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सरकार कोरोना की आड़ में आंदोलन को बिखेरना चाहती है : रुलदू सिंह
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टीकरी बॉर्डर पर अपने नेताओं के विचार सुनते आंदोलनकारी किसान।
- फोटो : Bahadurgarh
बहादुरगढ़। टीकरी बॉर्डर पर आंदोलनकारी किसानों का धरना सोमवार को भी जारी रहा। बॉर्डर पर किसानों ने गदर आंदोलन की वर्षगांठ मनाई। इस मौके पर गदरी बाबा अमर रहे के नारे लगाए गए। कुल हिंद किसान सभा पंजाब के नेता रुलदू सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार कोरोना की आड़ में आंदोलन को बिखेरना चाहती है। जबकि किसी भी किसान को कोरोना नहीं है, हम कोई वैक्सीन नहीं लगवाएंगे। सरकार किसानों को जबरन नहीं उठा सकती। खट्टर के परिवार से कोई भी फौज में नहीं है, फौज में किसानों के बच्चे हैं। किसी से डरने की जरूरत नहीं है। फौजी अपने आंदोलनकारी माता-पिता पर लठ नहीं बरसा सकतेे। उन्होंने कहा कि किसानों का मई में दिल्ली कूच का प्रोग्राम रद्द हो सकता है। आंदोलन को मजबूत बनाए रखने के लिए फिलहाल दिल्ली जाना ठीक नहीं है।
उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के प्रोग्राम बनते हैं और बिगड़ते भी हैं। हम मई में दिल्ली कूच का प्रोग्राम रद्द कर भी सकते हैं, क्योंकि किसान नेताओं पर दिल्ली में मुकदमे दर्ज हैं। वे दिल्ली जाएंगे तो उनको गिरफ्तार कर लेंगे और आंदोलन फेल हो जाएगा। अगर दिल्ली कूच करें और किसानों को आगे करके हम पीछे चलें तो आगे चलने वाले किसानो के साथ प्रशासन कोई भी घटना कर सकता है, फिर किसान कहेंगे कि किसान नेता तो पीछे चल रहे है हमें आगे नहीं चलना चाहिए था। रलदू सिंह ने कहा कि हमें शहीदों की कुर्बानी को कभी नहीं भूलना चाहिए। वीरान पड़ी टोडरमल शाह की हवेली का जीर्णोद्धार जरूर करवाना चाहिए। ये तीर्थ हैं, हमें इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।
भाकियू डकोंदा के बलदेव भाईरूपा ने कहा कि हमेें इस आंदोलन में बैठे करीब पांच महीने हो चुके हैं। किसान धूप में बैठे हैं। यह केवल पंजाब की लड़ाई नहीं है। पूरे देश के किसानों की लड़ाई है। हम तीन गलत कृषि कानूनों को रद्द करवाने के लिए लड़ रहे हैं। यह लड़ाई नई आजादी लाने की है। सरकार ने इन तीन कानूनों को किसानों पर जबरदस्ती थोपा है। हम कानूनों को रद्द करवाकर ही अपने घर जाएंगे।
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कलकल खाप के प्रधान रोहतक से आए राजपाल ने कहा कि अगर बीजेपी सरकार ने आंदोलन में बैठे किसी भी किसान के साथ छेड़खानी की तो सरकार को परिणाम भुगतने होंगे। हिसार के घिराय से आए सुनीता व सतीश ने भी विचार व्यक्त किए। घिराय से लाकर 80 लीटर दूध किसानों को बांटने के लिए सतीश को पटका पहनाकर सम्मानित किया गया। डीघर के डिंपी पहलवान, रोहतक के जयपाल कुंडू ने भी सभा में अपने विचार व्यक्त किए। हिसार की करीब 30 महिलाएं भी किसानों के धरने पर पहुंची।
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उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के प्रोग्राम बनते हैं और बिगड़ते भी हैं। हम मई में दिल्ली कूच का प्रोग्राम रद्द कर भी सकते हैं, क्योंकि किसान नेताओं पर दिल्ली में मुकदमे दर्ज हैं। वे दिल्ली जाएंगे तो उनको गिरफ्तार कर लेंगे और आंदोलन फेल हो जाएगा। अगर दिल्ली कूच करें और किसानों को आगे करके हम पीछे चलें तो आगे चलने वाले किसानो के साथ प्रशासन कोई भी घटना कर सकता है, फिर किसान कहेंगे कि किसान नेता तो पीछे चल रहे है हमें आगे नहीं चलना चाहिए था। रलदू सिंह ने कहा कि हमें शहीदों की कुर्बानी को कभी नहीं भूलना चाहिए। वीरान पड़ी टोडरमल शाह की हवेली का जीर्णोद्धार जरूर करवाना चाहिए। ये तीर्थ हैं, हमें इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।
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भाकियू डकोंदा के बलदेव भाईरूपा ने कहा कि हमेें इस आंदोलन में बैठे करीब पांच महीने हो चुके हैं। किसान धूप में बैठे हैं। यह केवल पंजाब की लड़ाई नहीं है। पूरे देश के किसानों की लड़ाई है। हम तीन गलत कृषि कानूनों को रद्द करवाने के लिए लड़ रहे हैं। यह लड़ाई नई आजादी लाने की है। सरकार ने इन तीन कानूनों को किसानों पर जबरदस्ती थोपा है। हम कानूनों को रद्द करवाकर ही अपने घर जाएंगे।
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कलकल खाप के प्रधान रोहतक से आए राजपाल ने कहा कि अगर बीजेपी सरकार ने आंदोलन में बैठे किसी भी किसान के साथ छेड़खानी की तो सरकार को परिणाम भुगतने होंगे। हिसार के घिराय से आए सुनीता व सतीश ने भी विचार व्यक्त किए। घिराय से लाकर 80 लीटर दूध किसानों को बांटने के लिए सतीश को पटका पहनाकर सम्मानित किया गया। डीघर के डिंपी पहलवान, रोहतक के जयपाल कुंडू ने भी सभा में अपने विचार व्यक्त किए। हिसार की करीब 30 महिलाएं भी किसानों के धरने पर पहुंची।