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Jhajjar-Bahadurgarh News: बादली में लगा कूड़े का ढेर
Mon, 14 Oct 2024 03:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Mon, 14 Oct 2024 03:31 AM IST
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फोटो 71: बादली में पंजाब नेशनल बैंक के साथ लगा कूड़े का ढेर।
बादली। एक तरफ जहां त्योहारी सीजन के चलते सफाई पर जोर दिया जा रहा है, वहीं दूसरी गांवों के प्रमुख चौक चौराहों पर गंदगी की भरमार है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। निस्तारित नहीं होने से दुर्गंध उठ रही हैं। इससे लोगों को मुंह ढककर आना-जाना पड़ रहा है।
बादली गांव की गलियों में गंदे पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं है। कूड़े के ढेर से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बस स्टैंड और पंजाब नेशनल बैंक के पास पड़ा कूड़ा स्वच्छता अभियान की पोल खोल रहा है। जबकि सबसे बुरा हाल बाबा मोहनदार मंदिर के पास है जहां से लोगों का निकलना भी मुश्किल हो गया है।
गांवों के बीच पड़ी गंदगी से बीमारी फैलने का अंदेशा भी बना है। गांव के बस स्टैंड की जगह में गांव का कूड़ा डाला जाता है। इससे बादली के ग्रामीणों के साथ अन्य गांवों से आने वाली सवारियों को भी परेशानी हो रही है। सवारियों को दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। स्वच्छता के नाम पर गांवों में अभियान तो चलाए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका असर देखने को नहीं मिलता।
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दो एकड़ जमीन दी समाधान नहीं
पूर्व में पंचायत की ओर से कूड़ाघर के लिए दो एकड़ जमीन दी गई, लेकिन जमीन इस्माइलपुर रोड पर है, जोकि गांव से करीब 2 किलोमीटर दूर है। ऐसे में सफाई कर्मचारी गांव में बस स्टैंड के लिए निर्धारित जमीन पर कूड़ा डाल रहे हैं। इसकी वजह से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
20 हजार आबादी पर 12 सफाई कर्मचारी
बादली निवासी जोगेंद्र और जगदीश का कहना है कि बादली गांव की आबादी करीब 20 हजार है। गांव में पंचायत के लिए कुल 20 वार्ड बनाए गए हैं, जबकि सफाई की जिम्मेदारी के लिए मात्र 12 कर्मचारी ही नियुक्त हैं। वर्षों से सफाई कर्मचारियों को बढ़ाने की मांग उठाई जा रही है। अभी तक कर्मचारियों की संख्या में इजाफा नहीं किया गया है। इसके अतिरिक्त आबादी और रिहायशी क्षेत्र में दिनों दिन बढ़ोतरी हो रही है।
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बादली गांव की गलियों में गंदे पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं है। कूड़े के ढेर से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बस स्टैंड और पंजाब नेशनल बैंक के पास पड़ा कूड़ा स्वच्छता अभियान की पोल खोल रहा है। जबकि सबसे बुरा हाल बाबा मोहनदार मंदिर के पास है जहां से लोगों का निकलना भी मुश्किल हो गया है।
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गांवों के बीच पड़ी गंदगी से बीमारी फैलने का अंदेशा भी बना है। गांव के बस स्टैंड की जगह में गांव का कूड़ा डाला जाता है। इससे बादली के ग्रामीणों के साथ अन्य गांवों से आने वाली सवारियों को भी परेशानी हो रही है। सवारियों को दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। स्वच्छता के नाम पर गांवों में अभियान तो चलाए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका असर देखने को नहीं मिलता।
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दो एकड़ जमीन दी समाधान नहीं
पूर्व में पंचायत की ओर से कूड़ाघर के लिए दो एकड़ जमीन दी गई, लेकिन जमीन इस्माइलपुर रोड पर है, जोकि गांव से करीब 2 किलोमीटर दूर है। ऐसे में सफाई कर्मचारी गांव में बस स्टैंड के लिए निर्धारित जमीन पर कूड़ा डाल रहे हैं। इसकी वजह से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
20 हजार आबादी पर 12 सफाई कर्मचारी
बादली निवासी जोगेंद्र और जगदीश का कहना है कि बादली गांव की आबादी करीब 20 हजार है। गांव में पंचायत के लिए कुल 20 वार्ड बनाए गए हैं, जबकि सफाई की जिम्मेदारी के लिए मात्र 12 कर्मचारी ही नियुक्त हैं। वर्षों से सफाई कर्मचारियों को बढ़ाने की मांग उठाई जा रही है। अभी तक कर्मचारियों की संख्या में इजाफा नहीं किया गया है। इसके अतिरिक्त आबादी और रिहायशी क्षेत्र में दिनों दिन बढ़ोतरी हो रही है।