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भिंडावास पक्षी विहार बनेगा पर्यटन स्थल, म्हारे छोरे बनेंगे गाइड
amarujala/ jhajjar
Updated Sat, 20 May 2017 12:24 AM IST
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भिंडावास झील की पर्यटन के क्षेत्र में खास पहचान होगी। प्रदेश की सबसे बड़ी वेटलैंड को पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने के साथ-साथ झील में अधिकतम सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शुक्रवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्वयं भिंडावास पक्षी विहार पहुंचकर जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झज्जर के भिंडावास पक्षी विहार को सुंदर और रमणीय स्थल के तौर पर विकसित किया जाएगा। पर्यटन के क्षेत्र में यहां संभावनाओं को देखते हुए सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के साथ भिंडावास पक्षी विहार में बनी झील, प्राकृतिक चेतना केंद्र और पक्षियों को देखने के लिए बनाए गए वॉच टावर आदि स्थानों का निरीक्षण भी किया।
- जलकुंभी के निवारण को निकाला जाएग रास्ता
मुख्यमंत्री ने कहा कि भिंडावास पक्षी विहार को विकसित करने के लिए विभागीय स्तर पर भी अध्ययन कराया जाएगा। उन्होंने वन्य प्राणी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पक्षियों के अनुकूल वातावरण के साथ-साथ इस बात का भी उपाय निकाला जाए कि जलकुंभी का निवारण हो। यह एक अलग प्रकार के पर्यटन का बड़ा केंद्र है। यहां पर पर्यटन की दृष्टि से संभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से हर प्रकार की मदद दी जाएगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आसपास के ग्रामीणों से उनकी परेशानियों के बारे में जानकारी ली।
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- रात्रि ठहराव को बनेेगी टैंटिंग की व्यवस्था
सीएम ने बताया कि भिंडावास पक्षी विहार के बारे में उन्होंने बहुत सुना था। लेकिन इस स्थान पर वे पहली बार आए हैं। उन्होंने कहा कि भिंडावास पर्यटन के लिहाज से आकर्षण का केंद्र है। दुनियाभर से यहां पर सितंबर से मार्च माह के दौरान बड़ी संख्या प्रवासी पक्षी आते हैं। ऐसे में प्रवासी पक्षियों को देखने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। जिनमें यहां पर रात्रि ठहराव के लिए टैंटिंग, झील के सौंदर्यीकरण तथा पक्षियों व वन्य प्राणियों के लिए डिस्पेंसरी खोली जाएगी। उन्होंने कहा कि इस डिस्पेंसरी में सहायक की शीघ्र तैनाती कर दी जाएगी और सुल्तानपुर बर्ड सेंचूरी में तैनात चिकित्सक यहां के लिए ऑन कॉल उपलब्ध होंगे।
- जैन समाज बनाएगा अस्पताल
दिल्ली में वन्य जीव जंतुओं के लिए जैन समाज द्वारा स्थापित अस्पताल से भी यहां पर सहयोग लिया जाएगा। गत दिनों बहादुरगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जैन समाज ने कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ के समक्ष भी वन्य प्राणियों की देखरेख के लिए चिकित्सा केंद्र खोलने की मांग रखी थी। जिसे अब झील के बदलते स्वरूप के दौरान तैयार किया जाएगा।
- स्थानीय युवा बनेंगे गाइड
भिंडावास पक्षी विहार में मुख्यमंत्री ने अपने प्रवास के दौरान स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार की सौगात प्रदान की। भिंडावास पक्षी विहार आने वाले पर्यटकों के लिए स्थानीय युवा गाइड के तौर पर सेवाएं देंगे। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को सुझाव देते हुए कहा कि स्थानीय युवाओं को तीन महीने का विशेष प्रशिक्षण दिलाया जाए और प्रशिक्षण हासिल करने वाले युवाओं को प्रमाण-पत्र भी दें।
1017 एकड़ में फैला है पक्षी विहार
1986 में बनाया गया भिंडावास का पक्षी विहार 1017 एकड़ में फैला हुआ है। इसमें से 700 एकड़ झील का दायरा है। पक्षी विहार में हर साल देशी और विदेशी करीब 40 हजार पक्षियों का आवागमन रहता है। वर्तमान में यह झील जलकुंभी की समस्या से जूझ रही है। जिसका समाधान निकालने के लिए शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। झील के चारों तरफ 12 किलोमीटर का उबड़-खाबड़ रास्ता है। जिसे अब सही किया जाएगा।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला परिषद के चेयरमैन परमजीत सौलधा, वाइस चेयरमैन योगेश सिलानी, दिव्यांग आयोग के आयुक्त दिनेश शास्त्री, भाजपा नेता डा. धमेंद्र बबलू, भाजपा नेता आनंद सागर, सुनीता चौहान आदि गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। वही प्रशासन की ओर से उपायुक्त आरसी बिढाण, पुलिस अधीक्षक बी. सतीश बालन, प्रधान मुख्य वन्य प्राणी संरक्षक गुलशन आहूजा, एसडीएम प्रदीप कौशिक सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि झज्जर के भिंडावास पक्षी विहार को सुंदर और रमणीय स्थल के तौर पर विकसित किया जाएगा। पर्यटन के क्षेत्र में यहां संभावनाओं को देखते हुए सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के साथ भिंडावास पक्षी विहार में बनी झील, प्राकृतिक चेतना केंद्र और पक्षियों को देखने के लिए बनाए गए वॉच टावर आदि स्थानों का निरीक्षण भी किया।
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- जलकुंभी के निवारण को निकाला जाएग रास्ता
मुख्यमंत्री ने कहा कि भिंडावास पक्षी विहार को विकसित करने के लिए विभागीय स्तर पर भी अध्ययन कराया जाएगा। उन्होंने वन्य प्राणी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पक्षियों के अनुकूल वातावरण के साथ-साथ इस बात का भी उपाय निकाला जाए कि जलकुंभी का निवारण हो। यह एक अलग प्रकार के पर्यटन का बड़ा केंद्र है। यहां पर पर्यटन की दृष्टि से संभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से हर प्रकार की मदद दी जाएगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आसपास के ग्रामीणों से उनकी परेशानियों के बारे में जानकारी ली।
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- रात्रि ठहराव को बनेेगी टैंटिंग की व्यवस्था
सीएम ने बताया कि भिंडावास पक्षी विहार के बारे में उन्होंने बहुत सुना था। लेकिन इस स्थान पर वे पहली बार आए हैं। उन्होंने कहा कि भिंडावास पर्यटन के लिहाज से आकर्षण का केंद्र है। दुनियाभर से यहां पर सितंबर से मार्च माह के दौरान बड़ी संख्या प्रवासी पक्षी आते हैं। ऐसे में प्रवासी पक्षियों को देखने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। जिनमें यहां पर रात्रि ठहराव के लिए टैंटिंग, झील के सौंदर्यीकरण तथा पक्षियों व वन्य प्राणियों के लिए डिस्पेंसरी खोली जाएगी। उन्होंने कहा कि इस डिस्पेंसरी में सहायक की शीघ्र तैनाती कर दी जाएगी और सुल्तानपुर बर्ड सेंचूरी में तैनात चिकित्सक यहां के लिए ऑन कॉल उपलब्ध होंगे।
- जैन समाज बनाएगा अस्पताल
दिल्ली में वन्य जीव जंतुओं के लिए जैन समाज द्वारा स्थापित अस्पताल से भी यहां पर सहयोग लिया जाएगा। गत दिनों बहादुरगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जैन समाज ने कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ के समक्ष भी वन्य प्राणियों की देखरेख के लिए चिकित्सा केंद्र खोलने की मांग रखी थी। जिसे अब झील के बदलते स्वरूप के दौरान तैयार किया जाएगा।
- स्थानीय युवा बनेंगे गाइड
भिंडावास पक्षी विहार में मुख्यमंत्री ने अपने प्रवास के दौरान स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार की सौगात प्रदान की। भिंडावास पक्षी विहार आने वाले पर्यटकों के लिए स्थानीय युवा गाइड के तौर पर सेवाएं देंगे। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को सुझाव देते हुए कहा कि स्थानीय युवाओं को तीन महीने का विशेष प्रशिक्षण दिलाया जाए और प्रशिक्षण हासिल करने वाले युवाओं को प्रमाण-पत्र भी दें।
1017 एकड़ में फैला है पक्षी विहार
1986 में बनाया गया भिंडावास का पक्षी विहार 1017 एकड़ में फैला हुआ है। इसमें से 700 एकड़ झील का दायरा है। पक्षी विहार में हर साल देशी और विदेशी करीब 40 हजार पक्षियों का आवागमन रहता है। वर्तमान में यह झील जलकुंभी की समस्या से जूझ रही है। जिसका समाधान निकालने के लिए शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। झील के चारों तरफ 12 किलोमीटर का उबड़-खाबड़ रास्ता है। जिसे अब सही किया जाएगा।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला परिषद के चेयरमैन परमजीत सौलधा, वाइस चेयरमैन योगेश सिलानी, दिव्यांग आयोग के आयुक्त दिनेश शास्त्री, भाजपा नेता डा. धमेंद्र बबलू, भाजपा नेता आनंद सागर, सुनीता चौहान आदि गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। वही प्रशासन की ओर से उपायुक्त आरसी बिढाण, पुलिस अधीक्षक बी. सतीश बालन, प्रधान मुख्य वन्य प्राणी संरक्षक गुलशन आहूजा, एसडीएम प्रदीप कौशिक सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।