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Jhajjar-Bahadurgarh News: बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया
Tue, 30 Jan 2024 03:08 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Tue, 30 Jan 2024 03:08 AM IST
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गांव दुबलधन में महिला एवं बाल विकास परियोजना अभियान के तहत महिलाओं को जागरूक करते हुए अधिका
बेरी। गांव दुबलधन में महिला एवं बाल विकास परियोजना डीघल की ओर से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी डीघल सबिता मलिक ने की। इस कार्यक्रम में केवल दो बेटियों की माताओं को सम्मानित किया गया।
इस उपलक्ष्य में गांव की महिलाओं की स्लोगन लेखन प्रतियोगिता भी की गई। इसमें महिलाओं ने बहुत ही अच्छे संदेश देने वाले स्लोगन लिखे। कार्यक्रम का उद्देश्य लिंग भेद को समाप्त करना तथा बेटा व बेटी को आगे बढ़ने के समान मौके देना था। महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी सबिता मलिक ने संबोधित करते हुए महिलाओं को आह्वान किया कि वो बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान में बढ़ चढ़ कर भाग लें, यदि गांव में कोई कन्या भ्रूण हत्या करवाता है तो उस टेस्ट केंद्र की सूचना दें ताकि उन पर कठोर कार्रवाई की जा सके। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। इसके साथ-साथ हमें ऐसा वातावरण भी बनाना होगा, जिसमें माताएं बच्चियों को जन्म देने से न घबराएं। बच्चियां बचाने के लिए दहेज, घरेलू हिंसा, यौन हिंसा जैसी बुराइयों के खिलाफ भी लड़ना होगा। आज देश में बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं देश का नाम रोशन कर रही हैं। कोई काम ऐसा नहीं है जो लड़कियां या महिलाएं नहीं कर सकती। अंत बेटियां पैदा करने में शर्म नहीं गर्व महसूस करें। स्लोगन प्रतियोगिता में सुनीता ने प्रथम, सुनिता ने द्वितीय व उषा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।इस मौके पर सुपरवाइजर आशा कादयान, रेखा व आंगनबाड़ी वर्करों ने भाग लिया।
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इस उपलक्ष्य में गांव की महिलाओं की स्लोगन लेखन प्रतियोगिता भी की गई। इसमें महिलाओं ने बहुत ही अच्छे संदेश देने वाले स्लोगन लिखे। कार्यक्रम का उद्देश्य लिंग भेद को समाप्त करना तथा बेटा व बेटी को आगे बढ़ने के समान मौके देना था। महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी सबिता मलिक ने संबोधित करते हुए महिलाओं को आह्वान किया कि वो बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान में बढ़ चढ़ कर भाग लें, यदि गांव में कोई कन्या भ्रूण हत्या करवाता है तो उस टेस्ट केंद्र की सूचना दें ताकि उन पर कठोर कार्रवाई की जा सके। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। इसके साथ-साथ हमें ऐसा वातावरण भी बनाना होगा, जिसमें माताएं बच्चियों को जन्म देने से न घबराएं। बच्चियां बचाने के लिए दहेज, घरेलू हिंसा, यौन हिंसा जैसी बुराइयों के खिलाफ भी लड़ना होगा। आज देश में बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं देश का नाम रोशन कर रही हैं। कोई काम ऐसा नहीं है जो लड़कियां या महिलाएं नहीं कर सकती। अंत बेटियां पैदा करने में शर्म नहीं गर्व महसूस करें। स्लोगन प्रतियोगिता में सुनीता ने प्रथम, सुनिता ने द्वितीय व उषा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।इस मौके पर सुपरवाइजर आशा कादयान, रेखा व आंगनबाड़ी वर्करों ने भाग लिया।
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