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Jhajjar-Bahadurgarh News: मूषक पर रिद्धि-सिद्धि के साथ विराजेंगे गणपति, 7 को होगा कार्यक्रम
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बहादुरगढ़ में गणपति धाम में स्थित गणेश जी की प्रतिमा।
बहादुरगढ़। सभी को सुख दे, शांति देने, काटे सभी क्लेश, हर बाधा को दूर कर, मंगल करें गणेश। 7 सितंबर से शुरू हो रहे गणपति उत्सव की तैयारी जोर शोर से चल रही। खास बात है कि इस बार मूषक पर रिद्धि-सिद्धि के साथ गणपति जी विराजेंगे।
शहर में विभिन्न स्थानों पर गणपति उत्सव मनाया जाता है। विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम होते हैं। गणपति धाम में आकर्षक कार्यक्रम किया जाता है।अबकी बार मूषक पर रिद्धि-सिद्धि के साथ गणपति विराजेंगे। शहर में विभिन्न स्थानों पर गणपति उत्सव मनाया जाता है। गणपति धाम में आकर्षक कार्यक्रम किया जाता है। अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश जी की धूमधाम से विदाई की जाती है। 9वां गणपति उत्सव सांखोल स्थित गणपति मंगलधाम में 9वां गणपति उत्सव शनिवार 7 सितंबर को धूमधाम से मनाया जाएगा। धाम के चेयरमैन अशोक गुप्ता ने बताया कि उक्त आयोजन महामंडलेश्वर श्री स्वामी गणेशानंद गिरि महाराज के सान्निध्य में होगा। इसमें आचार्य घनश्याम शास्त्री मुख्यातिथि होंगे। उन्होंने बताया कि सुबह 8 बजे गणपति जी का वस्त्र श्रृंगार होगा। सवा 10 बजे हवन होगा। सुबह 11 बजे गणपति चरण पूजा कार्यक्रम और इसके बाद भंडारा व प्रसाद वितरण कार्यक्रम होगा।
पंचांग मुहूर्त के अनुसार गणेश जी को घर पर लाएं
ज्योतिषाचार्य लालचंद कॉलोनी निवासी रमेश भगत ने बताया कि पंचांग के अनुसार इस दिन के चौघड़िया को ध्यान में रखकर ही भगवान गणेश को घर पर स्थापित करें। इस अवधि में स्थित और चर लग्न भी शुभ हैं। भगवान गणेश का जन्म मध्याहन काल के दौरान हुआ था इसलिए मध्याहन के समय को गणेश पूजा के लिए ज्यादा उपयुक्त माना जाता है।
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बप्पा की मिट्टी मूर्ति लाना शुभ
बाजार में गणेश प्रतिमा बिकनी शुरू हेा गई है। ज्योतिषाचार्य रमेश भगत ने बताया कि गणेश प्रतिमा मिट्टी की होनी चाहिए। विसर्जन के बाद प्रदूषण न फैले। शास्त्रों में कहा गया है कि हर रंग की मूर्ति के पूजन का फल भी अलग होता है। पीले और लाल रंग की मूर्ति की उपासना को शुभ माना गया है। पीले रंग की प्रतिमा की उपासना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। चार भुजाओं वाले लाल गणपति की उपासना से सभी संकट दूर होते हैं। बैठे हुए गणपति की मूर्ति ही खरीदें। गणेश जी की ऐसी मूर्ति ही घर के लिए खरीदें, जिसमें उनकी सूंड बाई ओर मुड़ी हुई हो।
स्थापना के शुभ समय
-शुभ चौघड़िया : सुबह 7:36 बजे से सुबह 9:10 बजे तक।
-वृश्चिक स्थिर लग्न : सुबह 11:24 से दोपहर 1:42 बजे तक।
-अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:53 से 12:43 मिनट तक।
-राहुकाल त्याज्य समय : सुबह 9 बजे से सुबह 10:30 बजे तक।
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शहर में विभिन्न स्थानों पर गणपति उत्सव मनाया जाता है। विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम होते हैं। गणपति धाम में आकर्षक कार्यक्रम किया जाता है।अबकी बार मूषक पर रिद्धि-सिद्धि के साथ गणपति विराजेंगे। शहर में विभिन्न स्थानों पर गणपति उत्सव मनाया जाता है। गणपति धाम में आकर्षक कार्यक्रम किया जाता है। अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश जी की धूमधाम से विदाई की जाती है। 9वां गणपति उत्सव सांखोल स्थित गणपति मंगलधाम में 9वां गणपति उत्सव शनिवार 7 सितंबर को धूमधाम से मनाया जाएगा। धाम के चेयरमैन अशोक गुप्ता ने बताया कि उक्त आयोजन महामंडलेश्वर श्री स्वामी गणेशानंद गिरि महाराज के सान्निध्य में होगा। इसमें आचार्य घनश्याम शास्त्री मुख्यातिथि होंगे। उन्होंने बताया कि सुबह 8 बजे गणपति जी का वस्त्र श्रृंगार होगा। सवा 10 बजे हवन होगा। सुबह 11 बजे गणपति चरण पूजा कार्यक्रम और इसके बाद भंडारा व प्रसाद वितरण कार्यक्रम होगा।
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पंचांग मुहूर्त के अनुसार गणेश जी को घर पर लाएं
ज्योतिषाचार्य लालचंद कॉलोनी निवासी रमेश भगत ने बताया कि पंचांग के अनुसार इस दिन के चौघड़िया को ध्यान में रखकर ही भगवान गणेश को घर पर स्थापित करें। इस अवधि में स्थित और चर लग्न भी शुभ हैं। भगवान गणेश का जन्म मध्याहन काल के दौरान हुआ था इसलिए मध्याहन के समय को गणेश पूजा के लिए ज्यादा उपयुक्त माना जाता है।
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बप्पा की मिट्टी मूर्ति लाना शुभ
बाजार में गणेश प्रतिमा बिकनी शुरू हेा गई है। ज्योतिषाचार्य रमेश भगत ने बताया कि गणेश प्रतिमा मिट्टी की होनी चाहिए। विसर्जन के बाद प्रदूषण न फैले। शास्त्रों में कहा गया है कि हर रंग की मूर्ति के पूजन का फल भी अलग होता है। पीले और लाल रंग की मूर्ति की उपासना को शुभ माना गया है। पीले रंग की प्रतिमा की उपासना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। चार भुजाओं वाले लाल गणपति की उपासना से सभी संकट दूर होते हैं। बैठे हुए गणपति की मूर्ति ही खरीदें। गणेश जी की ऐसी मूर्ति ही घर के लिए खरीदें, जिसमें उनकी सूंड बाई ओर मुड़ी हुई हो।
स्थापना के शुभ समय
-शुभ चौघड़िया : सुबह 7:36 बजे से सुबह 9:10 बजे तक।
-वृश्चिक स्थिर लग्न : सुबह 11:24 से दोपहर 1:42 बजे तक।
-अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:53 से 12:43 मिनट तक।
-राहुकाल त्याज्य समय : सुबह 9 बजे से सुबह 10:30 बजे तक।