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शहीद सरदार सिंह के नाम पर होगा सरकारी स्कूल का नामकरण

Wed, 05 Jan 2022 01:45 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 05 Jan 2022 01:45 AM IST
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Government school will be named after Shaheed Sardar Singh
बहादुरगढ़। वर्ष 1962 में चीन के साथ हुए युद्ध में शहीद हुए गांव जसौरखेड़ी के लांस नायक सरदार सिंह के परिवार का संघर्ष कई सालों बाद काम आया है। मरणोपरांत वीर चक्र विजेता शहीद सरदार सिंह के नाम पर अब गांव के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का नामकरण होगा।
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मुख्यमंत्री और सांसद अरविंद शर्मा की सिफारिश पर स्कूल का नाम शहीद के नाम पर करने की स्वीकृति उपायुक्त ने दी है। अब बहुत जल्द ही शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल के भवन व रिकॉर्ड में शहीद सरदार सिंह के नाम पर स्कूल का नाम अंकित करवा दिया जाएगा। शहीद सरदार सिंह के स्वजनों ने शिक्षा विभाग के अधिकारी, उपायुक्त, सांसद अरविंद शर्मा व मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आभार जताया है। शहीद सरदार सिंह को सम्मान दिलवाने के लिए उनके भाई खजान सिंह ने लंबा संघर्ष किया। भारतीय जनता पार्टी के जिला प्रवक्ता दिनेश शेखावत ने कहा कि स्कूल का नामकरण शहीद सरदार सिंह के नाम पर होने से गांव जसौरखेड़ी ही नहीं अन्य स्थानों के युवाओं को भी देशभक्ति की प्रेरणा मिलेगी।
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गांव जसौर खेड़ी निवासी शहीद सरदार सिंह के पोते रोमी तहलान ने बताया कि उनके दादा सरदार सिंह का जन्म 12 मई 1939 को हुआ था। 1956 में उन्होंने आर्मी इन्फेंट्री यूनिट-2 ग्रेनेडियर ज्वाइन की थी। चीन युद्ध के दौरान 20 अक्टूबर 1962 को नेफा में ग्रेनेडियर्स बटालियन को पीछे हटने के लिए आदेश दिया गया, मगर लांस नायक सरदार सिंह अपने सेक्शन में कमांड करने में दूसरे स्थान पर थे। एक ताकतवर चीनी टुकड़ी नामकाचू नदी के विपरीत किनारे पर घात लगाए बैठी थी और उन्होंने पीछे हटने के रास्ते को बंद कर दिया। सरदार सिंह की टुकड़ी को सुरक्षा के साथ पीछे हटने की चुनौती दी गई। मुख्य सेक्शन का मुखिया होने के नाते सरदार सिंह ने यह ध्यान रखा कि टुकड़ी शत्रुओं पर फायरिंग जारी रखे। उन्होंने अपनी टुकड़ी को इकट्ठा रखने का काम किया। इसी दौरान सरदार सिंह खुद शत्रु चीन के सैनिक की गोली का शिकार हो गए। लांस नायक सरदार सिंह ने साहस का परिचय दिया और अपने कर्तव्य के प्रति झुकाव व्यक्त किया। इनके साहस और वीरता को देखते हुए भारत सरकार ने मरणोपरांत उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया था।
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