चीजें बनाईं जाती हैं। इनमें देव, नफे सिंह, जयपाल, सुनिल व अन्य साथियों का पूरा सहयोग रहता है।
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भीड़ बढ़ने पर डॉक्टर की रहेगी व्यवस्था
दिनेश छिक्कारा ने बताया कि फिलहाल कावड़ियों की संख्या कम है। ऐसे में किसी को दवा की जरूरत होती है तो मौके पर डॉक्टर को बुला दिया जाता है। जैसे ही भीड़ बढे़गी, वैसे ही यहां नियमित रूप से चिकित्सक की ड्यूटी लगा दी जाएगी और भोलों के लिए दवा और उपचार आदि की भी व्यवस्था की जाएगी।
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मंदिर के बाबा झज्जर गिरि ने बताया कि इस मार्ग से कांवड़ यात्रा के दौरान हजारों शिवभक्त कांवड़िये यहां से गुजरते थे लेकिन इस मार्ग पर रुकने और खानपान की कोई व्यवस्था नहीं होती थी। जिससे कांवड़ियों को परेशानी होती थी। इसी को देखते हुए मंदिर में रहने वाले लोगों ने सोचा कि सावन के महीने में यहां से गुजरने वाले हजारों शिवभक्तों की सेवा होनी चाहिए। सभी ने इसमें सहमति जताई। मंदिर सदस्यों के अलावा आसपास के गांव वाले भी इसमें आगे आए और सभी के सहयोग से करीब 30 साल पहले इसकी शुरूआत की गई।
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झज्जर वार्ड चार के पार्षद दिनेश छिक्कारा ने भी बताया कि पहले यहां पर महाराज के साथ रमेश गहलौत, आजाद छिकारा व अन्य के सहयोग से शिविर लगता था। उसके बाद महादेव चौक समिति ने यहां पर शिविर लगाना शुरू कर दिया। शिविर की खास बात है कि यहां रुकने वाले कांवड़ियों से पूछकर उनकी पसंद का खाना तैयार किया जाता है। इनमें सुबह और शाम को नाश्ता दिया जाता है। दोपहर और रात को भोजन की व्यवस्था रहती है। दोनों समय ताजा भोजन बनाया जाता है। सब्जी, पूरी, तवे की रोटी, चावल, दाल, छोले, रायता आदि रोज अलग अलग चीजें बनाईं जाती हैं। इनमें देव, नफे सिंह, जयपाल, सुनिल व अन्य साथियों का पूरा सहयोग रहता है।
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भीड़ बढ़ने पर डॉक्टर की रहेगी व्यवस्था
दिनेश छिक्कारा ने बताया कि फिलहाल कावड़ियों की संख्या कम है। ऐसे में किसी को दवा की जरूरत होती है तो मौके पर डॉक्टर को बुला दिया जाता है। जैसे ही भीड़ बढे़गी, वैसे ही यहां नियमित रूप से चिकित्सक की ड्यूटी लगा दी जाएगी और भोलों के लिए दवा और उपचार आदि की भी व्यवस्था की जाएगी।